बालाघाट के अस्पतालों-स्कूलों में फोटो-वीडियो बनाने पर रोक, कलेक्टर का आदेश

Manya Jain | Sept 04, 2026, 14:28 IST
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बालाघाट जिला प्रशासन ने अस्पतालों, स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर बिना अनुमति फोटो-वीडियो बनाने पर रोक लगा दी है। उल्लंघन पर आपराधिक मामला दर्ज होगा। यह आदेश आदिवासी क्षेत्र में बच्चों की मौत के दावों के बीच आया है।

    बालाघाट जिलेके आदिवासी इलाकों मेंबच्चे लगातार बीमार होरहे हैं और पिछले ढाईमहीने में करीब 30बच्चों की मौत होने कादावा किया जा रहा है।स्वास्थ्य व्यवस्था औरप्रशासन पर सवाल उठनेके बीच गुरुवार कोजिला प्रशासन ने एकसख्त आदेश जारी किया।



    इस आदेश में सार्वजनिकजगहों, अस्पतालों औरस्कूलों में बिनाइजाजत फोटो, वीडियो औररील बनाने पर रोक लगादी गई है। इसकाउल्लंघन करने परभारतीय नागरिक सुरक्षासंहिता यानी बीएनएसएसके तहत आपराधिक मामलादर्ज किया जाएगा।



    यहप्रतिबंधात्मक आदेशअपर जिला दंडाधिकारीडी.पी. बर्मन नेभारतीय नागरिक सुरक्षासंहिता, 2023 की धारा163 के तहत जारी कियाहै। यह आदेश बालाघाटजिले की पूरी राजस्वसीमा में 3 सितंबर सेतुरंत लागू होकर 3नवंबर तक जारी रहनेवाला था।



    कलेक्टर ने प्रतिबंध का आदेश जारी किया है।


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    अस्पतालों में मरीजों की रिकॉर्डिंग पर रोक

    आदेश केअनुसार अस्पतालों औरस्वास्थ्य संस्थानोंमें सक्षम अधिकारी यासंस्था प्रमुख कीइजाजत के बिना मरीजों,उनके परिजनों,डॉक्टरों,स्वास्थ्यकर्मियों याइलाज से जुड़ीगतिविधियों की फोटो,वीडियो या रील बनानामना होगा। इससे मरीजकी निजता, सम्मान,इलाज या मेडिकल काम परअसर न पड़े, यहसुनिश्चित करने की बातकही गई थी।



    स्कूलों में भी नाबालिगों की रिकॉर्डिंग पर बैन

    इसी तरह सरकारी औरप्राइवेट स्कूलों,कॉलेजों और दूसरीशिक्षण संस्थाओं मेंसंस्था प्रमुख कीइजाजत के बिनाछात्रों, खासकरनाबालिगों, शिक्षकोंया पढ़ाई से जुड़ीगतिविधियों की फोटो,वीडियो या रील बनाकरसोशल मीडिया पर डालनेपर भी रोक लगाई गई थी।खासतौर पर अगर इससेछात्रों की पहचान,सुरक्षा, निजता यापढ़ाई की व्यवस्था परअसर पड़ने की आशंकाहो। कलेक्टर का आदेश



    आदेश में कहा गयाथा कि यह आम लोगों कीसुरक्षा, मरीजों कीनिजता और सम्मान,छात्रों की सुरक्षा,सरकारी रिकॉर्ड कीगोपनीयता तथा सरकारी,मेडिकल और शैक्षणिककामों को ठीक से चलानेऔर शांति बनाए रखने केलिए जारी किया गया है।



    पत्रकारों ने उठाए सवाल

    वरिष्ठ पत्रकारकैलाश साहू के मुताबिकऐसा कोई आदेश पहले कभीजारी नहीं हुआ था।उनका कहना है कि इसआदेश से ऐसा लगता हैकि बैगा बच्चों कीअसमय मौत को लेकर जिलाप्रशासन और राज्यसरकार पर सवाल उठ रहेहैं।



    उनका आरोप है किइसी वजह से आनन-फाननमें यह आदेश सिर्फबालाघाट जिले में लागूकिया गया। उनकेमुताबिक इससे यह भीलगता है कि प्रशासनसच्चाई जनता के सामनेनहीं आने देना चाहता।यह एक पत्रकार काव्यक्तिगत आरोप है,इसकी पुष्टि प्रशासनके किसी आधिकारिक बयानसे इस रिपोर्ट मेंनहीं हो पाई है।



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