घोटालों का गढ़ बना कट्ठीवाड़ा, पहले 18 करोड़ और अब 4 करोड़ की नई धोखाधड़ी

Anjali Dwivedi | Apr 20, 2026, 16:50 IST
alirajpur kattiwada cooperative society fraud
आलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा में आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था में 3.99 करोड़ का घोटाला हुआ है। तत्कालीन प्रबंधकों ने फर्जी आईडी और सीबीएस सिस्टम से धोखाधड़ी की है।

मध्य प्रदेश के आलीराजपुर का कट्ठीवाड़ा इलाका इन दिनों घोटालों का गढ़ बनता जा रहा है। शिक्षा विभाग में हुए 18 करोड़ रुपए के घोटाले का शोर अभी थमा भी नहीं था कि अब आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था में एक और बड़ी धांधली सामने आई है।



रविवार 19 अप्रैल की देर शाम पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। संस्था के तीन अधिकारियों पर करीब चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। सरकारी पैसे की इस बंदरबांट ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।



तीन चेहरों पर भ्रष्टाचार का आरोप

कट्ठीवाड़ा थाने में जिन तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, वे संस्था के महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे। इसमें निर्भय सिंह तोमर (तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कट्ठीवाड़ा), गिरधारी लाल राठौड़ (तत्कालीन शाखा प्रबंधक, आमखुट एवं पर्यवेक्षक) और रमेश भूरिया (समिति प्रबंधक, केवड़ा) के नाम शामिल हैं। उदय सिंह चौहान की लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने इन तीनों को मुख्य आरोपी बनाया है।



डिजिटल सिस्टम में सेंध और फर्जीवाड़ा

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन अधिकारियों ने बैंक के सीबीएस सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की थी। आरोपियों ने फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर सिस्टम में गलत प्रवेश किया। उन्होंने केवल किसानों की लोन लिमिट से अधिक राशि का वितरण कागजों पर दिखाया। साथ ही जब किसानों ने अपना कर्ज चुकाया, तो वह राशि उनके खातों में जमा करने के बजाय खुद डकार गए। इस तरह कुल 3 करोड़ 99 लाख 5 हजार 661 रुपए की सरकारी राशि का घोटाला किया गया।



किन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ

चार्टर्ड अकाउंटेंट की डिटेल्ड जांच रिपोर्ट और जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद, पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया गया है।



पद का दुरुपयोग कर सरकारी खजाने को चपत लगाने के इस मामले ने पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है।



पुलिस की डिटेल्ड जांच शुरू

कट्ठीवाड़ा पुलिस ने इस गंभीर आर्थिक अपराध की कड़ियों को जोड़ने के लिए एनालिसिस शुरू कर दी है। उप-निरीक्षक लालू सिंह भूरिया को इस पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है। बैंक मुख्यालय और जिला प्रशासन इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। जिससे गबन की गई राशि की रिकवरी और दूसरे इन्वॉल्व लोगों का पता लगाया जा सके।



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