एसपी के खिलाफ SI ने लिख दिया रोजनामचा, एसआई का आरोप गालियां देते हैं साहब

Aman Vaishnav | Feb 02, 2026, 15:20 IST
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भोपाल के देहात एसपी रामशरण प्रजापति पर एसआई केसी यादव ने गंभीर आरोप लगाए हैं। एसआई का कहना है कि एसपी ने उन्हें गालियां और धमकी दी। एसआई ने लिखित शिकायत भी दी है।

क्या एसपी ने एसआई को दी गाली?

भोपाल के देहात एसपी रामशरण प्रजापति पर एक सब इंस्पेक्टर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सूखी सेवनिया थाने के एसआई केसी यादव का कहना है कि एसपी ऑफिस में उन्हें गालियां दी गईं। जब उन्होंने विरोध किया तो एसपी ने केसी यादव को धक्के देकर बाहर निकालने की धमकी दी।



इसके बाद थाने वापस आकर एसआई यादव ने रोजनामचा रिपोर्ट डाली। ये बात एसपी प्रजापति को पता चली, तो उन्होंने फिर से फोन करके केसी यादव को फटकार लगाई। साथ ही दो अलग-अलग मामलों में एसआई केसी यादव पर विभागीय जांच भी शुरू करवा दी गई है।



इधर एसआई केसी यादव ने सीनियर अफसरों को लिखित शिकायत दी है। साथ ही केसी यादव ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह अपनी शिकायत को ही सुसाइड नोट मानेंगे।



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एसआई ने इन्हें भेजी शिकायत

एसआई केसी यादव ने आईजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी है। केसी यादव ने इसमें बताया कि 14 सितंबर 2025 को एसपी रामशरण प्रजापति ने आबकारी एक्ट के एक केस की डायरी मंगाई थी।



मीटिंग खत्म होने के बाद जब केसी यादव ने एसपी से डायरी वापस मांगी तो एसपी ने इसे गुस्ताखी मानते हुए अपशब्द कहे। उन्होंने कहा कि वह डायरी एसडीओपी मंजू चौहान से ले लें।



केसी यादव ने बताया कि 30 साल की नौकरी में पहली बार उनके साथ ऐसा बुरा व्यवहार हुआ। वो इस स्थिति से इतना परेशान हो गए थे कि आत्महत्या करने का सोच रहे थे, लेकिन स्टाफ ने उन्हें समझाया और परिवार की जिम्मेदारियों की वजह से उन्होंने आत्महत्या का इरादा बदल लिया। इसके बाद उन्होंने थाने में पूरी घटना रोजनामचे में दर्ज कर दी।



जैसे ही एसपी को रोजनामचे वाली बात का पता चला, तो उन्होंने बदले की भावना से अलग-अलग नोटिस जारी करना शुरू कर दिए और विभागीय जांच शुरू करा दी। केसी यादव ने कहा कि अब मेरे खिलाफ दो विभागीय जांच जारी हैं। एसपी मुझे बर्खास्त करने की जिद पर अड़े हुए हैं।



हर कोई एसपी प्रजापति से परेशान

एसआई यादव ने अपनी शिकायत में बताया कि कई छोटे अफसर भी एसपी प्रजापति की प्रताड़ना का शिकार हैं। उन्होंने लिखा कि महिला अफसर भी परेशान हैं, लेकिन डर के कारण कोई सामने नहीं आ रहा है।



केसी यादव ने कहा कि पिछले चार महीने में एसपी ने उन्हें इतना परेशान किया कि अब उनके पास दो ही रास्ते हैं। या तो वह अफसरों को सब कुछ बता कर न्याय की मांग करें, या फिर आत्महत्या कर लें। यह पहला मामला नहीं है, जब एसपी देहात रामशरण प्रजापति का नाम विवादों में आया हो। पिछले साल नवंबर में भोपाल देहात में तैनात थाना प्रभारी आशीष सप्रे को लाइन अटैच करने का आदेश एसपी ने जारी किया था।



इस आदेश में टीआई को तुरंत लाइन में भेजने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, 24 घंटे के अंदर ही यह आदेश वापस ले लिया गया। टीआई को लाइन अटैच करने का कारण पशु मेले को शिफ्ट करने की धमकी देना और व्यापारियों से बदसलूकी के आरोप थे।



टीआई आशीष सप्रे को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी सफाई दी, लेकिन एसपी ने उनका पक्ष नहीं माना। इस दौरान टीआई और एसपी के बीच तीखी नोंक-झोंक भी हुई।



हिंदू संगठनों ने दी थी चेतावनी

असल में, टीआई को लाइन हाजिर करने का आदेश आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया था। इन संगठनों ने चेतावनी दी थी कि यदि ये आदेश वापस नहीं लिया गया, तो वे प्रदर्शन करेंगे।



एसपी रामशरण प्रजापति ये बोले...

इस मामले में पुलिस अधीक्षक प्रजापति ने कहा कि यह विभागीय मामला है, इस बारे में उन्हें कुछ नहीं कहना। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मैंने अपने स्तर पर कोई जांच शुरू नहीं की, जो शिकायत आई हैं उन्हें ही जांच के लिए आगे बढ़ाया है।



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