एमपी में खत्म हो सकता है 5 Days working सिस्टम, सीएम की दो चेतावनियां बेअसर
मध्य प्रदेश में सरकारी दफ्तरों के लिए लागू पांच दिन के कार्य सप्ताह पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। कर्मचारियों की लगातार लेटलतीफी और बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के ठीक से काम न करने से नाराज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब सख्त रुख अपना चुके हैं। सूत्रों की मानें तो सरकार 5 डे वर्किंग सिस्टम को खत्म कर शनिवार को भी दफ्तर खुलवाने पर विचार कर रही है। हालांकि इस पर अभी सरकारी स्तर पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
5 डे वीक पर संकट क्यों
मध्य प्रदेश में पांच दिन के कार्य सप्ताह की व्यवस्था 2020 में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के मद्देनजर शुरू हुई थी। बाद में 10 जून 2022 के आदेश से इसे आगे बढ़ाया गया। लेकिन कर्मचारियों की लेटलतीफी और बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम में गड़बड़ियों की शिकायतों के बीच अब यह चर्चा तेज हो गई है कि सरकार इस व्यवस्था को खत्म कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, सीएम मोहन यादव चाहते हैं कि शनिवार को भी दफ्तरों में काम हो, ताकि समयपालन को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर लगाम लगे। हालांकि इस बारे में अभी सामान्य प्रशासन विभाग (GAD- जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट) की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
लेटलतीफी की पूरी कहानी
दरअसल 5 डे वर्किंग सिस्टम लागू करते समय कर्मचारियों का कार्यालय समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया था। लेकिन कर्मचारी लगातार देरी से दफ्तर पहुंचते रहे। इसे लेकर सीएम मोहन यादव दो बार सार्वजनिक तौर पर हिदायत दे चुके हैं। इसके बावजूद हालात न सुधरने पर उन्होंने मंत्रालय (वल्लभ भवन) में खुद औचक निरीक्षण भी करवाया। सामान्य प्रशासन विभाग की विशेष टीमों ने विंध्याचल और सतपुड़ा भवन जैसे प्रमुख सरकारी भवनों में भी उपस्थिति का डाटा जुटाया है।
नया अटेंडेंस सिस्टम
मौजूदा बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम ठीक से काम न करने की शिकायतों के बाद अब सरकार एक हाईटेक, रियल टाइम अटेंडेंस सॉफ्टवेयर लाने की तैयारी में है। मई 2026 में हुई एक समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव ने मौजूदा बायोमेट्रिक सिस्टम की समीक्षा कर इसे पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए।
सामान्य प्रशासन विभाग की सैद्धांतिक सहमति के बाद राज्य के करीब 5.50 लाख अधिकारी-कर्मचारियों के लिए यह नया सॉफ्टवेयर एमपीएसईडीसी (MPSEDC- मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) तैयार कर रहा है। इसमें फिंगरप्रिंट के साथ फेस रिकग्निशन तकनीक का भी इस्तेमाल होगा। यह सिस्टम सीट से लंबे समय तक गायब रहने पर सिस्टम खुद ही शॉर्ट लीव या हाफ डे दर्ज कर देगा।
आइरिस स्कैन का दावा भी
कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में कर्मचारियों की हाजिरी आंखों की पुतली (आइरिस) स्कैन से भी लगाई जा सकती है। हालांकि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आइरिस स्कैन तकनीक अब तक सिर्फ भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की पहचान जांचने के लिए अपनाई है, नियमित सरकारी कर्मचारियों की हाजिरी में इसके इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हो सकी है।
कर्मचारियों पर असर
अगर 5 डे वीक खत्म होकर शनिवार को भी काम अनिवार्य हो जाता है, तो इसका सीधा असर राज्य के करीब 5.50 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों पर पड़ेगा। साथ ही नई अटेंडेंस व्यवस्था में समयपालन की लापरवाही पर वेतन कटौती जैसी कार्रवाई की आशंका भी बढ़ सकती है। हालांकि इस पूरे मसले पर कर्मचारी संगठनों या यूनियन की कोई प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
ये भी पढ़ें...
2 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को लिए खुशखबरी, बढ़कर आएगी अगस्त की सैलरी
एमपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा 12 अक्टूबर से, 21 अगस्त से लिए जाएंगे आवेदनॉ
प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई फिर टली, अब 26 अगस्त को होगी
EPF पेंशन फॉर्मूला : औसत वेतन से पेंशन तय करना अन्यायपूर्ण, कर्मचारी संघ मैदान में उतरा