अनिका को 9.55 करोड़ का इंजेक्शन, हाईकोर्ट ने सरकार से कहा- सहायता रास्ता निकालें
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर की साढ़े तीन साल की अनिका दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है।
- अनिका के इलाज के लिए 9.55 करोड़ रुपए का इंजेक्शन जरूरी है।
- क्राउड फंडिंग से करीब 8 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके हैं।
- हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य से अतिरिक्त मदद तलाशने कहा है।
- मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को होगी।
Indore. इंदौर में साढ़े तीन साल की अनिका शर्मा Spinal Muscular Atrophy (SMA) Type-2 जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शन की कीमत करीब 9.55 करोड़ रुपए है। बच्ची के इलाज के लिए परिवार और सामाजिक संस्थाओं की ओर से पिछले कई महीनों से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी मामले में अधिवक्ता चंचल गुप्ता और लखन शर्मा की ओर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की गई है।
हाईकोर्ट में यह बताया गया
हाईकोर्ट में याचिका के अधिवक्ता गुप्ता और शर्मा ने बताया कि क्राउड फंडिंग से 8 करोड़ जुट गए हैं। हालांकि यह राशि अभी संबंधित संस्थाओं के पास है। वहीं एम्स की ओर से बताया गया कि केंद्र की योजना के तहत 50 लाख की मदद की जाती है। केंद्र द्वारा उपचार संभव होने की स्थिति में यह राशि देने के लिए तैयार है।
कोर्ट ने कहा- असाधारण मामला मानकर रास्ता तलाशें
अदालत ने अनिका की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए सरकार से इस मामले को Exceptional Case मानकर 50 लाख रुपए से अधिक अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावना तलाशने के लिए कहा है। राज्य सरकार के लिए भी इलाज के लिए आर्थिक सहायता के उपाय तलाशने का रास्ता खुला रखा गया है। इसमें 18 अगस्त को सुनवाई होगी।
कौन कितनी राशि दे रहे हैं इसकी जानकारी मांगी
एडवोकेट चंचल गुप्ता के मुताबिक कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले उन सभी संस्थाओं का विवरण और उनकी सहमति संबंधी दस्तावेज पेश किए जाएं, जिन्होंने राशि जुटाई है। संस्थाओं को यह भी स्पष्ट करना होगा कि Novartis का invoice जारी होने पर वे संबंधित राशि AIIMS में जमा करने के लिए तैयार हैं।
इलाज की कुल अनुमानित लागत 9.55 करोड़ रुपए है। क्राउडफंडिंग से करीब 8 करोड़ रुपए और केंद्र की संभावित 50 लाख रुपए की सहायता को देखते हुए अब शेष राशि जुटाना महत्वपूर्ण है।
मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को होगी। उस दिन जुटाई गई राशि, संस्थाओं की सहमति और उपचार के लिए शेष रकम की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।
मामला क्यों बना अहम
अनिका की उम्र अभी सिर्फ साढ़े तीन साल बताई गई है। उसके इलाज का खर्च सामान्य परिवार की क्षमता से बहुत बड़ा है।
इसी वजह से सामाजिक संस्थाओं ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। क्राउड फंडिंग के जरिए बड़ी रकम जुटाई जा चुकी है। अब सरकारी सहायता मिलने से इलाज की राह आसान हो सकती है।
हाईकोर्ट ने भी मामले को असाधारण परिस्थिति माना है। अदालत ने अतिरिक्त वित्तीय सहायता की संभावना तलाशने को कहा। यह निर्देश ऐसे मामलों में सहायता की भूमिका दिखाता है।
फिर भी अंतिम फैसला उपलब्ध दस्तावेजों और सरकारी प्रक्रिया पर निर्भर होगा। अगली सुनवाई में इस मामले की तस्वीर और साफ होगी।
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