देवास शराब कांड: 9 दिन से फरार मुख्य आरोपी विनोद समेत 10 गिरफ्तार, आज देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस
पुलिस ने विनोद के अलावा दो वाइन शॉप मैनेजर और दो सेल्समैन समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
देवास शराब कांड
बता दें कि इस मामले में परिजनों ने बताया था कि शराब पीने के तुरंत बाद लोगों को उल्टियां होने लगी थीं। कुछ लोगों की आंखों की रोशनी चली गई और कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई। हालांकि तीन परिवारों का कहना था कि उनके घर के लोगों ने उस दिन शराब नहीं पी थी।
जानकारी के अनुसार 15 और 18 अक्टूबर को चंदाना के दो लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद पुलिस ने सिविल लाइन थाने में मर्ग कायम किया। जांच के दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि विनोद जायसवाल नाम का शख्स गांव में अवैध शराब बेचता था। इसके बावजूद पुलिस को उसे पकड़ने में 9 दिन लग गए। आखिरकार 26 अक्टूबर को पुलिस ने विनोद और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामले में बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
इंदौर से लेकर उत्तर प्रदेश तक जुड़े तार
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, अवैध शराब की कड़ियां खुलती चली गईं। पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल के साथ कुल 10 लोगों को पकड़ा है।
पकड़े गए आरोपियों में ये नाम शामिल हैं...
- विनोद जायसवाल (मुख्य आरोपी)
- अजय राठौर
- रामेश्वर सोनगरा
- नितिन सोलंकी (भाड़ा पिपल्या वाइन शॉप का मैनेजर)
- चन्द्रशेखर बैरागी (क्षिप्रा वाइन शॉप का मैनेजर)
- सत्येन्द्र ओझा (अरबिंदो इंदौर वाइन शॉप का सेल्समैन)
- राजदेव पटेल (क्षिप्रा वाइन शॉप का सेल्समैन)
- जुगल सिंह
- राजेन्द्र निनामा
- विशाल चौहान
पुलिस पूछताछ में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि आरोपियों के नेटवर्क के तार इंदौर से लेकर उत्तर प्रदेश तक जुड़े हुए हैं।
7.25 लाख का सामान जब्त
पुलिस ने इन सभी आरोपियों के पास से सामान भी बरामद किया है। जब्त किए गए सामान में...
- 54 लीटर देशी शराब
- एक चार पहिया कार
- 10 मोबाइल फोन
- 10 हजार रुपए नकद
इस पूरे सामान की कुल कीमत करीब 7.25 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
डायरी का राज कब खुलेगा और शराब कहां से आई?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि दो वाइन शॉप के मैनेजर और सेल्समैन पकड़े जाने के बाद भी पुलिस ने यह नहीं बताया कि विनोद किस दुकान या ठेकेदार से शराब लाकर गांव में बेचता था। इसके अलावा, विनोद के पास से एक डायरी भी मिली है। इसमें शराब की बिक्री का पूरा हिसाब-किताब दर्ज है। लेकिन यह हिसाब-किताब किस बड़ी दुकान या रसूखदार व्यक्ति से जुड़ा है, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि देवास में जहरीली और अवैध शराब से मौतों का यह पिछले तीन महीनों में सामने आया तीसरा बड़ा मामला है।
आज कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस
मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका दर्द बांटा। उन्होंने मौके से ही मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को फोन लगाया। सिंघार ने मांग की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 25-25 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही सिंघार ने कांग्रेस पार्टी की तरफ से हर पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इस पूरे शराब कांड के विरोध में और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस आज मंगलवार, 27 अक्टूबर को देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी।