क्या आप 8वीं पास से तेज हैं, यदि हां तो ये सरकारी नौकरी है आपके लिए
BHOPAL. क्या आठवीं पास से तेज हैं। हां, मतलब क्या आपने कम से कम आठवीं पास की है। यदि हां तो आपके लिए खुशखबरी है। आप पटवारियों की छुट्टी कर उनकी जगह ले सकते हैं। फसल गिरदावरी के काम में सामने आ रही गड़बड़ियों और बेवजह देरी से नाखुश मध्यप्रदेश सरकार पटवारियों को गिरदावरी के काम से छुट्टी दे सकती है।
10 से 30 हजार रुपए तक कमा सकेंगे
अब सवाल उठता है कि जब पटवारी फसल गिरदावरी नहीं करेंगे तो कौन करेगा दरअसल, अब ये काम आठवीं पास युवा करेंगे। सरकार ने फसल गिरदावरी का काम ग्रामीण क्षेत्रों के आठवीं पास नौजवानों को देने का फैसला किया है। फसलों का सर्वे कर ये युवा अच्छी खासी नौकरी पा सकते हैं और वो कम से कम 10 हजार और ज्यादा से ज्यादा 30 हजार रुपए तक आराम से कमा भी सकेंगे। सबसे पहले पंचायत स्तर पर पात्र नौजवानों का रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद राजस्व निरीक्षक रैंक का अधिकारी उन्हें ट्रेनिंग देगा और जरूरी औपचारिकताओं के बाद सर्वेयर्स को फील्ड पर उतारा जाएगा।
तीन सीजन के लिए काम
फिलहाल ये सामने नहीं आया है कि युवाओं को संविदा के आधार पर नियुक्ति दी मिलेगी या परमानेंट। उनकी सैलरी मंथली होगी या डेली। सैलरी के अलावा कोई सुविधा मिलेगी या नहीं। इन तमाम सवालों के जवाब समय के साथ मिल जाएंगे, लेकिन इतना जरूर है कि सालभर में तीन बार काम मिलना तय है। यानी अगर आपने एक सीजन का काम भी पूरा कर लिया तो कम से कम 10 हजार तो कमा ही लेंगे। अगर तीनों सीजन काम किया तो 30 हजार रुपए मिलेंगे।
कुछ और जरूरी बातें
- सबसे जरूरी बात यह है कि इस नौकरी के लिए आपको कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है। पहले पात्र युवाओं का पंचायत स्तर पर रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद राजस्व निरीक्षक रैंक का अधिकारी उन्हें ट्रेनिंग देगा। आवेदक के पास Six Plus वर्जन का एंड्रॉइड फोन होना चाहिए।
- महिला आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। सर्वे का काम बहुत जल्द यानी 01 अगस्त से शुरू होगा। सत्यापन का काम 20 सितंबर तक होगा।
- गिरदावरी के लिए 25 सितंबर से दावा आपत्तियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 30 सितंबर तक दावा आपत्तियों का समाधान होगा।
कहानी आगे की...
यदि संबंधित ग्राम पंचायत में एक भी आठवीं पास युवा नहीं मिला, जिससे चांसेस कम ही हैं, कोई न कोई तो मिल ही जाएगा। फिर भी यदि ऐसी स्थिति बनती है तो आसपास की ग्राम पंचायतों को मौका दिया जाएगा। इससे भी ज्यादा जानकारी चाहिए तो आप अपनी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत या कलेक्ट्रेट में बेझिझक संपर्क कर सकते हैं।
काम क्या और कैसे होगा, यह भी जान लीजिए
हर सर्वेयर को अधिकतम एक हजार सर्वे नंबर दिए जाएंगे, यानी अपने पूरे टर्म में एक बंदे को एक हजार सर्वे करने होंगे। सर्वे जियो फेस तकनीक से होगा, सर्वेयर एमपी भूअभिलेख एप या पोर्टल पर जो जानकारी भरेगा। उसका सैटेलाइट इमेज के जरिए एनालिसिस होगा। यानी सर्वेयर को टेक्नीकली साउंड होना पड़ेगा। अगर कोई तकनीकी या आंकड़ों की गड़बड़ी सामने आती है या कोई और मिसमैच मिलता है तो फिर सुपरवाइजर या पटवारी को जानकारी भेजकर दुरुस्त कराया जाएगा।
लेन-लेन की बात कर लेते हैं
आपको सैलरी कितनी मिलेगी और कैसे मिलेगी। तो इसका जवाब यह है कि फसल सर्वे के लिए प्रति सर्वे नंबर पहली फसल के लिए 8 रुपए और हर अगले अतिरिक्त दर्ज फसल के लिए 2 रुपए मिलेंगे। प्रति सर्वे नंबर अधिकतम 14 रुपए तक मिलेंगे। सालभर में तीन बार काम मिलना तय है। यानी अगर आपने एक सीजन का काम भी पूरा कर लिया तो कम से कम 10 हजार तो कमा ही लेंगे और अगर तीनों सीजन काम किया तो 30 हजार रुपए मिलेंगे। काम पूरी ईमानदारी से करना होगा, अगर सर्वेयर की ओर से गिरदावरी में जानबूझ कर गड़बड़ी की जाती है तो उसे तत्काल काम से हटा दिया जाएगा।