इंदौर में कुर्सी के विवाद में प्रभार संभालने के बाद पंजीयन अधिकारी के बदल गए तीन नाम, नहीं थम रहा विवाद
संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर में पंजीयन कार्यालय में वरिष्ठतम को प्रभार देने के महानिरीक्षक पंजीयन के आदेश के बाद हुए बदलाव को लेकर लगातार विवाद जारी है। कुर्सी के विवाद में भोपाल से आए आदेश और फिर इसके सात घंटे में ही परिपालन और अगले दिन भोपाल से इसका फॉलोअप लेने से पूरा मामला आशंकाओं के घेरे में आ गया है कि आखिर ऐसी बात थी कि आचार संहिता के दौरान भी भोपाल ने यह सब करने में इतनी तेजी दिखाई। उधर एक और चौंकाने वाली बात आई है कि कार्यालय प्रमुख का प्रभार लेने वाले वरिष्ठ जिला पंजीयक डॉ. अंबरेश नायडू ने अपने दफ्तर के नाम तीन बार बदल डाले। जबकि दफ्तर के नाम का नोटिफिकेशन होता है।
इस तरह उन्होंने खुद के दफ्तर के नाम बदले...
प्रभार लेने से पहले अक्टूबर में जो उनके द्वारा इंदौर टू पंजीयन विभाग में कार्यविभाजन के आदेश जारी किए थे, इसमें पत्र में ऊपर कार्यालय वरिष्ठ जिला पंजीयक इंदौर टू लिखा था
प्रभार लेने के बाद 23 नवंबर को उन्होंने पत्राचार में दफ्तर का नाम लिखा- कार्यालय वरिष्ठ जिला पंजीयक इंदौर और दीपक शर्मा को लिखा जिला पंजीयक इंदौर वन, जबकि शर्मा वरिष्ठ जिला पंजीयक है।
प्रभार लेने के दूसरे दिन 24 नवंबर को उन्होंने जो कार्यालय आदेश जारी किए, इसमें पत्राचार में लिखा गया- कार्यालय वरिष्ठतम वरिष्ठ जिला पंजीयक इंदौर। इसमें खुद को वरिष्ठतम वरिष्ठ जिला पंजीयक बताया और दीपक शर्मा को वरिष्ठ जिला पंजीयक लिखा गया।
विभाग में चल रही अंदरूनी स्तर पर कई बातें
उधर विभाग के अंदर कई तरह की बातें चल रही है। यह सभी मान्य रहे है कि दीपक शर्मा की कार्यप्रणाली काफी सख्त थी और मॉनीटरिंग काफी तगड़ी थी, जो विभाग में ही कई अधिकारियों को हजम नहीं हुई। इसके चलते तीन माह से 11 साल पुराने आदेश को लागू कराने के लिए चार माह से कोशिश जारी थी। यहां तक कि आचार संहिता के दौरान अक्टूबर में भी इसके लिए पत्र चला और जब वोटिंग खत्म हो गई थी तो ताबड़तोड़ 22 नवंबर को पत्र लिखकर ताबड़तोड़ लागू कराया गया।
विवाद के बाद विभाग के अंदर उठे सवाल
महानिरीक्षक पंजीयन के पत्र दिनांक 22/11/2023 की सूचना वरिष्ठ जिला पंजीयक को थी ही नहीं, यह केवल नायडू को ही पता थी और उन्होंने इसे लागू कर दिया। विवाद के बाद विभाग के अंदर यह सवाल उठ रहे कि नायडू की पदस्थापना जुलाई में शासन के आदेश में इंदौर टू के लिए थी, दीपक शर्मा की पोस्टिंग के मार्च के आदेश में केवल यही लिखा है वरिष्ठ जिला पंजीयक इंदौर। ऐसे में तो पोस्टिंग के बाद ही इसे लागू कराया जाना था और विभाग को यह पहले लागू कर देना था।
भोपाल से कार्य विभाजन लागू करने अगले दिन आया सख्त पत्र
'द सूत्र' के पास 23 नवंबर को महानिरीक्षक पंजीयन का वह पत्र मौजूद है जो उन्होंने अगले दिन लिखकर पूरा फॉलोअप मांगा कि 22 नवंबर को जारी कार्य विभाजन आदेश का पालन हो रहा है या नहीं। इसमें उन्होंने सख्त भाषा में लिखा है कि 22 नवंबर को जारी पत्र को लेकर दीपक शर्मा वरिष्ट जिला पंजीयक ने पत्र भेजा है और इसमें इस कार्य विभाजन को अस्वीकार करते हुए पूर्ववत वरिष्ठतम जिला पंजीयक के अधिकार का प्रयोग करने की बात कही है। अधीनस्थ कार्यालय में निरीक्षण कर यह सुनिश्चित का जाए कि जारी परिपत्र के पालन में वरिष्ठ जिला पंजीयक व अन्य वरिष्ठ जिला पंजीयक व जिला पंजीयकों के मध्य कार्य विभाजन 22 नवंबर मे दिए गए स्पष्टीकरण के अनुरूप हो और निरीक्षण प्रतिवेदन भी आज ही कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए।