अशोकनगर में इंस्टाग्राम से 1.30 करोड़ की ठगी, इन्हीं पैसों से मंदिर में भंडारा; गिरोह धराया
समझें क्या है पूरा मामला
- अशोकनगर में 4 आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर ठगी की।
- इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर नाबालिग लड़की को फंसाया गया।
- आपत्तिजनक वीडियो बनाकर 5 साल तक ब्लैकमेल किया गया।
- फर्जी क्राइम ब्रांच बनकर डराते हुए 1.30 करोड़ वसूले गए।
- पुलिस ने थार कार, जेवर और नकदी बरामद की, बीएनएस व पॉक्सो में केस दर्ज।
इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती
मध्य प्रदेश के अशोकनगर में पुलिस ने एक ऐसे संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल करता था। इस गिरोह ने करीब पांच साल पहले एक नाबालिग लड़की को इंस्टाग्राम पर निशाना बनाया। उस वक्त वह लड़की कक्षा 12वीं में पढ़ रही थी।
मुख्य आरोपी आदित्य सिंह तोमर ने पहले लड़की से सोशल मीडिया पर दोस्ती की। फिर शादी और बेहतर भविष्य का झांसा देकर उसका विश्वास जीता। रिश्ता जमते ही उसने अपने साथी आर्यन सोनी के टैटू स्टूडियो में उसे बुलाना शुरू किया। वहां चोरी-छिपे आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए गए। आर्यन सोनी अशोकनगर के इंद्रा पार्क क्षेत्र में टैटू स्टूडियो चलाता है।
ब्लैकमेलिंग का जाल बुना
एक बार वीडियो हाथ लगते ही ब्लैकमेलिंग शुरू हो गई। पीड़िता को बदनाम करने की धमकी दी जाने लगी। आदित्य ने पीड़िता के पिता की मौत के बाद उससे 5 लाख रुपए की मांग की। डर और बेबसी में पीड़िता ने करीब 2 लाख रुपए दे दिए।
यहीं से ठगी का सिलसिला और बड़ा होता गया। पीड़िता की परिचित आयुषी चौहान भी इस गिरोह का हिस्सा निकली। आयुषी खुद को ज्योतिषी और एस्ट्रोलॉजर बताकर पीड़िता के करीब आई। उसने मुसीबत से बाहर निकालने का भरोसा दिया। लेकिन असल में वह अपने पति आकाश चौहान के साथ मिलकर पीड़िता को और गहरे फंसा रही थी।
फर्जी अधिकारी बनकर डराया
गिरोह ने एक और खतरनाक चाल चली। फर्जी फोन कॉल्स के जरिए आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच (Crime Branch) और पुलिस अधिकारी बताया। पीड़िता को झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकियां दी गईं। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पीड़िता ने खुद एसपी कार्यालय पहुंचकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों और पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क को खंगाला।
5 साल में 1.30 करोड़ की लूट
इस पूरे खेल में पीड़िता से अलग-अलग किश्तों में कुल 1 करोड़ 30 लाख रुपए वसूले गए। गिरोह ने पीड़िता से गोल्ड लोन (Gold Loan) तक लेकर रकम देने पर मजबूर किया। यह सिलसिला पांच साल तक बिना रुके चला।
जांच में सामने आया कि आरोपी इस ठगी की रकम से लग्जरी जिंदगी जी रहे थे। महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े और आलीशान लाइफस्टाइल इनकी पहचान बन चुकी थी। आयुषी चौहान तंत्र-मंत्र और ज्योतिष की आड़ में भी लोगों को ठगती थी। इतना ही नहीं, इसी रकम में से इन लोगों ने नेपाल के मंदिर में भंडारा भी करवाया, ताकि पाप ना लगे।
पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
अशोकनगर पुलिस ने चारों आरोपियों, आदित्य सिंह तोमर, आयुषी चौहान, आकाश चौहान और आर्यन सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से थार रॉक्स (Thar Rocks) कार, सोने-चांदी के जेवर, स्कूटी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और नकदी बरामद की गई है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (Bharatiya Nyaya Sanhita) और पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध की एक गंभीर तस्वीर है। सोशल मीडिया पर दोस्ती से शुरू होकर ब्लैकमेल और करोड़ों की ठगी तक पहुंचना बताता है कि इस तरह के संगठित गिरोह कितने खतरनाक हो सकते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को सम्मान से जीने का अधिकार है और यह मामला उसी अधिकार के हनन का उदाहरण है। पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर कानून कितना सख्त है। यह खबर माता-पिता और युवाओं को सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की जरूरी चेतावनी देती है। डिजिटल नैतिकता के नजरिए से भी यह केस समाज के लिए एक बड़ा सबक है।
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