एमपी में भी निर्भया जैसा कांड, डकैती के बाद छह बदमाशों ने विधवा से किया गैंगरेप
समझें क्या है पूरा मामला...
- आलीराजपुर के बोरी थाना क्षेत्र के एक गांव में निर्भया जैसी दरिंदगी हुई।
- छह हथियारबंद बदमाश एक विधवा महिला के घर में घुसे।
- बदमाशों को घर में चांदी होने का शक था।
- चांदी कम मिलने पर बदमाशों ने महिला से गैंगरेप किया और बुरी तरह घायल कर दिया।
- महिला को गंभीर हालत में इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है।
डकैती से शुरू हुई वारदात
दरअसल यह घटना 10 जुलाई की मध्यरात्रि की है। छह हथियारबंद बदमाश एक विधवा महिला के घर में घुस गे थे। उन्हें जानकारी थी कि घर में बहुत सारी चांदी रखी है। बदमाशों ने सबसे पहले पूरा घर खंगाला। उन्होंने सामान बिखेर दिया और जमीन तक खोद डाली।
बदमाशों का अनुमान था कि घर में करीब आठ किलो चांदी मिलेगी। तलाशी में उन्हें सिर्फ एक किलो चांदी हाथ ही लगी। मनचाही चांदी न मिलने से बदमाश गुस्सा गए।
महिला के साथ हुई दरिंदगी
चांदी कम मिलने पर बदमाशों ने महिला के साथ बर्बरता की। दो बदमाशों ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद बदमाशों ने महिला से प्राइवेट पार्ट के साथ ऐसी क्रूरता की जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय अस्पताल में हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने महिला को इंदौर रेफर कर दिया।
एसपी खुद पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही आलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली। एसपी ने बताया कि डकैती और सामूहिक दुष्कर्म समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है। पुलिस टीम आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चला रही है।
पीड़िता की हालत बेहद गंभीर
डॉक्टरों ने बताया कि जब पीड़िता को अस्पताल लाया गया, तब उसकी हालत बेहद गंभीर थी। उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं और गुप्तांग में भी अंदरूनी चोटें काफी गंभीर थीं। इसी वजह से डॉक्टरों को तुरंत ऑपरेशन करना पड़ा। फिलहाल उसकी हालत पहले से बेहतर और स्थिर है, लेकिन अभी भी डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
वहीं झाबुआ के विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि यह सिर्फ एक महिला पर हमला नहीं है, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के सम्मान पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और मुख्यमंत्री मोहन यादव, जो गृह मंत्री भी हैं, प्रदेश के लोगों को सुरक्षा देने में नाकाम रहे हैं।
विधानसभा सत्र में उठेगा मुद्दा
विक्रांत भूरिया ने यह भी कहा कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में इस घटना के साथ-साथ दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया जाएगा और सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
जांच के लिए बनी पांच सदस्यीय समिति
विक्रांत भूरिया ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति में पूर्व मंत्री बाला बच्चन, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, विधायक सेना पटेल और खुद विक्रांत भूरिया शामिल हैं।
समिति घटनास्थल का दौरा करेगी, पूरे मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को सौंपेगी।
निर्भया कांड क्या है?
निर्भया केस 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में हुई एक ऐसी दर्दनाक घटना थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। उस समय 23 साल की एक पैरामेडिकल छात्रा अपने दोस्त के साथ मुनिरका बस स्टॉप से एक प्राइवेट बस में सवार हुई थी। कानूनी वजहों से मीडिया ने उसकी पहचान उजागर नहीं की और उसे निर्भया नाम दिया था।
बस में मौजूद चालक समेत छह लोगों ने चलती बस में उसके साथ बेहद क्रूरता की। जब उसके दोस्त ने बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसे भी बुरी तरह पीटा। वारदात के बाद दोनों को चलती बस से सड़क पर फेंक दिया और आरोपी फरार हो गए।
पीड़िता की हालत बेहद गंभीर थी। इलाज के लिए उसे सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 29 दिसंबर 2012 को उसने दम तोड़ दिया।
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