TET पास नहीं तो प्रमोशन नहीं! DEO का सख्त आदेश, हजारों शिक्षकों पर लटकी तलवार
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग : छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा के एक आदेश में साफ कर दिया गया है कि जो शिक्षक TET (Teacher Eligibility Test) पास नहीं हैं
उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा। आदेश सीधे-सीधे शिक्षा का अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों पर आधारित बताया गया है। इस आदेश के बाद जिले के हजारों सहायक और समायोजित शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
क्या है आदेश का आधार?
DEO के पत्र में तीन बड़े कानूनी आधार गिनाए गए हैं।
पहला—RTE Act की धारा 23, जिसमें शिक्षक बनने के लिए NCTE द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता जरूरी बताई गई है।
दूसरा—NCTE की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य है।
तीसरा—सुप्रीम कोर्ट का 2025 का फैसला, जिसमें यह कहा गया कि जो शिक्षक निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते, वे पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।
योग्यता नहीं, तो तरक्की नहीं
DEO ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों ने अब तक TET पास नहीं किया है, (teachers promotion)उन्हें प्रमोशन सूची से बाहर रखा जाएगा।
साथ ही शिक्षक संगठनों और संघों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने सदस्यों को इस नियम की जानकारी दें और अनुपालन सुनिश्चित करें।
शिक्षकों में नाराजगी, संगठन कर रहे मंथन
इस आदेश के बाद शिक्षकों के बीच असंतोष भी उभरने लगा है। कई शिक्षक वर्षों से सेवा में हैं, लेकिन TET पास नहीं कर पाए हैं। उनका कहना है
कि अनुभव को नजरअंदाज कर केवल परीक्षा को आधार बनाना उचित नहीं है। वहीं, कुछ शिक्षक संगठन इस फैसले के खिलाफ रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
सरकार का रुख सख्त
इस आदेश को सरकार के उस सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने की बात कही जा रही है।
साफ संकेत है कि अब नियमों में ढील देने का दौर खत्म हो चुका है और योग्यता के आधार पर ही आगे बढ़ने का रास्ता तय होगा।
पूरे प्रदेश में लागू होगा नियम?
बलौदाबाजार से निकला यह आदेश अब पूरे छत्तीसगढ़ में लागू होने की चर्चा तेज हो गई है। अगर ऐसा होता है, तो हजारों शिक्षकों के प्रमोशन पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल, एक बात तय है अब TET सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि करियर का टर्निंग पॉइंट बन चुका है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
TET अनिवार्यता: TET पास नहीं करने वाले शिक्षकों को प्रमोशन नहीं मिलेगा।
कानूनी आधार: RTE एक्ट, NCTE की अधिसूचना और सुप्रीम कोर्ट का आदेश।
शिक्षकों में नाराजगी: अनुभव को नजरअंदाज कर परीक्षा को प्राथमिकता देने का विरोध।
सरकार का सख्त रुख: शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति सरकार का सख्त रुख, नियमों में ढील की संभावना खत्म।
प्रदेशव्यापी प्रभाव: बलौदाबाजार का यह आदेश पूरे छत्तीसगढ़ में लागू हो सकता है, जिससे हजारों शिक्षकों का प्रमोशन प्रभावित हो सकता है।
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