देश के लिए मरना नहीं, जीना है, जो खिलाफ होगा उसे टिकने नहीं देंगे-धीरेंद्र शास्त्री
समझें क्या है पूरा मामला...
- छतरपुर के बागेश्वर धाम में स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह से मनाया गया।
- पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वैदिक गुरुकुलम में ध्वजारोहण किया।
- उन्होंने बच्चों के साथ काफी समय बिताया।
- इसी दौरान उन्होंने Gen-Z को एक नया संदेश दिया।
- शास्त्री ने कहा कि अब नारा जान देने का नहीं, देश के लिए जीने का होना चाहिए।
गुरुकुलम में ध्वजारोहण
दरअसल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बागेश्वर धाम के वैदिक गुरुकुलम में खास आयोजन हुआ था। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद ध्वजारोहण किया था। इसके बाद वे बच्चों के साथ जश्न में शामिल हुए। यह पल गुरुकुलम के बटुकों के लिए यादगार बन गया।
ध्वजारोहण के बाद शास्त्री ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भारत माता के प्रति समर्पित है। उनके मुताबिक गुरुकुलम के बटुक राष्ट्रभक्ति की भावना से भरे हैं। यह देखकर उन्हें गर्व महसूस होता है।
जेन-जी को नया नारा
जानकारी के अनुसार शास्त्री ने कहा कि देश का भविष्य Gen-Z के हाथों में है। यही पीढ़ी नए भारत का निर्माण करेगी। उन्होंने Gen-Z को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
शास्त्री ने कहा कि अब तक नारा था कि देश के लिए जान दे देंगे लेकिन अब यह नारा बदलना चाहिए। शास्त्री बोले कि अब हमें देश के लिए जीना है। साथ ही जो देश के खिलाफ खड़ा होगा, उसे टिकने नहीं देंगे। यह बयान युवाओं को सीधी चुनौती और प्रेरणा दोनों जैसा लगा।
तिरंगा और जवानों का त्याग
शास्त्री ने तिरंगे को लेकर भी भावुक बात कही। उनके मुताबिक तिरंगा हवा से नहीं लहराता। यह जवानों की सांसों से लहराता है। उन्होंने कहा कि जवान वेतन के लिए नहीं, वतन के लिए सेना में जाते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने इसे देश का सौभाग्य बताया। साथ ही उन्होंने पूरे विश्व और हर भारतीय को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। यह बयान उनके भाषण का सबसे भावुक हिस्सा रहा।
एक दिन पहले तिरंगा यात्रा
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले भी बागेश्वर धाम में खास आयोजन हुआ था। शुक्रवार को धीरेंद्र शास्त्री ने तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लेकिन बारिश भी लोगों का जोश कम नहीं कर सकी।
हजारों श्रद्धालु शास्त्री के साथ यात्रा में शामिल हुए। सभी ने जोरदार देशभक्ति के नारे लगाए। देशभक्ति गीतों से पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। शास्त्री खुद भी बारिश में भीगते रहे। इस दौरान वे बच्चों के साथ जश्न मनाते नजर आए।
बता दें कि बागेश्वर धाम में हर साल स्वतंत्रता दिवस अलग अंदाज में मनाया जाता है। इस बार भी गुरुकुलम के बच्चों की भागीदारी खास आकर्षण रही। धीरेंद्र शास्त्री का Gen-Z को दिया संदेश अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
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