सूरजपुर डबल मर्डर का खुलासा : सहेली के पति ने ही की थी शिक्षिका और उसके 17 साल के बेटे की हत्या
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर (Surajpur Double Murder Case) जिले में हुए दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई है। बिश्रामपुर पुलिस ने शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 36 वर्षीय प्रवेश कुमार के रूप में हुई है। वह मृतका की सहेली का पति है। दोनों शिक्षिकाएं एक ही स्कूल में कार्यरत थीं।
पुलिस के अनुसार आरोपी को (Surajpur Teacher Murder) शिक्षिका के बैंक लोन की जानकारी थी। वह उनसे पैसे मांगने घर पहुंचा था। पैसे देने से इनकार करने पर उसने शिक्षिका की हत्या कर दी। इसके बाद पहचान उजागर होने के डर से उनके बेटे को भी मार डाला। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
9 अक्टूबर को हुई थी मां-बेटे की हत्या
शिक्षिका रजनी बरेठ (Mother Son Murder Case) अपने 17 वर्षीय बेटे सुजल के साथ रहती थीं। दोनों का घर बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवनगर में था। वे ममता कॉलोनी में किराये के मकान में रहते थे।
पुलिस जांच के अनुसार 9 अक्टूबर को दोनों की हत्या हुई थी। अगले दिन सुजल का शव जयनगर थाना क्षेत्र में मिला। उसका शव सड़क किनारे झाड़ियों के पास पड़ा था। घटनास्थल घर से करीब 20 किलोमीटर दूर बताया गया।
दूसरी ओर शिक्षिका का शव उनके घर के बाथरूम में मिला। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।
बहन ने किया फोन तो मोबाइल मिला बंद
घटना का पता शिक्षिका की बहन के फोन करने से चला। उन्होंने 9 अक्टूबर को रजनी से संपर्क करने की कोशिश की। मोबाइल बंद मिलने पर उन्हें चिंता हुई।
अगले दिन वे बिश्रामपुर थाने पहुंचीं। वहां उन्हें भांजे सुजल का शव मिलने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने शिक्षिका की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान रजनी का शव उनके घर में मिला।
मां-बेटे की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से मिला पहला सुराग
दोनों हत्याओं के बीच संबंध मिलने पर विशेष जांच शुरू हुई। पुलिस ने आसपास के (छत्तीसगढ़ डबल मर्डर) सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। एक फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति शिक्षिका के घर जाता दिखा।
संदिग्ध ने काली टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके सिर पर सफेद गमछा भी था। वह काफी देर तक शिक्षिका के घर में रुका था।
जांच के दौरान पुलिस को एक और महत्वपूर्ण फुटेज मिला। उसमें संदिग्ध जैसी वेशभूषा वाला व्यक्ति कार धुलवाने पहुंचा था। पुलिस ने कार का नंबर पता किया।
कार का रजिस्ट्रेशन नंबर CG 15 EG 7101 सामने आया। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस वाहन मालिक तक पहुंची। पूछताछ में प्रवेश कुमार का नाम सामने आया।
19 लाख के लोन पर थी आरोपी की नजर
पुलिस के मुताबिक प्रवेश कुमार की पत्नी शिक्षिका रजनी की सहकर्मी थी। दोनों महिलाओं की दोस्ती के कारण परिवारों में परिचय था। आरोपी का रजनी के घर आना-जाना भी था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे पैसों की जरूरत थी। उसने मोटर पार्ट्स के व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपए का लोन लिया था। उसे जानकारी मिली थी कि रजनी ने 19 लाख रुपए का लोन लिया है।
आरोपी को उम्मीद थी कि वह रजनी से पैसे ले सकेगा। इसी मकसद से वह 9 अक्टूबर को उनके घर पहुंचा था।
पैसे देने से मना किया तो कर दी हत्या
पुलिस के अनुसार आरोपी 9 अक्टूबर की दोपहर बिश्रामपुर पहुंचा था। उसने पहले अपनी कार वॉशिंग सेंटर पर खड़ी की। वहां से वह पैदल शिक्षिका के घर गया।
उस समय घर पर सुजल मौजूद था। आरोपी ने उससे मोबाइल चार्जर मांगा। चार्जर नहीं मिलने पर वह वापस चला गया।
शाम को आरोपी दोबारा रजनी के घर पहुंचा। उस समय सुजल ट्यूशन पढ़ने गया हुआ था। आरोपी ने शिक्षिका से पैसे मांगे। रजनी ने पैसे देने से इनकार कर दिया।
पुलिस के मुताबिक इसी बात पर आरोपी ने हमला कर दिया। उसने स्टील की बोतल से शिक्षिका के सिर पर वार किया। रजनी ने बचने के लिए बाहर निकलने की कोशिश की।
आरोपी उन्हें खींचकर बाथरूम की ओर ले गया। वहां दोनों के बीच संघर्ष हुआ। पुलिस पूछताछ के अनुसार आरोपी ने पैर से गला दबाकर हत्या कर दी।
बेटे को बहाने से कार में बैठाया
शिक्षिका की हत्या के बाद आरोपी को पकड़े जाने का डर सताने लगा। सुजल ने उसे दिन में घर आते देखा था। आरोपी को आशंका थी कि किशोर उसकी पहचान बता सकता है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने सुजल की हत्या की योजना बनाई। वह शिक्षिका की स्कूटी लेकर घर से निकला। स्कूटी को पेट्रोल पंप के आगे खड़ा कर दिया। इसके बाद अपनी कार लेकर वापस आया।
रात करीब नौ बजे सुजल ट्यूशन से लौट रहा था। आरोपी ने रास्ते में उसे रोक लिया। उसने बताया कि उसकी मां उसके घर पर है। मां से मिलने की बात कहकर वह सुजल को कार में बैठाकर ले गया।
अंबिकापुर ले जाकर सुजल को मारा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुजल को अंबिकापुर लेकर गया। वहां उसने किशोर को मैगी भी खिलाई। इसके बाद वह कार लेकर सुनसान इलाके में पहुंचा।
राई जंगल के पास आरोपी ने कार रोकी। उसने बाथरूम जाने का बहाना बनाया। इसके बाद कार में बैठे सुजल पर हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने स्टॉल से सुजल का गला कस दिया। किशोर ने बचने की कोशिश की। वह कार से उतरकर भागने लगा।
आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे का टुकड़ा उठाया। उससे सुजल के सिर और सीने पर वार किए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने शव कार में रखा। उसने शव को कालीघाट के पास सुनसान जगह फेंक दिया।
सबूत मिटाने के लिए कार धुलवाई
दोनों हत्याओं के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक उसने सुजल के दो मोबाइल छिपा दिए। शिक्षिका का मोबाइल भी दूसरी जगह रख दिया।
सुजल के मोबाइल आरोपी के घर में छिपाए गए थे। रजनी का मोबाइल अंबिकापुर स्थित उसके ससुराल में रखा गया था।
आरोपी ने हत्या के बाद अपनी कार भी धुलवाई। वह जयनगर स्थित कार वॉशिंग सेंटर पहुंचा। पुलिस के अनुसार उसने खून लगे कार मैट को जला दिया।
हालांकि सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल चुका था। आरोपी की निशानदेही पर कार और अन्य सामान बरामद किए गए।
12 दिन की जांच के बाद गिरफ्तारी
सूरजपुर पुलिस (Surajpur Police Arrest) को दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में 12 दिन लगे। जांच के दौरान कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने संदिग्ध वाहन की जानकारी भी जुटाई।
सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा के निर्देशन में जांच हुई। सूरजपुर एसपी योगेश कुमार पटेल ने जांच की निगरानी की। एएसपी योगेश देवांगन और एसडीओपी अभिषेक पैंकरा ने भी टीम का मार्गदर्शन किया।
विश्रामपुर और जयनगर पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच की। अंबिकापुर साइबर सेल की टीम ने तकनीकी सहायता दी।
पुलिस ने आरोपी प्रवेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वह मूल रूप से हरियाणा के करनाल क्षेत्र का निवासी बताया गया है। वर्तमान में वह बिश्रामपुर की चोपड़ा कॉलोनी में रह रहा था।
पुलिस ने हत्या से जुड़े सामान भी बरामद किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।