सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड: कुलदीप समेत 3 दोषियों को फांसी, चौथे को मरते दम तक उम्रकैद

Harrison Masih | Oct 08, 2026, 13:43 IST
सूरजपुर हत्याकांड के दोषियों को फांसी
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं चौथे आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा दी गई है। मामले में कोर्ट ने 29 सितंबर को चारों आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया था।

पीड़ित पक्ष के वकील संजय अंबस्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी का बताते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी।



क्या है सूरजपुर का मां-बेटी हत्याकांड?

यह सनसनीखेज वारदात अक्टूबर 2024 में हुई थी। हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उनकी नाबालिग बेटी की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई।



आरोपियों ने दोनों शवों को घर से करीब 5 किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया था। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था।



कोर्ट से बाहर हंसता नजर आया था मुख्य आरोपी

29 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद जब मुख्य आरोपी कुलदीप साहू कोर्ट से बाहर निकला था, तब वह हंसता हुआ नजर आया था। उसने पत्रकारों की ओर स्माइली का इशारा भी किया था और वीडियो बनाने के लिए कहा था।



मामले की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई।




विवाद से शुरू हुई थी कहानी

मामले की पृष्ठभूमि अक्टूबर 2024 में हुए एक विवाद से जुड़ी बताई गई। 9 अक्टूबर की रात शहनाज अख्तर के जगराता कार्यक्रम के दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का कुछ युवकों से विवाद हुआ था।



इसके दो दिन बाद पुलिस संदीप साहू को थाने ले गई। आरोप लगाया गया कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई। इसी घटना से कुलदीप साहू नाराज था और उसने अपने भाई के साथ कथित तौर पर मारपीट करने वालों को निशाना बनाने की योजना बनाई।



पुलिसकर्मी पर खौलता तेल डालकर भागा था कुलदीप

13 अक्टूबर 2024 की शाम कुलदीप साहू अपने साथियों के साथ पुराने बस स्टैंड के पास बैठा था। आरक्षक घनश्याम सोनवानी ने उसे पकड़ने की कोशिश की।



आरोप है कि इस दौरान कुलदीप ने आरक्षक पर खौलता तेल डाल दिया और तलवार से काटने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी थी।



इसी दौरान आरोप है कि उसने हेड कॉन्स्टेबल पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की।




धमकी के कुछ घंटे बाद मां-बेटी की हत्या

पुलिस की तलाश और विवाद के बीच कुलदीप साहू हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। अभियोजन के मुताबिक, घर में उसने हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी।



इसके बाद नाबालिग बेटी की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। दोनों के शवों को घर से दूर ले जाकर फेंक दिया गया।



जब हेड कॉन्स्टेबल ड्यूटी के बाद रात में घर पहुंचा तो घर के अंदर खून बिखरा मिला। पत्नी और बेटी वहां मौजूद नहीं थीं। अगले दिन दोनों के शव घर से करीब 5 किलोमीटर दूर बरामद हुए।



पुलिस पर फायरिंग कर फरार हुआ था आरोपी

वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू पर पुलिस टीम पर फायरिंग करने का भी आरोप लगा। इसके बाद वह झारखंड की ओर भाग गया था।



बाद में बलरामपुर पुलिस की टीम ने उसे बस स्टैंड पर बस से उतरते समय गिरफ्तार किया।




गिरफ्तारी के बाद भड़का था आक्रोश

घटना के बाद सूरजपुर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। आक्रोशित भीड़ ने कुलदीप साहू के घर और गोदाम के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी थी। आरोपी की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर भीड़ उग्र हो गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मार्च भी निकालना पड़ा था।



कोर्ट के फैसले पर सबकी नजर

अब स्पेशल कोर्ट के फैसले के बाद सूरजपुर के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में चारों दोषियों को कड़ी सजा मिली है। तीन दोषियों को फांसी और एक को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला मामले की गंभीरता और अभियोजन की दलीलों के बीच आया है।



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