क्या गुजरात की तरह एमपी में भी होगी शराबबंदी?: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान
नशामुक्ति पर सरकार की योजना
अमित शाह कार्यक्रम को संबोधित करते समय नशामुक्ति को लेकर सरकार की योजना के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बारीकी से प्लानिंग की जाएगी। शाह ने मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ बैठक की बात भी कही है। इस बैठक में नशे के खिलाफ आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को तय समय से पहले नशामुक्त करना लक्ष्य है।
संबोधन में शाह ने वहां मौजूद लोगों को इस अभियान का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जाएगा। खासतौर पर प्रदेश की माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के लिए नशे की जगह नहीं होगी। सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करेगी।
नशामुक्ति का लक्ष्य सिर्फ शराब तक सीमित नहीं
अमित शाह ने जिस नशामुक्त लक्ष्य की बात की है। उसका दायरा सिर्फ शराब तक सीमित नहीं है। केंद्र के 2026-29 के रोडमैप में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना, सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, नशे की मांग कम करना और इलाज-पुनर्वास जैसे उपाय शामिल हैं।
गुजरात में पहले से लागू है शराबबंदी
शराबबंदी की बात हो तो गुजरात का उदाहरण सामने आता है। गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट, 1949 के तहत शराब बनाना, बिक्री, खरीद, और सेवन पर प्रतिबंध का प्रावधान है। हालांकि कानून में कुछ परिस्थितियों में परमिट और अनुमति की व्यवस्था भी है। अगस्त 2026 में गुजरात सरकार ने भी साफ किया था कि राज्य में शराबबंदी हटाने का कोई विचार नहीं है। सरकार ने कहा था कि शराबबंदी जारी रहेगी और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
गोशालाओं को मिले 101 करोड़ रुपए
भोपाल में आयोजित सम्मेलन के दौरान गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इस कार्यक्रम में प्रदेश के कई जिलों से गोपालक पहुंचे थे। करीब 35 हजार गोपालकों ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है।
बता दें शाह ने दूध उत्पादन को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं है। उन्होंने देश में बढ़ते दूध उत्पादन का आंकड़ा सामने रखा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश में दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। उनके मुताबिक दूध उत्पादन 25 करोड़ टन तक पहुंचा है।
IISER परिसर का भी करेंगे शिलान्यास
अमित शाह भौंरी में IISER के अत्रि परिसर का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। इन कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी की हैं। शाह के दौरे में नशामुक्ति और डेयरी प्रमुख मुद्दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने गोपालकों और पशुपालन क्षेत्र की बात की। 2029 तक नशामुक्ति का लक्ष्य अब चर्चा में है। सरकार की आगामी रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार BJP सरकार का विरोध करती है। इसलिए मैं उन्हें जवाब देने आया हूं। उन्होंने सरकार के कामकाज का हिसाब भी सामने रखा है। दूध उत्पादन के आंकड़ों के जरिए उन्होंने अपनी बात रखी। शाह ने कहा कि सरकार की नीतियों से बदलाव आया है। इसके अलावा उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के काम का जिक्र किया। उनके मुताबिक, सरकारें पशुपालन क्षेत्र पर लगातार काम कर रही हैं।
FAQs
- अमित शाह ने नशामुक्ति पर सरकार की योजना के बारे में क्या कहा?
अमित शाह ने नशामुक्ति पर सरकार की योजना के अंतर्गत बारीकी से प्लानिंग करने की बात की और बताया कि प्रदेश को तय समय से पहले नशामुक्त करना लक्ष्य है। - गोशालाओं के लिए सरकार ने कितनी राशि जारी की है?
सरकार ने गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए जारी किए हैं, जैसा कि भोपाल में आयोजित सम्मेलन के दौरान बताया गया। - सरकार की नशामुक्ति योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना और उन्हें नशे से दूर रखना है, विशेष रूप से माताओं को इस अभियान में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।