ACP शिवेंद्र जोशी को सायबर अरेस्ट के लिए सीबीआई अधिकारी बनकर आया पोलैंड से कॉल, वसूली की कोशिश
इंदौर में सायबर अरेस्ट की वारदात बढती जा रही है। अब सायबर अपराधियों को हौंसले इतने बढ़ गए हैं कि वह पुलिस अधिकारियों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। ताजा घटना इंदौर में इंटेलीजेंस में पदस्थ ACP शिवेंद्र जोशी के साथ हुई। इन्हें डिजिल अरेस्ट कर वसूली की कोशिश हुई, वह भी सीबीआई अधिकारी बनकर।
पोलैंड के नंबर से आया था वाट्सअप कॉल
एसीपी मंगलवार को जनसुनवाई की शिकायतें सुन रहे थे, उनके पास अन्नपूर्णा एसीपी का भी प्रभार है। इसी दौरान उनके नंबर पर वाट्सअप कॉल आया, जिसमें पुलिस अधिकारी की डीपी थी। आरोपी ने फोन पर कहा कि मैं सीबीआई अफसर बोल रहा हूं।
कहा कि हमने तुम्हारे परिचित चार लोगों को पकड़ा है। फोन 48732078186 नंबर से आया था। उस पर आईपीएस विजय कुमार की डीपी लगी हुई थी।
गिरफ्तार करने की धमकी दी
पोलैंड का कोड नंबर देख एसीपी समझ गए कि यह साइबर अपराधियों की चाल है। परिचय देने पर आरोपित अभद्रता करते हुए गिरफ्तार करने की धमकी देने लगा। इस पर एसीपी ने फटकार लगा दी। उनके फटकार लगाने और साइबर सेल से जांच करवाने की बात बोलते ही फोन काट दिया। आरोपित रुपये वसूलने की कोशिश कर रहे थे।
वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क से काल कर रहे अपराधी
साइबर अपराधी जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल करते हैं। वीपीएन कालिंग को ट्रेस करना आसान नहीं है। आरोपित वीपीएन की सहायता से मनचाहे देश के कोड और नंबर डिस्प्ले करवाते हैं।
इंटरनेट कॉलिंग होने से लोकेशन और सीडीआर निकालना भी संभव नहीं हो पाता है। डिजिटल अरेस्ट में झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा के गैंग की जानकारी मिली है।
इस तरह कर रहे ठगी
एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने कहा कि आरोपित कॉल कर पार्सल में ड्रग्स, फर्जी पासपोर्ट और बैंक खातों का मानव तस्करी में इस्तेमाल होने की धमकी देते है।
पुलिस, सीबीआइ, बैंक और नारकोटिक्स अधिकारी बनकर उन्हें वीडियो कॉल से निगरानी में रख लेते हैं, बाद में सत्यापन के बहाने से खातों में जमा राशि को ठग अपने खातों में जमा करवा लेते हैं।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक