अमित शाह का ग्वालियर दौरा एक बार फिर टला, 29 अक्टूबर को होना था टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब का भूमिपूजन, अब दिवाली बाद आएंगे!
अब अमित शाह का ग्वालियर दौरा कब होगा?
अमित शाह का यह ग्वालियर दौरा (Amit Shah Gwalior visit) स्थगित होने के बाद सभी की नजर नई तारीख पर है। प्रशासन के अनुसार एक-दो दिन में नई प्रस्तावित तिथि सामने आ सकती है।
एयरपोर्ट से मेला ग्राउंड तक तैयारी
बता दें कि इस बार भी जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। वीआईपी दौरे, सुरक्षा और आयोजन की योजना बन रही थी। तीनों मोर्चों पर एक साथ काम चल रहा था। एयरपोर्ट से मेला ग्राउंड तक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की योजना बनाई जा रही थी। मेहमानों के आने से कार्यक्रम स्थल तक पूरा रास्ता योजना में शामिल था।
साडा और पर्यटन निगम को जिम्मेदारी
आयोजन की जिम्मेदारी साडा को सौंपी गई है। उसके साथ मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) को भी जिम्मा मिला है। दोनों संस्थाओं पर कार्यक्रम की व्यवस्था का दारोमदार है।
170 एकड़ में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब
अब सवाल उठता है कि इस भूमिपूजन में खास क्या है? जवाब 170 एकड़ जमीन में छिपा है। दरअसल ग्वालियर में 170 एकड़ जमीन पर बड़ी योजना है। देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम यहां विकसित करने की योजना है। इकोसिस्टम यानी एक ही जगह पूरा तकनीकी तंत्र।
राज्य सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच एमओयू हुआ। इसके बाद यह परियोजना Telecom Manufacturing Zone के रूप में प्रस्तावित हुई। यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब ग्वालियर को नई पहचान दे सकता है। इससे शहर Telecom hub India की चर्चा में आ सकता है।
इस परियोजना की चार बातें सीधी हैं। जगह ग्वालियर का साडा क्षेत्र है। जमीन 170 एकड़ है। शुरुआती निवेश करीब 2 हजार करोड़ रुपए का है। रोजगार का शुरुआती लक्ष्य 4 हजार 500 प्रत्यक्ष नौकरियां हैं।
यहां 5G से जुड़े उपकरण बनेंगे। 6G और आधुनिक डिजिटल तकनीक के उपकरण भी बनेंगे।
2,000 करोड़ रुपए और 4,500 रोजगार
जानकारी के अनुसार शुरुआती तौर पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा हुई है। साथ में 4 हजार 500 प्रत्यक्ष रोजगार की भी घोषणा हुई है। प्रत्यक्ष रोजगार यानी सीधे परियोजना में मिलने वाली नौकरियां। ये आंकड़े शुरुआती घोषणा के हैं।
भविष्य में 8 से 9 हजार रोजगार का लक्ष्य
आगे चलकर लक्ष्य और बड़ा है। यहां 8 से 9 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। यह मौजूदा घोषणा से करीब दोगुना है। सोचिए एक बार। 8 से 9 हजार युवा अपने क्षेत्र में काम करें, तो तस्वीर कितनी बदलेगी?
शाह का दौरा टलने से आगे क्या?
अमित शाह का ग्वालियर दौरा स्थगित होने के बाद अब सभी की नजरें उनकी नई तारीख पर टिकी हैं। इससे पहले 12 अक्टूबर को प्रस्तावित दौरा टल गया था। इसके बाद 29 अक्टूबर को होने वाला कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में फिलहाल 29 अक्टूबर को भूमिपूजन नहीं होगा।