1500 साल पहले कैसे सजती-संवरती थीं महिलाएं? MP के पन्ना में मिली प्रतिमा ने खोले प्राचीन श्रृंगार के राज
यहां नचना गांव में खुदाई के दौरान शृंगार करती महिला की प्राचीन प्रतिमा मिली है। इसे देखकर पता चलता है कि गुप्तकाल में भी महिलाएं अपने Beauty और Jewellery का खास ध्यान रखती थीं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को यह प्रतिमा जमीन से करीब चार फीट नीचे मिली है।
धूसर बलुआ पत्थर से बनी यह प्रतिमा लगभग 20 सेंटीमीटर ऊंची है। इसकी सतह पॉलिशयुक्त है। एएसआई ने इसे लेडी ऑफ नचना नाम दिया है। खास बात यह है कि यह किसी टूटी हुई मूर्ति का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरी प्रतिमा है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को यह प्रतिमा जमीन से करीब 4 फीट नीचे मिली है। धूसर बलुआ पत्थर से बनी यह प्रतिमा लगभग 20 सेंटीमीटर ऊंची है। इसकी सतह पॉलिशयुक्त है। एएसआई ने इसे 'लेडी ऑफ नचना' नाम दिया है। खास बात यह है कि यह किसी टूटी हुई मूर्ति का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरी प्रतिमा है।
गले में 7 लड़ियों का हार, बालों में सुंदर क्लिप
प्रतिमा में महिला ने गले में सात लड़ियों वाला हार और कानों में कुंडल पहन रखे हैं। बाजुओं पर बाजूबंद और कलाइयों में कंगन हैं। सबसे दिलचस्प उसकी Hair Style है। बालों को सजाने के लिए सुंदर क्लिप लगाई गई हैं। प्रतिमा में महिला शृंगार करती नजर आ रही है। इससे उस दौर में महिलाओं के पहनावे, गहनों और सजने-संवरने के तरीकों की जानकारी मिलती है।
मध्यप्रदेश में पहले भी मिल चुकी हैं दो नायिकाएं
मध्यप्रदेश में इससे पहले विदिशा जिले के ग्यारसपुर में कलचुरी काल की करीब 1000 साल पुरानी नायिका की प्रतिमा मिल चुकी है। इसे 'लेडी ऑफ ग्यारसपुर' नाम दिया गया था। यहां शुक नायिका की प्रतिमा भी मिली है, जिसके कंधे पर तोता बैठा है। हालांकि, नचना में मिली प्रतिमा इनसे करीब 500 साल पुरानी है। इसे प्रदेश में मिली इस तरह की सबसे प्राचीन ज्ञात नायिका प्रतिमा माना जा रहा है।
गुप्तकाल की कला के लिए प्रसिद्ध है नचना
पन्ना का नचना गांव प्राचीन मंदिरों और मूर्तिकला के लिए जाना जाता है। यहां पांचवीं शताब्दी का चौमुखनाथ मंदिर है। गुप्तकाल को भारतीय कला और स्थापत्य के विकास का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। नई प्रतिमा से यह भी पता चलता है कि उस दौर के कलाकार महिलाओं के सौंदर्य, गहनों और केश सज्जा को कितनी बारीकी से पत्थरों पर उकेरते थे।
पहली बार मिली शृंगार करती महिला की ऐसी प्रतिमा
एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. शिवकांत वाजपेयी के मुताबिक, मध्यप्रदेश में अब तक मिली मूर्तियों में नचना की यह पहली प्रतिमा है, जिसमें महिला शृंगार करती दिखाई देती है। इसकी केश सज्जा और बनावट अपने आप में अनूठी है। फिलहाल प्रतिमा को सुरक्षित रखा गया है। बाद में इसे संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
FAQs:
- यह प्राचीन प्रतिमा कहां मिली है और इसकी विशेषताएं क्या हैं?
यह प्राचीन प्रतिमा मध्य प्रदेश के पन्ना जिला में मिली है। यह गुप्तकालीन है और 20 सेंटीमीटर ऊंची है, जिसमें महिला श्रृंगार करते हुए दिखाई दे रही है। इसके गहनों और केश सज्जा को अत्यधिक खूबसूरती से उकेरा गया है। - इस प्रतिमा को 'लेडी ऑफ नचना' क्यों कहा जाता है?
इस प्रतिमा को 'लेडी ऑफ नचना' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह महिलाओं के श्रृंगार परंपरा का अद्वितीय ऐतिहासिक प्रमाण है, जिसमें महिला को श्रृंगार करते हुए दिखाया गया है। यह गुप्तकाल के दौरान महिलाओं के सौंदर्य और फैशन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।