सऊदी अरब में फंसे चार हजार भारतीय, इनमें एमपी के 300 से ज्यादा यात्री शामिल, फ्लाइट कैंसिल होने से बढ़ी परेशानी
सऊदी अरब में फंसे चार हजार भारतीय
दरअसल कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने इस मामले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि फंसे हुए यात्रियों में मध्य प्रदेश के करीब 300 से ज्यादा लोग शामिल हैं। इनमें से 120 से अधिक लोग अकेले भोपाल और इंदौर के रहने वाले हैं।
यात्रियों के सामने सबसे बड़ी आफत रोज के खर्च की आ गई है। होटल में रुकने, खाना खाने और आने-जाने पर हर व्यक्ति को रोजाना 4 से 5 हजार रुपए अलग से खर्च करने पड़ रहे हैं। अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मांग की है कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
सिर्फ हेल्पलाइन नंबर से बात नहीं बनेगी
अब्बास हफीज खुद भी इस परेशानी का सामना करके लौटे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी फ्लाइट भी रद्द हो गई थी। तीन-चार दिन भटकने के बाद उन्हें किसी दूसरे देश के रास्ते भारत वापस आना पड़ा।
हफीज का कहना है कि सिर्फ भारतीय दूतावास से हेल्पलाइन नंबर जारी करने या वीजा की मियाद बढ़ाने से यह समस्या हल नहीं होने वाली है। सरकार को एयरलाइंस के साथ मिलकर बात करनी चाहिए। साथ ही लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष विमानों का इंतजाम करना चाहिए। अगर वहां तनाव और बढ़ा, तो बाद में लोगों को निकालना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।
वापसी का रास्ता नहीं सूझ रहा
भोपाल के खानू गांव के रहने वाले अनस खान अपने परिवार के 11 लोगों के साथ उमराह करने मदीना गए थे। उनका 29 अक्टूबर को इंडिगो की फ्लाइट से लौटने का पक्का टिकट था। फ्लाइट कैंसिल हो गई और तब से लेकर अब तक उन्हें कोई दूसरी फ्लाइट नहीं मिल पाई है।
अब ट्रैवल एजेंसी उन्हें किसी दूसरे देश के रास्ते भारत वापस लाने का जुगाड़ देख रही है। इसके चक्कर में पूरे परिवार को पुराने टिकट के पैसों के अलावा लगभग 20 से 22 हजार रुपए प्रति व्यक्ति और ज्यादा ढीले करने पड़ सकते हैं।
एयरलाइंस ने कब तक रोकीं अपनी उड़ानें?
विमान कंपनियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सऊदी अरब के कई बड़े शहरों के लिए अपनी सेवाएं रोक दी हैं।
- एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस: रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक रोक दी गई हैं। वहीं जेद्दा आने-जाने वाली सभी उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी। एयर इंडिया ने 24 अक्टूबर या उससे पहले की बुकिंग वाले यात्रियों को मुफ्त में दोबारा टिकट बुक करने या पूरा रिफंड लेने की सुविधा दी है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी नियमों के तहत एक बार मुफ्त रीबुकिंग की छूट दी है।
- अकासा एयर: इस एयरलाइन ने जेद्दा की उड़ानें 10 नवंबर तक और रियाद की उड़ानें 30 नवंबर तक बंद रखने का फैसला लिया है।
हालांकि, रिफंड या रीबुकिंग की सुविधा मिलने के बाद भी लोगों को तुरंत भारत लौटने के लिए कन्फर्म सीट नहीं मिल पा रही है। इससे परेशानी जस की तस बनी हुई है।
मक्का-मदीना में सुरक्षा का डर
सऊदी अरब के अंदर सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। यहां तक कि मक्का और मदीना में मिसाइलों का मलबा गिरने के खतरे को लेकर चेतावनी भी सामने आई है।
उड़ानें रद्द होने से यात्रियों के साथ-साथ टूर ऑपरेटरों की जेब पर भी भारी मार पड़ रही है। जब यात्री तय समय से ज्यादा दिन रुकते हैं, तो उनके होटल, बस और खाने का खर्च बहुत तेजी से बढ़ता है। ज्यादातर मुसाफिर तय बजट के साथ घर से निकलते हैं। ऐसे में अचानक से आया यह अतिरिक्त खर्च उनकी जेब पर बहुत भारी पड़ रहा है।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच यह झगड़ा क्यों?
इस पूरे विवाद की जड़ यमन के पुराने गृहयुद्ध से जुड़ी हुई है।
- साल 2014 में हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर पूरी तरह कब्जा कर लिया था।
- इसके बाद 2015 में सऊदी अरब ने कई देशों के साथ मिलकर हूतियों के खिलाफ फौजी कार्रवाई शुरू कर दी।
- सऊदी अरब का मकसद था कि यमन की पुरानी सरकार को वापस गद्दी पर बैठाया जाए। साथ ही हूतियों का असर खत्म किया जाए।
- इसके बाद यमन पर सालों तक हवाई हमले होते रहे, लेकिन सऊदी अरब हूतियों को पीछे नहीं हटा पाया।
- आज भी हूती यमन के एक बड़े हिस्से पर काबिज हैं। उनके लगातार हमलों से सऊदी अरब की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है।