लेट-लतीफी के चलते 90 डिग्री ओवरब्रिज बंद पड़ा, रेलवे-PWD में बढ़ा विवाद

Sandeep Kumar | Jul 16, 2026, 18:50 IST
सरकारी लेट-लतीफी के चलते 90 डिग्री ओवरब्रिज बंद पड़ा
भोपाल का ऐशबाग 90 डिग्री ओवरब्रिज जून 2025 से बंद है। करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से बना पुल अब तक शुरू नहीं हो पाया। रेलवे और PWD के अधिकारी डिजाइन और काम शुरू करने को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • ऐशबाग 90 डिग्री ओवरब्रिज जून 2025 से बंद पड़ा है।
  • पुल निर्माण में करीब 18 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
  • रेलवे और PWD के दावों में अंतर सामने आया है।
  • ब्रिज को 2.5 मीटर चौड़ा करने की योजना है।
  • एक साल बाद भी सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ है।

ओवरब्रिज पर संकट

भोपाल का 90 डिग्री ब्रिज लंबे समय से बंद है। करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से बना यह पुल जून 2025 में तैयार हुआ था। लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद भी लोगों के लिए नहीं खोला गया।



इस पुल को सुरक्षित बनाने के लिए सुधार कार्य होना है। इसके लिए ब्रिज को 2.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इससे मोड़ का रेडियस बढ़ेगा और वाहन चालकों को सुविधा मिलेगी। लेकिन अब यह प्रोजेक्ट विभागीय खींचतान में फंस गया है। रेलवे और लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) यानी PWD के अधिकारी अलग-अलग बातें कह रहे हैं।



रेलवे ने PWD पर छोड़ी जिम्मेदारी

रेलवे के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अनुपम अवस्थी ने कहा कि रेलवे की तरफ से जरूरी मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि डिजाइन PWD को सौंप दिया गया है। उनके अनुसार सबसे बड़ी समस्या रेलवे सिग्नलिंग तारों की थी। तारों को हटाने का काम भी पूरा हो चुका है। रेलवे अधिकारी का कहना है कि अब PWD को मौके पर बैरिकेडिंग करनी है। इसके बाद सुधार कार्य शुरू किया जा सकता है।रेलवे के अनुसार उसकी तरफ से कोई बड़ी अड़चन नहीं बची है। अब काम शुरू करने की जिम्मेदारी PWD की है।



PWD का अलग दावा

वहीं PWD के ब्रिज विंग के मुख्य अभियंता गोपाल सिंह का दावा अलग है। उनका कहना है कि डिजाइन अभी तकनीकी जांच में है। उन्होंने कहा कि मंजूरी मिलने के बाद डिजाइन रेलवे को भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। दोनों विभागों के बयानों में अंतर ने मामले को और उलझा दिया है। खास बात यह है कि 7 अप्रैल को दोनों विभागों की बैठक हुई थी। इस बैठक में डिजाइन को अंतिम रूप दिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद भी अब तकनीकी जांच की बात कही जा रही है।



एक साल से जनता परेशान

ऐशबाग क्षेत्र में यह ओवरब्रिज काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पुल बंद होने से आसपास के रास्तों पर दबाव बढ़ रहा है।


वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी सुविधा नहीं मिल रही है। शहरवासियों को उम्मीद थी कि पुल जल्द शुरू होगा। लेकिन विभागीय देरी के कारण इंतजार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुधार कार्य जमीन पर कब शुरू होगा।



डिजाइन विवाद में अटका काम

सूत्रों के अनुसार PWD में हुए प्रशासनिक बदलाव के बाद भी काम प्रभावित हुआ है। मुख्य अभियंता गोपाल सिंह हाल में MPRDC से PWD में आए हैं। विभागीय कामकाज को समझने की प्रक्रिया के कारण देरी की चर्चा है। हालांकि अधिकारियों ने इसे देरी का कारण नहीं बताया है। वर्तमान स्थिति में पुल सुधार योजना कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है। विभागों के बीच तालमेल की कमी से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है।



2.5 मीटर बढ़ेगी चौड़ाई

ऐशबाग ओवरब्रिज की सबसे बड़ी समस्या 90 डिग्री का मोड़ है। इस मोड़ को सुरक्षित बनाने के लिए पुल चौड़ा किया जाना है। योजना के अनुसार ब्रिज को 2.5 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। इससे मोड़ का रेडियस बढ़ेगा और दुर्घटना का खतरा कम होगा। जून 2025 में तैयार हुआ पुल अब सुधार का इंतजार कर रहा है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द काम शुरू होगा।



कब खुलेगा पुल, जवाब बाकी

फिलहाल दोनों विभागों के बीच स्थिति साफ नहीं है। रेलवे और PWD अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। एक तरफ रेलवे सभी मंजूरी पूरी होने की बात कह रहा है। दूसरी तरफ PWD तकनीकी प्रक्रिया बाकी होने का दावा कर रहा है। अब लोगों की नजर प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर है। जब तक सुधार कार्य पूरा नहीं होगा, पुल का उपयोग शुरू नहीं हो पाएगा। करीब 18 करोड़ रुपए की लागत वाला यह प्रोजेक्ट देरी का उदाहरण बन गया है। समय पर निर्णय नहीं होने से जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।



FAQ

  1. 90 डिग्री ओवरब्रिज कब तैयार हुआ था?
    ऐशबाग 90 डिग्री ओवरब्रिज जून 2025 में बनकर तैयार हुआ था। इसकी लागत करीब 18 करोड़ रुपए बताई गई है। निर्माण पूरा होने के बाद भी यह पुल अभी तक आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है।
  2. ऐशबाग ओवरब्रिज क्यों बंद है?
    ऐशबाग ओवरब्रिज को सुरक्षित बनाने के लिए सुधार कार्य किया जाना है। योजना के अनुसार पुल को 2.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इससे 90 डिग्री मोड़ का रेडियस बढ़ेगा और यातायात सुरक्षित होगा।
  3. रेलवे और PWD के बीच विवाद क्यों है?
    रेलवे का कहना है कि डिजाइन और जरूरी मंजूरी PWD को दी जा चुकी है। वहीं PWD का कहना है कि डिजाइन की तकनीकी जांच चल रही है। दोनों विभागों के अलग-अलग दावों से काम में देरी हो रही है।

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