एमपी में एक करोड़ बच्चों का होगा आधार अपडेट, अभियान एक अप्रैल से
NEWS IN SHORT
मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से आधार अपडेट अभियान शुरू होगा।
करीब एक करोड़ बच्चों की बायोमेट्रिक (Biometric) जानकारी अपडेट की जाएगी।
इस अभियान में उंगलियों के निशान, आंखों की पुतलियां और फोटो अपडेट होंगे।
यह काम राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग और केंद्र के आधार प्राधिकरण मिलकर करेंगे।
अभियान 15 मई तक सरकारी स्कूलों में चलेगा, और यह सेवा बच्चों के लिए पूरी तरह मुफ्त है।
NEWS IN DETAIL
1 अप्रैल से शुरू होगा अभियान
MP News. मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से सरकारी स्कूलों के 5 से 17 साल के बच्चों का आधार अपडेट (aadhaar card) करने का बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। इससे पहले पिछले सत्र में 15 लाख बच्चों का आधार अपडेट हो चुका था। अब बचे करीब एक करोड़ बच्चों की बारी है।
राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग और केंद्र सरकार के आधार प्राधिकरण UIDAI मिलकर यह काम करेंगे। यह अभियान 15 मई तक चलाया जाएगा। केंद्र के प्रवक्ता अभिभाग अनुरागी ने बताया कि एक अप्रैल से बच्चों की सुविधा के लिए "आधार अब स्कूल के द्वार" अभियान शुरू किया जा रहा है।
5 और 15 साल पर होती है अपडेट
इस अभियान की जड़ में छात्रों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट होना जरूरी है। बच्चे के आधार में उंगलियों के निशान, आंखों की पुतलियां और फोटो को ताजा किया जाता है। यह काम बच्चे की 5 साल और 15 साल की उम्र में होना जरूरी होता है।
अपडेट आधार कार्ड स्कूल में दाखिले, परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर DBT (Direct Benefit Transfer) जैसी सेवाओं के लिए जरूरी होता है। बिना अपडेट आधार के बच्चे इन सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं।
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समग्र शिक्षा अभियान बंद होगा
मध्यप्रदेश में जहां एक ओर स्मार्ट क्लास शुरू होने की खबर है, वहीं स्कूल शिक्षा व्यवस्था में भारत सरकार के समग्र शिक्षा अभियान की बड़ी भूमिका भी समाप्त होने जा रही है। 31 मार्च से इस अभियान के बंद होने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
इसके तहत 62 कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर की सेवाएं भी खत्म कर दी जाएंगी। समग्र शिक्षा सेकेंडरी एजुकेशन के अपर संचालक मनीष वर्मा ने बताया कि अभियान बंद करने का निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयकों को पत्र के जरिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान की योजना 2025-26 तक के लिए स्वीकृत थी।
क्या है समग्र शिक्षा अभियान?
समग्र शिक्षा अभियान भारत सरकार की एक प्रमुख केंद्र-प्रायोजित (Centrally Sponsored) योजना है। यह प्री-स्कूल से कक्षा 12 तक की स्कूली शिक्षा (school children) को एकीकृत रूप से सुधारने के लिए बनाई गई है। इसमें सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षा को मिलाकर बनाया गया था। अब 2026-27 के लिए इस अभियान की स्वीकृति के संबंध में भारत सरकार से 30 अप्रैल तक कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।
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भोपाल के 78 स्कूलों में डिजिटल क्लास
भोपाल की राजधानी के 78 सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों (bhopal school students) के बच्चे नए शैक्षणिक सत्र से अब किताबों की जगह डिजिटल स्क्रीन पर पढ़ाई करेंगे। स्मार्ट क्लास पढ़ाने के लिए शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।
जिला शिक्षा अधिकारी पंकज अहिरवार ने बताया कि स्मार्ट क्लास परियोजना के लिए बारीसिया और फंदा क्षेत्र के 78 स्कूलों को चुना गया है। इन स्कूलों में स्क्रीन, डिजिटल कंटेंट और आधुनिक उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं। डीईओ अहिरवार के अनुसार शिक्षकों को दी ट्रेनिंग में बताया गया कि वे यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़कर कठिन विषयों को आसानी से समझा सकते हैं। वृहद स्तर पर पहली बार नए सत्र से इसकी शुरुआत की जाएगी।