भागीरथपुरा कांड के बाद विभाग अलर्ट, अमृत 2.0 के तहत चल रहे कामों पर होगी समीक्षा बैठक

Aman Vaishnav | Jan 18, 2026, 10:30 IST
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भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में सोमवार, 19 जनवरी को एक बड़ी बैठक होगी। इसमें अमृत 2.0 प्रोजेक्ट की बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अधिकारी, ठेकेदार और कंसलटेंट मिलकर समस्याओं का हल खोजेंगे।

News In Short

  • सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में विशेष बैठक आयोजित होगी।
  • भोपाल, इंदौर समेत बड़े शहरों में प्रोजेक्ट्स की गति काफी धीमी है।
  • डीपीआर में गड़बड़ी और स्थानीय समन्वय की कमी मुख्य चुनौतियां हैं।
  • दूषित जल अभियान में अब तक 58 ट्यूबवेल बंद किए गए।
  • अमृत मित्रों ने प्रदेश भर में हजारों पानी के सैंपल लिए हैं।

News In Detail

राजधानी में जुटेंगे विभाग के दिग्गज

सोमवार, 19 जनवरी को भोपाल में प्रदेश स्तरीय अमह बैठक आयोजित होगी। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर इस मंथन का केंद्र बनेगा। इसमें संभागवार पानी और सीवेज के कामों की समीक्षा होगी। ठेकेदार अपनी दिक्कतों को अधिकारियों के सामने रखेंगे।



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भागीरथपुरा कांड के बाद अलर्ट विभाग

भोपाल और इंदौर जैसे महानगरों में काम काफी धीमे हैं। अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स पिछड़ रहे हैं। इंदौर की भागीरथपुरा वाली घटना ने विभाग को चौंका दिया है। वहां दूषित जल से हुई परेशानी के बाद विभाग अलर्ट है। अब हर प्रोजेक्ट की प्रगति की बारीकी से जांच होगी।



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तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां

अमृत 2 योजना के कामों की जब जांच की गई, तो कई कमियां सामने आई हैं। कई प्रोजेक्ट्स की शुरुआती प्लानिंग (DPR) ही गलत बनी है। जो अधिकारी जिम्मेदार हैं, वे ढंग से निगरानी नहीं कर रहे हैं और न ही शहर के प्रशासन या ट्रैफिक पुलिस के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के नगर निगमों और नगर पालिकाएं वित्तीय साधनों की कमी से जूझ रहे हैं।



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संभागवार समीक्षा का ब्लूप्रिंट

सोमवार को होने वाली मीटिंग में अमृत 2 योजना के तहत चल रहे कामों का हिसाब-किताब लिया जाएगा। इसमें भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभागों के कामों पर सबसे पहले बात होगी। इसके लिए वहां के बड़े इंजीनियरों (अधीक्षण और कार्यपालन यंत्री) के साथ-साथ ठेकेदारों और कंसलटेंट को भी बुलाया गया है ताकि वे प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस के बारे में चर्चा कर सकें।



दूषित जल के खिलाफ अभियान

प्रदेश में 10 जनवरी से विशेष अभियान चल रहा है। कुल 413 निकायों में ट्यूबवेल की जांच की गई है। अब तक 7 हजार 755 ट्यूबवेल के पानी को परखा गया है। इनमें से 58 ट्यूबवेल में दूषित पानी पाया गया है। विभाग ने तुरंत इन सभी के बिजली कनेक्शन काट दिए है। इन ट्यूबवेलों को अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है।



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अमृत मित्रों की जमीनी सक्रियता

सफाई और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। लगभग 4 हजार 893 जगहों पर लीकेज और टूट-फूट सुधारी गई है। 2 हजार 903 पानी की टंकियों की पूरी तरह सफाई की गई है। कुल 1024 अमृत मित्रों ने सैंपलिंग का काम किया है। उन्होंने 45 हजार 749 पानी के नमूनों की सफल जांच की है। सीएम हेल्पलाइन की 515 शिकायतों का भी निराकरण हुआ है।



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जानें क्या है अमृत 2.0 मिशन

अमृत 2.0 (AMRUT 2.0) का पूरा नाम अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) है। यह केंद्र सरकार की एक अहम योजना है। इसका मुख्य लक्ष्य शहरों को जल सुरक्षित (Water Secure) बनाना है।



अमृत 2.0 का मुख्य उद्देश्य हर शहरी घर में नल से शुद्ध पानी पहुंचाना है। इसके साथ ही सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन को भी मजबूत करना है। इसी योजना के तहत भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में पानी की पाइपलाइनें बिछाने और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने का काम चल रहा है।



जानें क्या है इंदौर का भागीरथपुरा कांड?

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में दूषित पानी की वजह से एक बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया। दरअसल, नर्मदा जल की पाइपलाइन में सीवेज और ड्रेनेज लाइन का पानी मिल गया था।



इससे फीकल कोलिफॉर्म और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया फैल गए। इसके अलावा, इलाके के बोरवेल का गंदा पानी नर्मदा की पाइपलाइन में घुसकर पीने के पानी को जहरीला बना रहा था।



इस वजह से उल्टी और दस्त जैसी बीमारियां फैल गईं, और 3500 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए। इसे भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना के मुख्य कारण के तौर पर बताया जा रहा है।



भागीरथपुरा में अभी तक 34631 घरों का सर्वे किया है। अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। एक 6 महीने का बच्चा भी इस संकट का शिकार हो गया। 441 लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें से 423 को छुट्टी मिल गई है।



वहीं, अभी भी 17 लोग इलाज करा रहे हैं। इसमें से 11 वार्ड में और 6 आईसीयू में है। अब तक (जनवरी 2026 तक ) भागीरथपुरा इलाके में नए मरीज निकल रहे हैं।



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