बड़वानी में रिश्वत लेते सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

Sanjay Dhiman | Mar 09, 2026, 20:17 IST
Photograph: (the sootr)
बड़वानी में लोकायुक्त ने रिश्वत लेते सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को ट्रैप किया। इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी गई थी। लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की।

News in Short

  • व्यापारी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायत इंदौर लोकायुक्त में की थी।
  • शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए गए, और 15,000 रुपए रिश्वत ली गई।
  • पुलिसकर्मियों ने व्यापारी से 50,000 रुपए रिश्वत मांगने की धमकी दी थी।
  • लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की और कार्रवाई शुरू की।
  • पुलिस कर्मियों के खिलाफ विवेचना जारी है, और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

News in Detail

बड़वानी जिले में एक बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें लोकायुक्त ने सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। मामला एक व्यापारी के खिलाफ फर्जी केस में फंसाने की धमकी देने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता, जो अंजड़ में एक ज्वेलरी की दुकान चलाता है और सौर ऊर्जा की सामग्री सप्लाई करता है, ने इस मामले में लोकायुक्त से मदद मांगी।



कैसे हुआ मामला शुरू?

शिकायतकर्ता ने बताया कि लगभग एक साल पहले भारत बर्फा नामक व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में उसे थाने बुलाया गया था। वहां, उप निरीक्षक महावीर चंदेल ने उसे धमकी दी कि इस केस में वह फंस सकता है। बाद में 24 जनवरी 2026 को आरोपी उप निरीक्षक और कांस्टेबल पवन प्रजापति ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और कहा कि वह उसे इस मामले से बाहर निकाल देंगे, लेकिन इसके बदले उन्हें 50,000 रुपए रिश्वत देनी होगी।



शिकायत का सत्यापन और रिश्वत का लेन-देन

शिकायतकर्ता ने तुरंत लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त ने इस शिकायत का सत्यापन किया और पाया कि आरोप सही हैं। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी कांस्टेबल पवन प्रजापति से संपर्क किया, जिसने 15,000 रुपए तुरंत ले लिए और बाकी 15,000 रुपए बाद में देने की बात कही।



लोकायुक्त की कार्रवाई

लोकायुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया और भ्रष्टाचार निवारण सशोधन अधिनियम के तहत FIR दर्ज की। इस मामले की विवेचना अभी जारी है। लोकायुक्त टीम में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान, आरक्षक विजय कुमार, आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, कमलेश परिहार और आदित्य भदौरिया शामिल थे, जिन्होंने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।



यह खबरें भी पढ़ें...



एमपी में कुपोषण: मंत्री ने माना, 33% बच्चों में वजन कम, आठ साल से नहीं बढ़ी पोषण आहार की दर



बिजली कंपनी में फर्जी नियुक्तियों का खुलासा: संविदा और अनुकंपा नियुक्तियों में बड़ी गड़बड़ी



प्याज-लहसुन को तामसिक बताने वाली याचिका पर वकील को CJI सूर्यकांत की फटकार



मुकंदरा टाइगर रिजर्व में बाघिन को खुले जंगल में छोड़ा, नर बाघ MT-5 के साथ जोड़ी बनने की उम्मीद



Tags:
  • रिश्वत
  • इंदौर लोकायुक्त
  • आत्महत्या
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
  • सब इंस्पेक्टर