जस्टिस अमित लाहोटी बने MP हाई कोर्ट के एडिशनल जज, राष्ट्रपति की मंजूरी

Neel Tiwari | Aug 07, 2026, 22:17 IST
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को नए एडिशनल जज मिले है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अधिवक्ता अमित लाहोटी की नियुक्ति मंजूर की। केंद्र ने सात अगस्त को नियुक्ति अधिसूचना जारी की। उनका कार्यकाल पद संभालने की तारीख से दो साल रहेगा।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को अब नए एडिशनल जज मिल गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अमित लाहोटी की नियुक्ति मंजूर की है। अमित लाहोटी लंबे समय से हाई कोर्ट में वकालत कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति सात अगस्त 2026 को जारी आदेश से हुई है। वे पद संभालने की तारीख से दो साल तक जज रहेंगे।



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राष्ट्रपति ने दी सहमति

राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 224 के तहत नियुक्ति की है। राष्ट्रपति के पत्र में अमित लाहोटी को अपर जज बताया गया है।



यह नियुक्ति उनके पद संभालने की तारीख से लागू होगी। उनका कार्यकाल दो साल की अवधि के लिए तय किया गया है। राष्ट्रपति भवन में सात अगस्त को नियुक्ति पत्र जारी हुआ।



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केंद्र सरकार ने भी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की

विधि और न्याय मंत्रालय ने भी नियुक्ति आदेश जारी किया है। यह आदेश सात अगस्त 2026 को जारी किया गया है। आदेश पर संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षर हैं। अधिसूचना भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित होगी। इससे अमित लाहोटी की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हुई है।



अब कार्यभार संभालने की तारीख अहम होगी

आदेश में कार्यभार संभालने की तारीख अलग से तय नहीं हुई है। उनका दो साल का कार्यकाल उसी तारीख से शुरू होगा। इसलिए शपथ और कार्यभार की तारीख महत्वपूर्ण रहेगी। उपलब्ध आदेश में अभी शपथ की तारीख नहीं बताई गई है।



अमित लाहोटी का न्यायिक परिवार से पुराना जुड़ाव

अमित लाहोटी का संबंध न्यायिक परिवार से बताया जाता है। वे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के पूर्व जज केके लाहोटी के बेटे हैं। जस्टिस केके लाहोटी हाई कोर्ट में अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं।



वे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे हैं। अब उनके बेटे की न्यायिक नियुक्ति चर्चा में है।



पहले कॉलेजियम ने अमित लाहोटी का नाम भेजा था

अमित लाहोटी की नियुक्ति अचानक सामने नहीं आई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनका नाम सुझाया था। कॉलेजियम ने उनका नाम केंद्र सरकार को भेजा था। उस समय वे हाई कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में काम कर रहे थे। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी।



कॉलेजियम ने किन बातों पर विचार किया था

कॉलेजियम ने उनकी नियुक्ति के लिए कई पहलुओं पर विचार किया था। इस प्रक्रिया में संबंधित रिपोर्ट और न्यायिक राय शामिल थी। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की राय भी ली गई थी। वरिष्ठ जजों के विचार भी प्रक्रिया का हिस्सा रहे। इसके बाद उनका नाम आगे भेजा गया था।



हाई कोर्ट को नए जज की जरूरत क्यों है

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। इन मामलों की सुनवाई के लिए पर्याप्त जज जरूरी हैं। नए जज की नियुक्ति से न्यायिक कामकाज मजबूत होगा। इससे सुनवाई की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। लंबित मामलों के निपटारे में भी मदद मिल सकती है।



अमित लाहोटी के अनुभव से अदालत को फायदा होगा

अमित लाहोटी को हाई कोर्ट में वकालत का अनुभव है। उन्होंने अलग-अलग तरह के मामलों में पैरवी की है। अब वही अनुभव न्यायाधीश की भूमिका में काम आएगा। उनके सामने अब मामलों की निष्पक्ष सुनवाई की जिम्मेदारी होगी। यह जिम्मेदारी उनके पेशेवर सफर का नया चरण होगी।



नियुक्ति के बाद हाई कोर्ट की तस्वीर बदलेगी

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ना अहम है। अदालत में लंबित मामलों का दबाव लगातार चर्चा में रहता है। ऐसे समय में हर नई नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जाती है। अमित लाहोटी की नियुक्ति से न्यायिक क्षमता बढ़ेगी। इसका असर आगे की सुनवाई पर भी दिख सकता है।



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