भर्ती परीक्षाएं स्थगित होने से युवाओं को झटका, शराब घोटाले में 20 नए आरोपी, इस सप्ताह क्या रहा खास
वहीं रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले के आयोजन ने प्रदेश को खेल के ग्लोबल नक्शे पर नई पहचान दिलाने का अवसर दिया। मंत्री के नाम पर साइबर ठगी, अस्पताल के बाहर प्रसव के दौरान नवजात की मौत जैसे मामले ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। जानिए इस सप्ताह छत्तीसगढ़ में कौन-सी खबरें सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं और उनका प्रदेश की राजनीति, प्रशासन व आम जनता पर क्या असर पड़ा।
शिक्षक भर्ती परीक्षाओं पर हाईकोर्ट की रोक
भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियो को आरक्षण देने के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक लगाई जिससे परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को झटका लगा। इसके बाद कोर्ट ने शिक्षक भर्ती में आवेदन करने से चूक गए दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए राहत दी। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती के आवेदन का रास्ता फिर खोल दिया है।
पात्र दिव्यांग अभ्यर्थी 15 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। आवेदन में गलती सुधारने के लिए 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक का समय मिलेगा। यह फैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है। अब पात्र अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का एक और मौका मिलेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के सामने एक बार फिर परीक्षा की तारीख का संकट खड़ा हो गया है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा-2024 को स्थगित कर दिया है। यह लिखित परीक्षा 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को होनी थी। आयोग ने 13 अक्टूबर को आदेश जारी कर परीक्षा टालने की जानकारी दी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर परीक्षा क्यों टली और अब युवाओं को कितने दिन इंतजार करना पड़ेगा?
छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की उम्र तय
छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उम्र को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय कर दी है। अब सात समूहों में बंटी भर्तियों के लिए उम्र का नियम एक जैसा होगा। कुछ पदों के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल रखी गई है, जबकि कुछ पर आवेदन करने के लिए 21 साल पूरे करना जरूरी होगा। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों को सात समूहों में बांटा था।
इसके बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने बताया कि अलग-अलग विभागों में समान पदों के लिए न्यूनतम आयु सीमा अलग-अलग होने से संयुक्त भर्ती परीक्षा कराने और पद आवंटित करने में परेशानी हो रही थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने सभी सात समूहों की न्यूनतम आयु तय कर दी है। तृतीय श्रेणी की अभियांत्रिकी सेवा और स्नातक-पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के पदों के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल होगी।
शैक्षिक सेवा के समूह-3 में भी न्यूनतम आयु 21 साल रखी गई है। वर्दीधारी सेवा के समूह-4, विज्ञान एवं स्वास्थ्य सेवा के समूह-5, हायर सेकेंडरी और हाईस्कूल स्तर के समूह-6 तथा तृतीय-चतुर्थ श्रेणी के समूह-7 में सामान्य तौर पर न्यूनतम उम्र 18 साल होगी। यानी हर भर्ती में 21 साल की उम्र जरूरी नहीं होगी। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित पद का समूह देखना होगा। समूह-4 और समूह-5 में एक अहम शर्त भी रखी गई है।
इन समूहों में शामिल जिन पदों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक या उससे ऊपर है, उनके लिए न्यूनतम उम्र 21 साल ही रहेगी। यानी केवल समूह देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर वर्दीधारी या स्वास्थ्य सेवा के पद पर 18 साल में आवेदन किया जा सकता है। पद की शैक्षणिक योग्यता भी उम्र तय करने में अहम होगी।
छत्तीसगढ़ में बस का सफर महंगा
छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वालों को महंगाई का झटका लगा है। राज्य सरकार ने बसों के किराये की नई दरें तय कर दी हैं। परिवहन विभाग ने 12 अक्टूबर 2026 को इसकी अधिसूचना जारी की है। नई दरों में साधारण, डीलक्स, एसी और स्लीपर बसों का किराया तय किया गया है। अब बस में सफर करने वालों को अपनी जेब के हिसाब से खर्च का हिसाब लगाना होगा।
नई दरों के मुताबिक साधारण बस में पहले 5 किलोमीटर का किराया 10 रुपए होगा। इसके बाद हर किलोमीटर के लिए 1.75 रुपए देने होंगे। यानी दूरी बढ़ने के साथ यात्रियों का खर्च भी बढ़ेगा। साधारण रात्रिकालीन बस सेवा में सामान्य किराये से 10 प्रतिशत ज्यादा वसूला जाएगा। रात में लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को इसका ध्यान रखना होगा। डीलक्स बस में शुरुआती 5 किलोमीटर का किराया 12 रुपए तय किया गया है।
इसके बाद हर किलोमीटर पर 2.20 रुपए लगेंगे। डीलक्स नॉन-एसी स्लीपर और सेमी-स्लीपर बसों में भी यही दर लागू होगी। वहीं, एसी डीलक्स स्लीपर और सेमी-स्लीपर में शुरुआती 5 किलोमीटर के लिए 12 रुपए और उसके बाद हर किलोमीटर के लिए 3.20 रुपए देने होंगे।
तीन अफसरों को IAS अवार्ड
छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों को IAS कैडर मिल गया है। केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। प्रमोशन पाने वालों में अभिषेक अग्रवाल, सचिन भूतड़ा और राजीव कुमार पाण्डेय के नाम शामिल हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया है। अब ये अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
शराब घोटाले में 20 व्यक्ति और 22 कंपनियों पर आरोप
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों व कंपनियों के खिलाफ दसवां चालान पेश किया है। 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश किए गए इस चालान के साथ करीब 27 हजार पृष्ठों के दस्तावेज भी दाखिल किए गए हैं।
जांच एजेंसी ने शराब के अवैध उत्पादन और बिक्री से लेकर कमीशनखोरी, हवाला के जरिए रकम के लेन-देन और संपत्तियों में निवेश तक के साक्ष्य मिलने का दावा किया है। एसीबी-ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस मामले में रामगोपाल अग्रवाल, यश टुटेजा और अख्तर ढेबर समेत 20 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा कई डिस्टिलरी संचालकों, शराब आपूर्तिकर्ताओं, मैनपावर एजेंसियों, होलोग्राम निर्माता कंपनियों और अन्य व्यावसायिक संस्थाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।
जांच एजेंसी ने चालान में शराब घोटाले से संबंधित विभिन्न मदों की कुल राशि 3,076.34 करोड़ रुपये आंकी है। इसमें अवैध शराब की बिक्री का सकल मूल्य, कमीशन और विदेशी शराब से जुड़ी लाइसेंसी कंपनियों का सकल लाभ शामिल है। एजेंसी ने मामले को 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले से संबंधित बताया है।
रायपुर में पहली बार महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट
भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 16 अक्टूबर को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में हुआ। स्मृति मंधाना की फुलटाइम कप्तानी में यह पहला मुकाबला था। मंधाना की कप्तानी पारी जीत से शुरू हुई।
महिला दर्शकों के लिए तीनों मैचों में निःशुल्क प्रवेश की घोषणा की गई है। अगले मुकाबले 18 और 20 अक्टूबर को होंगे। यह मैच छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ की महिलाओं में भी क्रिकेट के प्रति क्रेज बढ़ेगा।
अस्पताल के बाहर प्रसव के दौरान नवजात की मौत
छत्तीसगढ़ में सरकार के दावों के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। सूरजपुर जिले में अस्पताल के बाहर प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
घटना के संबंध में दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया। अस्पताल बंद होने की वजह और ड्यूटी में लापरवाही हुई या नहीं, इसकी पुष्टि आधिकारिक जांच से होनी चाहिए। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर प्रदेश में अभी भी यह स्थिति क्यों है कि प्रसव के लिए महिला को अस्पताल में जगह नहीं मिल पाई।
पटवारियों की हड़ताल
पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने लोगों को मुश्किल में डाला। विभिन्न मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से शुरू हुई पटवारियों की हड़ताल जारी रही। शासन और कर्मचारी संगठन के बीच वार्ता से सहमति नहीं बन सकी। आंदोलन से जमीन के नामांतरण, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य भूमि संबंधी सेवाओं पर असर पड़ सकता है।