86 हजार बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने की तैयारी, शिवराज सिंह बोले- खाते में जमा होंगे एक हजार

Aman Vaishnav | Oct 25, 2026, 10:25 IST
सुकन्या समृद्धि योजना 86 हजार बेटियों के खाते खुलवाएंगे शिवराज, पहली किस्त के एक हजार रुपए का मिलेगा सहयोग
Shivraj will open accounts for 86,000 daughters under the Sukanya Samriddhi Yojana, and will receive a first installment of Rs 1,000.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार 25 अक्टूबर को सेज यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां उन्होंने ब्यूटीशियन और सिलाई का काम सीखने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र बांटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि संसदीय क्षेत्र की करीब 86 हजार बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ा जाएगा। साथ ही पहली किस्त के रूप में एक हजार रुपए जमा कराए जाएंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan) ने बताया कि उनके विदिशा संसदीय क्षेत्र के चार जिलों (विदिशा, सीहोर, देवास और रायसेन) की 230 महिलाओं ने यह हुनर सीखा है। इनमें से 80 महिलाओं के स्वरोजगार के लिए लोन भी मंजूर हो चुके हैं। अच्छी बात यह है कि सिर्फ 35 दिन की ट्रेनिंग लेने के बाद कई महिलाओं ने अपना काम शुरू कर दिया है। जो महिलाएं इस बार ट्रेनिंग नहीं ले पाईं उनके लिए अगला बैच 27 अक्टूबर से शुरू होगा।



शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सिर्फ ट्रेनिंग देने की पहल नहीं है, बल्कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने का एक बड़ा कदम है। इसके जरिए महिलाओं को खुद कमाने का मौका मिल रहा है। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि कोई भी बेटी मजबूरी में न जिए। बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिंदगी जी सके।



हजारों बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना का सहारा

बेटियों के सुरक्षित कल के लिए केंद्रीय मंत्री ने एक और बड़ी पहल सामने रखी है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा परिवारों को सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) से जोड़ा जाएगा।



शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पूरे संसदीय क्षेत्र के आंकड़ों की जांच के बाद करीब 86 हजार बेटियों की पहचान की गई है। इन्हें इस सरकारी योजना से जोड़ा जाएगा। अनुमान है कि हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 10 हजार बेटियां इसके दायरे में आएंगी। उन्होंने बताया कि अलग-अलग लोगों के सहयोग से इन बेटियों के बैंक खातों में पहली किस्त के तौर पर एक-एक हजार रुपए जमा कराए जाएंगे। इससे परिवारों पर शुरुआत में कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। बेटियों के खाते खुल जाएंगे और आगे परिवार खुद भी उनमें पैसे जमा करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।



खेती-किसानी को आधुनिक बनाने की तैयारी

शिवराज सिंह चौहान ने केवल शहरों तक सीमित रहने के बजाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समृद्ध गांव अभियान चलाकर हर गांव के हर एक परिवार को आजीविका से जोड़ा जाएगा।



युवाओं के लिए स्किल सेंटर और कोचिंग

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मंडीदीप में फैक्ट्रियों और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को तैयार किया जाएगा। इसके लिए वहां एक स्किल सेंटर खोलने की योजना है। साथ ही पहले से चल रहे कोचिंग सेंटरों को हुनर सिखाने वाले केंद्रों में बदलने पर भी विचार चल रहा है, ताकि युवाओं को सीधे नौकरियां मिल सकें।



किसानों को बनाया जाएगा मास्टर ट्रेनर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए उन्हें दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा। वहां वे आधुनिक खेती के नए तरीके सीखेंगे और वापस आकर अपने इलाके के दूसरे किसानों को भी सिखाएंगे। इसके अलावा, किसानों को अच्छी किस्म के बीज दिए जाएंगे। एक-एक एकड़ जमीन पर गेहूं, धान, फल और सब्जियों की उन्नत खेती करके दिखाई जाएगी। इससे दूसरे किसान भी इन मॉडलों को देखकर खेती के नए तरीके सीख सकेंगे।



क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?

आमतौर पर इस योजना में एक परिवार की दो बेटियों के नाम पर ही खाते खुल सकते हैं। वहीं अगर पहली बार में ही तीन बेटियों का जन्म हुआ है या पहली बार एक बेटी और दूसरी बार जुड़वां बेटियां पैदा हुई हैं, तो तीनों के नाम पर खाते खुलवाए जा सकते हैं। इसके लिए आपको मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा।



इस योजना में नियमित पैसे जमा करके तीनों बेटियों के खातों में कुल करीब 2.15 करोड़ रुपए जुटाए जा सकते हैं।



18 साल की उम्र में बेटी खुद संभाल सकती है खाता

आप किसी भी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक में 250 रुपए से सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवा सकते हैं। इसके बाद हर साल कम से कम 250 रुपए जमा करना जरूरी है। बेटी के 18 साल की होने तक माता-पिता खाते को संभालते हैं। इसके बाद जरूरी दस्तावेज जमा करके बेटी खुद अपना खाता चला सकती है।



कब खुल सकते हैं तीन बेटियों के खाते?

इस योजना में तीसरी बेटी का खाता खुलेगा या नहीं, यह बच्चियों के जन्म के क्रम पर निर्भर करता है।



तीनों बेटियों का खाता कब खुलेगा: अगर पहली डिलीवरी में ही तीन बेटियों का जन्म हुआ है, तो तीनों के खाते खुल सकते हैं। इसी तरह पहली डिलीवरी में एक बेटी और दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बेटियां पैदा होने पर भी तीनों के खाते खुल सकते हैं।



तीसरा खाता कब नहीं खुलेगा: अगर पहली डिलीवरी में जुड़वां बच्चे पैदा हुए और दूसरी डिलीवरी में एक बेटी हुई, तो तीसरी बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना का खाता नहीं खुल सकता।



तीसरी बेटी के खाते के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी

तीसरी बेटी के नाम पर खाता खुलवाने के लिए माता-पिता को मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा। यह सर्टिफिकेट किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल से जारी होना चाहिए। इससे यह साबित होता है कि बच्चियों का जन्म जुड़वां या एक साथ तीन बच्चों के रूप में हुआ है।



तीन खातों से 2.15 करोड़ रुपए कैसे मिलेंगे?



सुकन्या समृद्धि योजना में एक खाते में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं।



  • एक बेटी के खाते का हिसाब: अगर आप हर साल 1.5 लाख रुपए जमा करते हैं और खाते पर 8% सालाना ब्याज मिलता है, तो 15 साल में कुल 22.5 लाख रुपए जमा होंगे। इस हिसाब से मैच्योरिटी पर करीब 71.82 लाख रुपए मिल सकते हैं। इसमें लगभग 49.32 लाख रुपए ब्याज होगा।
  • तीनों बेटियों के खातों का हिसाब: अगर तीनों बेटियों के खातों में इसी तरह पैसे जमा किए जाएं, तो कुल रकम करीब 2.15 करोड़ रुपए हो सकती है।

ध्यान रखें कि यह गणना 8% ब्याज दर के आधार पर है। ब्याज दर में बदलाव होने पर मैच्योरिटी की रकम भी बदल सकती है।



टैक्स और समय से पहले पैसे निकालने के नियम

  • टैक्स में छूट: योजना के मौजूदा नियमों के तहत इसमें जमा रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की रकम टैक्स छूट के दायरे में आते हैं।
  • समय से पहले निकासी: इस योजना में खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद मैच्योरिटी होती है। हालांकि बेटी के 18 साल की होने या 10वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए नियमों के मुताबिक कुछ रकम निकाली जा सकती है। शादी के मामले में भी निर्धारित शर्तों के तहत समय से पहले खाता बंद कराया जा सकता है।

जरूरी बात: योजना में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा करने की सीमा है। सामान्य रूप से जमा करने की अवधि 15 साल होती है। इसलिए 2.15 करोड़ रुपए के अनुमान को मौजूदा ब्याज दर, जमा करने की अवधि और योजना के नियमों के आधार पर जांच लेना चाहिए।



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