12 तहसीलदार बनेे डिप्टी कलेक्टर, वेतन भी बढ़ा, GAD से आदेश जारी
Raipur। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल हुआ है। राज्य शासन ने राजस्व विभाग के 12 तहसीलदारों को पदोन्नत कर डिप्टी कलेक्टर बना दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आदेश में इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैं। पदोन्नति सूची जारी होने के बाद प्रशासनिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
मंत्रालय से जारी हुई प्रमोशन लिस्ट
सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव क्लेमेन्टीना लकड़ा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार, राज्य प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत कार्यरत 12 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति के साथ ही अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में नई पदस्थापना भी दी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अपने नए पद पर प्रभावशील माने जाएंगे।
डिप्टी कलेक्टर बनने पर मिलेगा उच्च वेतनमान
पदोन्नत अधिकारियों को मैट्रिक्स लेवल-12 के तहत 56 हजार 100 रुपए से लेकर 1 लाख 77 हजार 500 रुपए तक का वेतनमान मिलेगा। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्गीकरण, भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम 2023 के प्रावधानों के अनुरूप की गई हैं।
तीन साल की परिवीक्षा पर रहेंगे अधिकारी
शासन ने इन अधिकारियों के लिए तीन वर्ष की प्रोबेशन पीरियड तय किया है। इस दौरान उनके कामों का असेस्मेंट किया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि पूरी पदोन्नति प्रक्रिया छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। न्यायालय का जो भी अंतिम आदेश होगा, उसका प्रभाव इन पदोन्नतियों पर लागू होगा।
विवादित अधिकारियों पर शासन की सख्ती
सामान्य प्रशासन विभाग ने जिला कलेक्टरों को विशेष निर्देश भी जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि यदि पदोन्नति सूची में शामिल किसी अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच लंबित है, आरोप-पत्र जारी किया गया है, निलंबन की कार्रवाई हुई है या कोई दंड प्रभावशील है, तो ऐसे अधिकारी को तत्काल कार्यमुक्त नहीं किया जाए। संबंधित मामलों की पूरी जानकारी तत्काल सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के इस कदम को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश माना जा रहा है।
अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
लिस्ट के अनुसार भवानी शंकर साव को महासमुंद से बिलासपुर, मुकेश बजाज को नवा रायपुर से धमतरी, सालिक राम गुप्ता को बलरामपुर-रामानुजगंज से बिलासपुर और कृष्ण कुमार साहू को महासमुंद से बेमेतरा में डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है। वहीं रिचा सिंह को रायगढ़ से जांजगीर-चांपा, शिल्पा भगत को बिलासपुर से रायगढ़ और राकेश कुमार वर्मा को बिलासपुर से रायगढ़ भेजा गया है।
रायपुर, दुर्ग को मिले नए डिप्टी कलेक्टर
प्रेमूलाल साहू को धमतरी से दुर्ग, प्रकाश सोनी को रायपुर से दुर्ग, आशुतोष शर्मा को बालोद से कबीरधाम, अभिषेक राठौर को बिलासपुर से कोरबा और मीना साहू को दुर्ग से रायपुर में डिप्टी कलेक्टर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक स्तर पर इन नियुक्तियों को जिलों में राजस्व और प्रशासनिक कार्यों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
FAQ
- कितने तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है?
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए कुल 12 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत किया है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी किया गया है। - पदोन्नति के बाद वेतन और लाभ क्या मिलेंगे?
इन अधिकारियों को अब मैट्रिक्स लेवल-12 के तहत वेतन मिलेगा, जो 56,100 से 1,77,500 तक होता है। इसके साथ ही उन्हें नए पद के अनुसार प्रशासनिक जिम्मेदारियां और सुविधाएं भी मिलेंगी। - क्या यह पदोन्नति अंतिम और स्थायी है?
नहीं, यह पदोन्नति हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। साथ ही सभी अधिकारियों के लिए तीन साल की प्रोबेशन अवधि भी तय की गई है, जिसमें उनके कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा।
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