अशोकनगर जिला अस्पताल में तीसरी बेटी का जन्म बना काल? SNCU में नवजात की गला घोंटकर कर दी हत्या, मां-दादी पर शक
पोस्टमॉर्टम में गला दबाने की पुष्टि
बता दें कि डॉक्टरों द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। जानकारी के अनुसार मासूम बच्ची के गले पर स्पष्ट निशान भी मिले हैं। इसके अलावा बच्ची के मुंह से खून निकल रहा था। पुलिस के अनुसार बच्ची परिवार की तीसरी बेटी थी। हालांकि गला किसने और क्यों दबाया, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात हुआ था बच्ची का जन्म
चंदेरी क्षेत्र के सकरा गांव निवासी भावना की डिलीवरी अस्पताल में हुई थी। भावना के पति का नाम केदार विश्वकर्मा है। प्रसव शुक्रवार-शनिवार रात करीब 3:30 बजे हुआ था। जन्म के कुछ समय बाद बच्ची को SNCU में रखा गया था। अस्पताल में भावना के पति और सास-ससुर भी मौजूद थे।
वार्ड में नहीं थे कैमरे, परिजनों पर गहराया संदेह
SNCU के भीतर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। इस वजह से घटना का कोई फुटेज नहीं मिल सका। सिविल सर्जन डॉ. बीएल टैगोर ने अहम जानकारी दी। उनके मुताबिक वार्ड में मां और दादी के अलावा कोई नहीं गया था। दादी राजन बाई बच्ची को दूध पिलाने साथ लेकर गई थीं। इन परिस्थितियों के आधार पर परिजनों पर संदेह जताया जा रहा है।
शिशु हत्या के मामलों में मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर
दूसरी ओर एनसीआरबी 2023 की रिपोर्ट गंभीर स्थिति दर्शाती है। वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश में भ्रूण हत्या के 20 मामले दर्ज हुए थे। देश भर में दर्ज कुल 87 मामलों में से 23 प्रतिशत अकेले मध्य प्रदेश में थे। इस मामले में राज्य छत्तीसगढ़ के बाद दूसरे स्थान पर रहा।
शिशु हत्या के मामले में मध्य प्रदेश
वहीं शिशु हत्या के 12 मामले मध्य प्रदेश में दर्ज किए गए थे। देश भर के 63 मामलों में से 19 प्रतिशत केस मध्य प्रदेश के थे। शिशु हत्या में राज्य हरियाणा के बाद दूसरे नंबर पर है। नवजात को छोड़ने के 140 मामले मध्य प्रदेश में दर्ज हुए थे। इस श्रेणी में राज्य देश भर में पहले स्थान पर रहा। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
यह मामला सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर पोल खोलता है। गंभीर हालत में रखे जाने वाले नवजात बच्चों के वार्ड में सीसीटीवी कैमरे न होना बड़ी लापरवाही है। इसके अलावा यह घटना समाज में बेटियों के प्रति आज भी कायम क्रूर सोच को उजागर करती है।
वहीं एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में कन्या भ्रूण और शिशु हत्या के मामले लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई होना बेहद जरूरी है, ताकि मासूमों की जिंदगी सुरक्षित रह सके।
FAQ
- अशोकनगर जिला अस्पताल के SNCU में क्या घटना घटी?
अशोकनगर जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में एक दिन की नवजात बच्ची मृत पाई गई। डॉक्टरों द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में बच्ची की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। - नवजात शिशु अपराधों में मध्य प्रदेश की क्या स्थिति है?
परिजनों पर संदेह इस कारण से किया जा रहा है क्योंकि SNCU में केवल मां और दादी मौजूद थीं, और वार्ड में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे, जिससे घटना का कोई फुटेज नहीं मिल सका। - मध्य प्रदेश में शिशु हत्या के मामले की स्थिति क्या है?
मध्य प्रदेश शिशु हत्या के मामलों में दूसरे स्थान पर है, और यहां 2023 में 12 मामले दर्ज किए गए, जो कुल राष्ट्रीय प्रतीक के 19 प्रतिशत हैं।