Chattisgarh Coal Scam : EOW का बड़ा खुलासा... सूर्यकांत तिवारी का बड़ा भाई भी निकला घोटालेबाज, भेजा जेल

Kanak Durga Jha | Aug 31, 2024, 10:52 IST
Suryakant Tiwari's elder brother turned out scammer
CG Coal Scam : छत्तीसगढ़ के कोयला घोटाले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने रजनीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि रजनीकांत, सूर्यकांत तिवारी का बड़ा भाई है।

Chattisgarh Coal Scam : छत्तीसगढ़ के कोयला घोटाले को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। घोटाले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने रजनीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि रजनीकांत, सूर्यकांत तिवारी का बड़ा भाई है। इस मामले में सूर्यकांत पहले से ही जेल में बंद है। रजनीकांत तिवारी को कोर्ट से 14 दिन की रिमांड पर जेल भेजा गया है।




सूर्यकांत तिवारी का बड़ा भाई गिरफ्तार


बता दें कि रजनीकांत तिवारी घोटाले का मास्टरमइंड सूर्यकांत तिवारी का बड़ा भाई है। ईओडब्ल्यू को रजनीकांत पर पहले से शक था। अहम सबूत मिलने के बाद अधिकारियों ने रजनीकांत तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू अधिकारी रजनीकांत से 12 सितंबर तक पूछताछ करेंगे। संभवतः पूछताछ के बाद कोयला घोटाले में बड़ा खुलासा हो सकता है।



31 अगस्त को होगी सुनवाई

मिली जानकारी के मुताबिक कोल स्कैम केस में रायपुर की जेल में बंद कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, निलंबित IAS समीर बिश्नोई और कस्टम मिलिंग घोटाले में जेल में बंद मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी ने जमानत आवेदन लगाया है। ईडी के विशेष न्यायाधीश की अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष 31 अगस्त को अपना पक्ष रखेंगे।



कोयला घोटाले में अब तक क्या हुआ...

करोड़ों के इस कोयला घोटाले में अधिकारी, कांग्रेस के दिग्गज नेता और बड़े व्यवसायिओं का नाम सामने आया है। इनमें से कई सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। गिरफ्तारी की कार्रवाई में सबसे अहम सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर बिश्नोई और सूर्यकांत तिवारी की गिरफ्तारी मानी गई है।



वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री व विधायक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया गया है। जिसमें पूर्व मंत्री कवासी लखमा और तत्कालीन भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव का नाम शामिल है।



इतना ही नहीं ईओडब्ल्यू ने दावा किया की इस घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी मिलीभगत थी। आरोप यह भी है कि पूरे मामले के किंगपिन सूर्यकांत तिवारी को पूर्व CM भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया का संरक्षण प्राप्त था। ईडी की रेड में पहले आईएएस समीर बिश्नोई फिर कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया।




सिंडिकेट बनाकर हुई 570 करोड़ की वसूली

बता दें कि, अवैध कोल लेवी वसूली का खुलासा ईडी ने किया था। ईडी ने किया दावा कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था। इसके लिए सिंडिकेट बनाकर वसूली की जाती थी।





घोटालेबाजों को भेजा जेल...

शिव शंकर नाग, मोइनुद्दीन कुरैशी, परेश कुर्रे, राहुल कुमार, वीरेंद्र जायसवाल, निलंबित IAS रानू साहू और समीर बिश्नोई, पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्य चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी, संदीप नायक लक्ष्मीकांत, रोशन सिंह, निखिल चंद्राकर, हेमंत जायसवाल और चंद्र प्रकाश जायसवाल जेल में बंद हैं।





कोयला घोटाला मामले में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज

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