मुझे नचनिया कहा,अब चुप क्यों? माता सीता के किरदार पर साध्वी हर्षा रिछारिया का संतों से सवाल
सोशल मीडिया वीडियो से संतों पर साधा निशाना
मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया ने अपने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी किया है। हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरी ने संतों के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती समेत कई संतों पर सीधा निशाना साधा है। हर्षा ने कुछ संतों को समाज का ठेकेदार और दोगला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पहले संतों ने अपमानजनक टिप्पणियां की थीं।
यहां देखें हर्षा रिछारिया का वीडियो..Link
फिल्म में अंजलि अरोड़ा के सीता किरदार पर उठाए सवाल
दूसरी ओर हर्षा ने फिल्म महाकाव्य श्री रामायण कथा-श्री राम की का भी जिक्र किया। यह फिल्म 25 सितंबर 2026 को रिलीज हुई है। इस फिल्म में कच्चा बादाम फेम अंजलि अरोड़ा ने सीता का किरदार निभाया है। हर्षा ने अंजलि के पुराने डांस वीडियो और क्लब कार्यक्रमों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अतीत के बाद भी संतों ने चुप्पी साधी है।
पुराने काम और एंकरिंग को लेकर लगाए गए थे आरोप
हर्षा ने कहा कि संतों ने उन्हें शुरुआत में पाखंडी और नचनिया कहा था। उनके मंच संचालन और एंकरिंग करने पर भी संतों ने आपत्ति जताई थी। हर्षा के मुताबिक कुछ लोग उनके लाइमलाइट में आने से नाराज थे। उन्होंने कहा कि उनके संन्यास और अध्यात्म के मार्ग पर सवाल उठाए गए। वहीं अब अंजलि अरोड़ा के मामले में किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
वीडियो में प्रमुख संतों और महामंडलेश्वरों के दिखाए फोटो
हर्षा ने अपने वीडियो में कई बड़े संतों की तस्वीरें शामिल कीं। इनमें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और महाराज अलीनानंद की तस्वीर थी। साथ ही स्वामी आनंद स्वरूप और महामंडलेश्वर मां योग योगेश्वरी की फोटो थी। आचार्य तन्मय वेद के दातार की तस्वीर भी वीडियो में दिखाई गई। हर्षा ने पूछा कि यह संत अब सीता के किरदार पर चुप क्यों हैं।
हर्षा बोली- सभी के लिए एक जैसा पैमाना होना चाहिए
हर्षा ने कहा कि वह इस दोहरे रवैये पर जवाब मांगने की हकदार हैं। उन्होंने पूछा कि सनातन की मर्यादा की बात करने वाले अब खामोश क्यों हैं। किसी के अतीत को आधार बनाने का नियम सभी पर लागू होना चाहिए।
ग्लैमर से महाकुंभ की लाइमलाइट तक
हर्षा रिछारिया (जन्म 26 मार्च) पहले मॉडलिंग, स्टेज एंकरिंग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसिंग करती थीं। अपने सोशल मीडिया पर वह अक्सर पूजा-पाठ और धर्म से जुड़े वीडियो शेयर करती रहती थीं।
बात जनवरी 2025 की है जब प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई निकली। इसमें हर्षा रिछारिया पीले कपड़े पहने, रुद्राक्ष की माला डाले और माथे पर तिलक लगाए रथ पर सवार नजर आईं। उनका यह लुक इंटरनेट पर रातों-रात वायरल हो गया। इसे लेकर कुछ संतों ने ऐतराज जताया और खूब विवाद भी हुआ। वहीं दूसरी ओर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी खुलकर उनके सपोर्ट में आ गए थे।
विरोध झेला, फिर संन्यास का फैसला लिया
लगातार हो रही बयानबाजी और मानसिक तनाव की वजह से जनवरी 2026 में हर्षा ने एक ऐलान किया। हर्षा रिछारिया ने कहा कि वह धर्म की यह राह छोड़ रही हैं। हालांकि उनका मन संन्यास की तरफ ही लगा रहा।
इसके बाद आखिरकार अप्रैल 2026 में अक्षय तृतीया पर उन्होंने उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम से विधिवत दीक्षा ले ली। मुंडन और पिंडदान जैसे सारे जरूरी नियम निभाकर उन्होंने सांसारिक जीवन को अलविदा कह दिया। अब संन्यास लेने के बाद उन्हें स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जाना जाता है।