अकेली न आएं बागेश्वर धाम, सेवादारों का भी कोई भरोसा नहीं: धीरेंद्र शास्त्री की महिलाओं से अपील
महिलाएं अकेली न आएं बागेश्वर धाम
छतरपुर जिले के गढ़ा स्थित सिद्धपीठ बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने अपील की है। उन्होंने शनिवार, 03 अक्टूबर की रात श्रद्धालुओं, विशेषकर माताओं-बहनों से सावधान रहने को कहा है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि महिलाएं अकेली धाम में न आएं। यदि अकेली आती हैं, तो किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
सेवादारों और अनजान लोगों से रहें सतर्क
धीरेंद्र शास्त्री ने किसी अनजान व्यक्ति पर विश्वास न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि धाम के सेवादारों पर भी अंधा भरोसा न करें। श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर और हॉल के अलावा कहीं भी न जाने को कहा है। उन्होंने लोगों से धाम में बहुत दिनों तक न ठहरने की अपील की है।
5 किलोमीटर परिसर की सुरक्षा पर बयान
धीरेंद्र शास्त्री ने धाम की सुरक्षा व्यवस्था पर अपनी बात स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि 5 किलोमीटर के पूरे परिसर की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। वे केवल हॉल और मंदिर की जिम्मेदारी ले सकते हैं। धाम में कोई विशेष व्यवस्था न होने से श्रद्धालु खुद सतर्क रहें।
सनातन धर्म पर हमलों का जिक्र
बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वर्तमान में सनातन धर्म पर कुठाराघात हो रहा है। बहुत से लोग सनातन और उनके पीछे पड़े हैं। ऐसे लोग लगातार उपद्रव करते रहते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को अपनी सुरक्षा के प्रति खुद समझदार और सावधान रहना होगा।
वृंदावन जैसी घटनाओं का दिया हवाला
धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक नगरियों की घटनाओं का जिक्र किया है। उन्होंने वृंदावन में हाल ही में सामने आई घटनाओं का हवाला दिया है। वे नहीं चाहते कि किसी अप्रिय घटना से बागेश्वर धाम की बदनामी हो। धाम प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से अपने सामान की देखरेख खुद करने को कहा है।
इस बयान के मायने क्या हैं?
बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री की अपील में तीन बातें खास हैं। पहली, महिलाओं को अकेले आने से बचने की सलाह है। दूसरी, अनजान व्यक्ति और सेवादार पर भरोसा न करने को कहा गया है। तीसरी, परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी पर शास्त्री ने अपनी सीमा बताई।
अब श्रद्धालुओं को क्या करना चाहिए?
बागेश्वर धाम शास्त्री की सलाह के मुताबिक श्रद्धालुओं को कुछ बातें ध्यान रखनी चाहिए। अकेली महिला श्रद्धालु अनजान लोगों पर भरोसा न करें। मंदिर परिसर और हॉल तक ही सीमित रहें। अपने सामान और सुरक्षा की देखरेख खुद करें। धाम में लंबे समय तक रुकने से बचें।
फिलहाल पीठाधीश्वर की सलाह यही है कि श्रद्धालु सतर्क रहें। यानी अपील का केंद्र सतर्कता और खुद की जिम्मेदारी है। बयान शनिवार रात सामने आया। बागेश्वर धाम प्रशासन ने भी वही अपील दोहराई है।