बस्तर संभाग में दिखा बंद का व्यापक असर, शहरों में सुबह से ही बंद रहीं दुकानें, नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध
DANTEWADA. सर्व आदिवासी समाज और कांग्रेस द्वारा बुलाए गए 1 दिन के बंद का व्यापक असर समूचे बस्तर में देखने को मिला। बस्तर के 7 जिले इस बंद से प्रभावित रहे। बस्तर के सभी शहरों में सुबह से ही व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बस्तर चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने भी इस बंद को पूरा समर्थन दिया है।
नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध
जगदलपुर में पीएम नरेंद्र मोदी की सभा भी तय थी। ऐसे में इस बंद के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के विरोध में ये बंद बुलाया गया था।आपातकालीन सेवाओं को इस बंद से अलग रखा गया था। इसलिए लोगों को मेडिकल जैसी सेवाओं के लिए परेशानियां नहीं उठानी पड़ी।
प्लांट को राज्य सरकार या NMDC के अधीन रखने की मांग
आदिवासी समाज का कहना है कि वे किसी भी सूरत में नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण नहीं होने देंगे। दरअसल, इस प्लांट के निजीकरण की सुगबुगाहट के बाद इसको लेकर विरोध जताया जा रहा है। समाज की माने तो इसे राज्य सरकार या फिर एनएमडीसी के अधीन रखा जाए ताकि बस्तर के लोगो को भी रोजगार के अवसर मिल सकें।
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कांकेर में भी दिखा बंद का असर
बस्तर बंद का असर कांकेर में भी दिखा। कांग्रेस द्वारा बस्तर बंद के आह्वान पर कांकेर भी पूर्णतः बंद रहा। कांकेर में सुबह से ही व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। आज बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट को निजीकरण किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बंद का आह्वान किया था, जिसका असर कांकेर में भी देखा गया। इस बंद को सर्व आदिवासी समाज और चेंबर ऑफ कामर्स का भी समर्थन मिला है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगदलपुर में नगरनार स्टील प्लांट का उद्घाटन किया, जिसका कांग्रेसियों ने विरोध किया था।