एलाड़मड़गु कैंप के पास एरिया सर्चिंग के दौरान हुआ जोरदार धमाका, घायल जवानों को भद्राचलम रेफर किया गया
चार जवान घायल
ब्लास्ट में CRPF की 50वीं वाहिनी के चार जवान घायल हुए हैं। धमाके के बाद मौके पर मौजूद दूसरे जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए कोंटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया।
भद्राचलम रेफर
कोंटा CHC में शुरुआती इलाज के बाद चारों जवानों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। घायल जवानों को तेलंगाना के भद्राचलम ले जाया जा रहा है। उनकी हालत को लेकर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। सुरक्षा बलों के अधिकारी भी लगातार पूरे घटनाक्रम की जानकारी ले रहे हैं।
IED ने बढ़ाई चिंता
कोंटा और आसपास का इलाका सुरक्षा बलों के लिए पहले से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। जंगल के रास्तों और कैंप के आसपास IED मिलने का खतरा लगातार बना रहता है। सर्चिंग के दौरान जवानों को जमीन के नीचे दबे विस्फोटकों की तलाश करनी पड़ती है। यही काम सबसे ज्यादा जोखिम भरा होता है। जरा सी चूक भारी पड़ सकती है।
नक्सलियों की रणनीति
सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए IED का इस्तेमाल नक्सलियों की पुरानी रणनीति रही है। जंगल के रास्तों, पगडंडियों और सुरक्षा बलों की आवाजाही वाले इलाकों में विस्फोटक छिपाकर रखे जाते हैं। इन्हें खोजने के बाद निष्क्रिय करना भी उतना ही खतरनाक है। एलाड़मड़गु की घटना ने एक बार फिर इसी खतरे को सामने ला दिया है।
पहले CHC, फिर हायर सेंटर
घटना के तुरंत बाद घायल जवानों को कोंटा CHC पहुंचाना सबसे पहली प्राथमिकता रही। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजने का फैसला किया। इसके बाद जवानों को भद्राचलम रेफर किया गया। प्रशासन और सुरक्षा बलों की टीम उनकी मेडिकल स्थिति पर नजर रख रही है।
सीएम साय ने जताया दुख
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घायल जवानों के प्रति दुख जताया है। उन्होंने जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने घायल जवानों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
ऑपरेशन में बढ़ी सतर्कता
ब्लास्ट के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने अपनी सतर्कता और बढ़ा दी है। सर्चिंग के दौरान अब आसपास के क्षेत्र की दोबारा जांच की जा रही है, ताकि कोई दूसरा विस्फोटक या संदिग्ध सामान न रह जाए। फिलहाल सबसे बड़ा फोकस घायल जवानों के इलाज और उनकी सुरक्षित हालत पर है।
FAQ
1. सुकमा में IED ब्लास्ट कहां और कैसे हुआ?
सुकमा के कोंटा इलाके में एलाड़मड़गु कैंप के पास सर्चिंग के दौरान IED ब्लास्ट हुआ। जवान विस्फोटक निष्क्रिय कर रहे थे, तभी अचानक धमाका हो गया।
2. सुकमा IED ब्लास्ट में कितने जवान घायल हुए?
इस धमाके में CRPF की 50वीं वाहिनी के चार जवान घायल हुए हैं। सभी को तुरंत कोंटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया।
3. घायल CRPF जवानों को इलाज के लिए कहां भेजा गया?
चारों घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए तेलंगाना के भद्राचलम रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।