वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का WhatsApp हैक, लाखों की ठगी

VINAY VERMA | Jun 15, 2026, 16:06 IST
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का WhatsApp हैक
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का WhatsApp हैक कर साइबर ठगों ने उनके नाम से परिचितों से पैसे मांगे। भरोसा कर लोगों ने करीब 12 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में फोन कॉल से ठगी का खुलासा हुआ।

Raipur : छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज साइबर ठगी का शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने उनका WhatsApp अकाउंट हैक कर लिया और उनके नाम का इस्तेमाल करते हुए परिचितों व शुभचिंतकों से पैसों की मांग शुरू कर दी। डॉ. सलीम राज की प्रोफाइल फोटो और पहचान का उपयोग कर भेजे गए संदेशों पर लोगों ने भरोसा किया और करीब 12 लाख रुपए ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।



रविवार को हुआ हैक, कुछ ही घंटों में लाखों की ठगी

जानकारी के मुताबिक रविवार को अचानक डॉ. सलीम राज का WhatsApp अकाउंट हैक हो गया। अकाउंट पर कब्जा करने के बाद हैकर्स ने उनके कॉन्टैक्ट्स में मौजूद लोगों को एक के बाद एक मैसेज भेजना शुरू कर दिया। संदेश में लिखा गया कि उनका यूपीआई काम नहीं कर रहा है और उन्हें किसी जरूरी काम के लिए तत्काल ऑनलाइन पैसों की आवश्यकता है। संदेश का लहजा ऐसा रखा गया कि सामने वाले को किसी तरह का संदेह न हो।



बिना पुष्टि किए लोगों ने भेज दिए रुपए

डॉ. सलीम राज एक सार्वजनिक और प्रतिष्ठित पद पर हैं। ऐसे में उनके परिचितों ने संदेश को सही मान लिया। रविवार का दिन होने और मामले को आपात स्थिति समझकर कई लोगों ने फोन या अन्य माध्यम से पुष्टि करना भी जरूरी नहीं समझा। ठगों द्वारा भेजे गए बैंक खाते और यूपीआई आईडी पर अलग-अलग लोगों ने रकम ट्रांसफर कर दी। देखते ही देखते कुछ घंटों में करीब 12 लाख रुपए अपराधियों के खातों में पहुंच गए।



फोन कॉल से खुला फर्जीवाड़े का राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ लोगों ने पैसे भेजने के बाद डॉ. सलीम राज को फोन कर इसकी जानकारी दी। तब उन्हें पता चला कि उनके नाम से पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके बाद हड़कंप मच गया। कई लोगों ने बताया कि उन्हें भी इसी तरह के संदेश मिले थे। तब जाकर पूरे साइबर फ्रॉड की परतें खुलीं।



पुलिस और साइबर सेल की जांच शुरू

घटना सामने आते ही डॉ. सलीम राज ने रायपुर पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल ने संबंधित नंबर को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में रकम ट्रांसफर हुई है, उन्हें फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से संपर्क किया जा रहा है। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए साइबर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।



अध्यक्ष बोले- मदद मांगने वालों के संदेश आते रहते हैं

डॉ. सलीम राज का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में होने के कारण उनके पास रोजाना कई लोगों के संदेश और मदद की गुहार आती रहती है। कई नंबर सेव भी नहीं होते। इसी वजह से शुरुआती स्तर पर यह अंदाजा नहीं लग पाया कि उनके नाम का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की आर्थिक मदद से जुड़े संदेश मिलने पर पहले फोन या अन्य माध्यम से पुष्टि जरूर करें।



साइबर ठगों का नया तरीका, भरोसा बना हथियार

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर अपराधी अब तकनीक से ज्यादा भरोसे को निशाना बना रहे हैं। किसी परिचित, अधिकारी या जनप्रतिनिधि के नाम से भेजे गए संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। एक छोटी सी पुष्टि लाखों रुपए की ठगी से बचा सकती है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती ठगों तक पहुंचकर पीड़ितों की रकम वापस दिलाने की है।



FAQ

  1. वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के साथ क्या हुआ?
    उनका WhatsApp अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने उनके नाम से लोगों से पैसे मांगे।
  2. इस ठगी में कितनी रकम ट्रांसफर हुई?
    करीब 12 लाख रुपए अलग-अलग लोगों द्वारा ठगों के खातों में भेजे गए।
  3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    रायपुर पुलिस और साइबर सेल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया चल रही है।

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