भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बसंत पंचमी पर पूजा और नमाज दोनों होगी

Amresh Kushwaha | Jan 22, 2026, 13:19 IST
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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के भोजशाला मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को परिसर साझा करने का आदेश दिया है। मुस्लिम पक्ष को दोपहर एक से तीन बजे तक नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार की भोजशाला विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया है। हिंदू पक्ष को बसंत पंचमी पर दोपहर 12 बजे तक पूजा करने की अनुमति दी गई है। वहीं, मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज पढ़ने का समय दिया गया है। फिर हिंदू पक्ष शाम 4 बजे से अपनी पूजा शुरू कर सकेगा।



बता दें कि हिंदू पक्ष ने 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की इजाजत के लिए 20 जनवरी को याचिका दायर की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आज (22 जनवरी) अपना फैसला सुनाया है।



बसंत पंचमी पर दिनभर होगी पूजा- हिंदू पक्ष

हिंदू पक्ष के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस साल बसंत पंचमी शुक्रवार, 23 जनवरी को है। उन्होंने बताया कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा, हवन और पारंपरिक अनुष्ठान होंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी। जैसा कि पिछले वर्षों में किया गया था।





नमाज के बाद खाली कर देंगे परिसर- मस्जिद पक्ष

मस्जिद पक्ष के वकील ने कहा कि दोपहर 1 से 3 बजे नमाज होगी। इसके बाद परिसर खाली कर दिया जाएगा। हिंदू पक्ष ने सुझाव दिया कि नमाज शाम 5 बजे के बाद हो, ताकि पूजा में कोई रुकावट न हो। इस पर मस्जिद पक्ष ने साफ किया कि जुमे की नमाज का समय नहीं बदल सकते। बाकी नमाजों के समय में बदलाव संभव है।



नमाज के लिए होगा अलग स्थान

केंद्र सरकार और ASI के वकील के.एम. नटराज ने सुझाव दिया कि नमाज के लिए एक अलग स्थान तय किया जाए। इस स्थान में अलग प्रवेश और निकास होंगे। जिला प्रशासन को पहले से यह जानकारी दी जाएगी कि कितने लोग नमाज के लिए आएंगे, ताकि पास जारी किए जा सकें। इस पर सलमान खुर्शीद ने सहमति जताई और कहा कि नमाजियों की संख्या आज ही प्रशासन को दे दी जाएगी।



दोपहर 1 से 3 बजे तक होगी नमाज- SC

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज के लिए अलग क्षेत्र मिलेगा। इसी तरह, पिछली प्रथा के अनुसार, बसंत पंचमी पर हिंदू समुदाय को पूजा के लिए अलग स्थान दिया जाएगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों से अपील की कि वे आपसी सम्मान बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें।



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कड़ी सुरक्षा के इंतजाम

सांप्रदायिक तनाव से बचने के लिए प्रशासन ने आठ हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इनमें CRPF (Central Reserve Police Force) और RAF (Rapid Action Force) के जवान शामिल होंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे दिन पेट्रोलिंग की जाएगी और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से इलाके की निगरानी रखी जाएगी।



इंदौर रेंज के आईजी ने की सुरक्षा की समीक्षा

इंदौर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आईजी अनुराग ने मंगलवार, 13 जनवरी को धार भोजशाला का दौरा किया था। साथ ही सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया था। उन्होंने भोजशाला-कमल मौला मस्जिद का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों से चर्चा की थी।



उन्होंने कहा कि इस दिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होगी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। साथ ही शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



भोजशाला में पहले भी विवाद हुआ था

पिछले साल 2016 में भी बसंत पंचमी और शुक्रवार के दिन भोजशाला में पूजा और नमाज के समय विवाद उत्पन्न हुआ था। उस समय शहर में विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुई थीं। प्रशासन इस बार इन घटनाओं से बचने के लिए पूरी तरह से तैयार है।



धार में भारी पुलिस बल तैनात

इंदौर रेंज आईजी (IG) अनुराग ने बताया कि 23 जनवरी को लगभग आठ हजार सुरक्षाकर्मी भोजशाला के आसपास तैनात होंगे। इसमें CRPF और RAF के जवान शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का फोकस सोशल मीडिया पर भी रहेगा और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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