स्वास्थ्य विभाग में कुर्सी पर मचा घमासान, एक ही पद पर दो CMHO की दावेदारी, दफ्तर में लटका ताला
रायसेन जिले के स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों प्रशासनिक झगड़ा बहुत बढ़ गया है। CMHO के एक पद को लेकर दो दावेदारों के बीच कानूनी और वर्चस्व की जंग चल रही है। इससे पूरे विभाग में असमंजस की स्थिति है। मंगलवार, 06 मई को तो हालात और भी खराब हो गए जब नए और पुराने CMHO के बीच पदभार को लेकर टकराव हो गया।
एक ही पद के लिए दो अधिकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कमिश्नर के आदेश पर डॉ. एच.एन. मांडरे मंगलवार को CMHO का पदभार संभालने के लिए ऑफिस पहुंचे थे। लेकिन उन्हें वहां निराशा मिली क्योंकि CMHO के चेंबर में ताला लटका हुआ था।
उस समय मौजूदा CMHO, डॉ. दिनेश खत्री कलेक्ट्रेट में एक जरूरी बैठक में थे। एक ही पद के लिए दो अधिकारियों की मौजूदगी ने विभाग के कर्मचारियों और कामकाज को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है।
2025 से हुई विवाद की शुरुआत
इस पूरे विवाद की शुरुआत पिछले साल हुए तबादलों से हुई है। जून 2025 में डॉ. दिनेश खत्री का राजगढ़ तबादला कर दिया गया था। वहीं उनकी जगह डॉ. एच.एन. मांडरे को रायसेन CMHO बनाया गया।
फिर जनवरी 2026 में सरकार ने डॉ. खत्री को फिर से रायसेन CMHO बना दिया है। इसे डॉ. मांडरे ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट से स्टे मिलने के बाद डॉ. मांडरे फिर से पद पर लौटे, लेकिन मार्च 2026 में हाईकोर्ट ने डॉ. खत्री के पक्ष में फैसला दिया। तब से डॉ. खत्री ही इस पद पर कार्यरत हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर असर
इस खींचतान की वजह से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर असर पड़ रहा है। विभाग के कर्मचारी अब इस दुविधा में हैं कि वे किसके आदेशों का पालन करें। कमिश्नर के ताजे आदेश और हाईकोर्ट के पुराने फैसले के बीच फंसी ये कुर्सी की जंग अब रायसेन में चर्चा का विषय बन गई है।
फिलहाल डॉ. दिनेश खत्री कलेक्ट्रेट की बैठकों में व्यस्त हैं। जबकि डॉ. मांडरे कमिश्नर के आदेशों का हवाला देकर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इस प्रशासनिक अड़चन को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाती है।
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