छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों का आंदोलन समाप्त, कल से लौटेंगे काम पर
छत्तीसगढ़ के तहसीलदारों का आंदोलन समाप्त हो गया है। सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील अंतर्गत राजापुर उप तहसील में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई मारपीट के विरोध में ये आंदोलन शुरू किया गया था। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने शासन के साथ हुई चर्चा और शुरू हुई कार्रवाई के बाद सामूहिक अवकाश कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। अब 4 जून से प्रदेशभर के 500 से अधिक तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपने-अपने कार्यों पर लौटेंगे।
क्या था पूरा मामला?
राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान कथित रूप से मारपीट, अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटना हुई थी। इस घटना के विरोध में पूरे प्रदेश के राजस्व अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कामकाज ठप कर दिया था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
प्रदेशभर में ठप रहा राजस्व कामकाज
आंदोलन के दौरान तहसील कार्यालयों में काम पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे आम जनता को जाति, निवास, भूमि और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 28 मई से राजस्व कार्यालयों में कामकाज प्रभावित था। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व मामलों की सुनवाई भी प्रभावित हुई। आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शासन से वार्ता के बाद बनी सहमति
1 जून 2026 को छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री और सचिव के साथ संघ की विस्तृत बैठक हुई। इस दौरान संघ ने न केवल तुषार मानिक प्रकरण में दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई, बल्कि तहसीलदारों की सुरक्षा, संसाधनों की कमी, स्टाफ की कमी, वाहन सुविधा और आधारभूत संरचना जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों को भी सामने रखा।
शासन ने आश्वासन दिया कि मामले में शीघ्र वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और अन्य मांगों पर भी चरणबद्ध तरीके से विचार कर समाधान निकाला जाएगा।
पुलिस कार्रवाई में प्रगति
सीतापुर थाना पुलिस ने बताया कि इस मामले में अपराध क्रमांक 190/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121(1), 132 और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान नामजद आरोपी नाजिम रजा और पंकज गुप्ता ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रकरण की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
आंदोलन वापसी का फैसला
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने कहा कि शासन की ओर से मिले आश्वासन और पुलिस कार्रवाई में हुई शुरुआती प्रगति को देखते हुए सामूहिक अवकाश आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। संघ ने उम्मीद जताई है कि शेष आरोपियों के खिलाफ भी जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई होगी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास और मजबूत हो सके।
4 जून से सामान्य कामकाज बहाल
आंदोलन समाप्त होने के साथ ही प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में 4 जून से कामकाज सामान्य रूप से बहाल हो जाएगा, जिससे जनता को फिर से राजस्व सेवाएं सुचारू रूप से मिल सकेंगी।
FAQ
- छत्तीसगढ़ तहसीलदार आंदोलन क्यों हुआ था?
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील अंतर्गत राजापुर उप तहसील में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटना के विरोध में प्रदेश के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों ने 28 मई से सामूहिक अवकाश आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य दोषियों की गिरफ्तारी और तहसीलदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। - छत्तीसगढ़ तहसीलदार आंदोलन कब समाप्त हुआ?
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 1 जून 2026 को शासन के साथ हुई बैठक और पुलिस कार्रवाई की प्रगति के बाद सामूहिक अवकाश आंदोलन स्थगित कर दिया। प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में सामान्य कामकाज 4 जून 2026 से बहाल हो जाएगा। - छत्तीसगढ़ में कितने तहसीलदार हड़ताल पर थे?
छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई मारपीट के विरोध में प्रदेशभर के 500 से अधिक तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट हड़ताल पर चले गए थे। यह आंदोलन 28 मई से शुरू हुआ था और इससे राजस्व सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
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