रामदेव-बृजभूषण विवाद खत्म, पतंजलि ने वापस लिया 50 करोड़ का मानहानि केस, जानें पूरा मामला
कंपनी ने वापस लिया केस
मंगलवार को पतंजलि फूड्स विरुद्ध बृजभूषण शरण सिंह का केस (Brij Bhushan Sharan Singh Case) जस्टिस संदीप एन. भट्ट की बेंच में लिस्ट था। सुनवाई के दौरान कंपनी के अधिवक्ता ने कहा कि वे यह केस वापस लेना चाहते हैं। दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और अब वे केस आगे नहीं चलाना चाहते। इसके बाद बेंच ने केस वापस लेने की मंजूरी देते हुए याचिका खारिज कर दी।
क्यों हुआ था विवाद?
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपए का मानहानि केस (Brij Bhushan Sharan Singh Defamation Case) दायर किया गया था। बृजभूषण शरण सिंह ने 23 नवंबर 2022 को ग्राम डेरे राजा, जिला दरियाबाद, यूपी में एक भागवत कथा के आयोजन में पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे और उसे नकली बताया था।
सिंह ने कहा था कि गाय-भैंस पालोगे, तभी शुद्ध घी मिलेगा, नहीं तो रामदेव का नकली घी खाना पड़ेगा। इसके चलते यह केस दायर हुआ था। बृजभूषण के बयानों के बाद पतंजलि के उत्पादों की खरीद पर असर पड़ने की बात भी कंपनी ने कही थी।
इंदौर में ही क्यों दायर किया था केस
दरअसल, पतंजलि फूड्स का एक कार्यालय मुंबई में है। कंपनी का दूसरा कार्यालय इंदौर के विजय नगर स्थित मेट्रो टावर में है। इसी वजह से कंपनी ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मानहानि का मामला इंदौर में दायर किया था। कंपनी ने अपने इंदौर कार्यालय और यहां मौजूद कारोबारी हितों के आधार पर मामला इंदौर हाईकोर्ट में पेश किया।
संतों ने कराया था दोनों में समझौता
पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच चल रहा विवाद (Brij Bhushan Sharan Singh and Baba Ramdev Controversy) हाल ही में सितंबर माह के अंत में खत्म हुआ था। दोनों ने दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मुलाकात की और आपसी गिले-शिकवे दूर किए थे।
इससे पहले केस दायर होने के बाद दोनों के बीच 18 सितंबर को फोन पर हुई बातचीत में भी सहमति बन गई थी। इसमें अयोध्या और गोंडा के संतों ने मध्यस्थता की थी। इसमें अयोध्या के संत राजकुमार दास, गोंडा के दाऊजी महाराज और चित्रकूट धाम के महंत आलोक कुमार दास की भूमिका बताई गई थी।
समझौते के बाद रामदेव ने यह कहा था
दोनों का मानना था कि मामला लंबा चलने पर दोनों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ सकता था। बाबा रामदेव ने बाद में कहा था कि बृजभूषण शरण सिंह ने उन्हें फोन किया था।
उनके मुताबिक, बृजभूषण ने बातचीत में कहा कि अब तक की सारी बातें खत्म कर देते हैं। रामदेव ने कहा, “लोग सुनी-सुनाई बातों पर चले जाते हैं। बृजभूषण शरण सिंह को भी सुनी-सुनाई बातों के कारण गलतफहमी हो गई थी।”
रामदेव ने कहा, “यह बात साफ होनी चाहिए कि न तो पतंजलि का गाय का घी और न ही इसकी कोई दवा नकली है। स्वामी रामदेव में कुछ भी नकली नहीं है।”
कौन हैं बृजभूषण शरण सिंह?
बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश के बड़े राजनीतिक नेता हैं। वे कई बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उनकी राजनीतिक पकड़ खास तौर पर गोंडा, कैसरगंज और आसपास के इलाकों में मानी जाती है।
वे भारतीय जनता पार्टी से लंबे समय तक जुड़े रहे हैं। बृजभूषण शरण सिंह गोंडा, बलरामपुर और कैसरगंज जैसी सीटों से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। पूर्वांचल की राजनीति में उनका नाम लंबे समय से चर्चा में रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कुश्ती संघ और पहलवानों से जुड़े कई विवाद सामने आए। 2023 में कई महिला पहलवानों ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इस मामले में दिल्ली में प्रदर्शन भी हुआ था। बृजभूषण शरण सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया था।
पतंजलि से उनका विवाद नवंबर 2022 में दिए एक बयान से शुरू हुआ था। एक धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसी बयान के बाद पतंजलि फूड्स ने उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपए का मानहानि केस दायर किया था।
बृजभूषण सिंह का विवादों से रहा है लंबा नाता
यह पहला मामला नहीं है जब बृजभूषण शरण सिंह विवादों में रहे हों। साल 2023 में महिला पहलवानों ने उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में बैठे थे। बाद में छह महिला पहलवानों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया।
मई 2024 में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पांच महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर आरोप तय किए थे। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 354A के तहत चार्ज फ्रेम किए गए थे। एक महिला पहलवान की शिकायत में कोर्ट ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया था। इस केस में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर भी आरोपी थे।
बृजभूषण शरण सिंह शुरू से इन आरोपों से इनकार करते रहे। उन्हें अगस्त 2023 से जमानत मिली हुई थी और जांच एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया था।
बाद में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया। फैसले के बाद बृजभूषण सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि अगर उनके खिलाफ आरोप साबित हुए तो वे सजा स्वीकार करेंगे।
पतंजलि के घी को लेकर दिया गया बयान भी उनके चर्चित विवादों में शामिल रहा। इसी बयान के बाद पतंजलि फूड्स ने उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपए का मानहानि केस दायर किया था, जिसे अब समझौते के बाद वापस ले लिया गया है।