बंशी गुर्जर एनकाउंटर में गिरफ्तार डीएसपी ग्लैडविन की जमानत खारिज, ASP-CSP गायब
नीमच के अपराधी बंशी गुर्जर के फर्जी एनकाउंटर मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार हुए पन्ना के एसडीओ (डीएसपी) ग्लैडविन एडवर्ड और नीमच में पदस्थ प्रधान आरक्षक नीरज प्रधान की मुश्किलें बढ़ चुकी हैं। जिला कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यानी वह जेल में ही रहेंगे। सूत्रों के अनुसार करीब दो दर्जन पुलिस अधिकारी, कर्मचारियों में से नौ पर हत्या का केस हुआ है। उधर एएसपी अनिल पाटीदार, एएसपी मुख्तार कुरैशी और सीएसपी विवेक गुप्ता मोबाइल बंद कर पारिवारिक कारण और माता या पिता की तबीयत का बहाना बनाकर छुट्टी का बोलकर गायब हो चुके हैं। उनके पीछे सीबीआई लगी है।
सीबीआई ने इन धाराओं में लगाया केस
सीबीआई ने कोर्ट में बताया कि इन आरोपियों पर आईपीसी की धारा 307, 353, 332 के साथ आर्म एक्ट की धारा 25 व 27 और बीएनएस की धारा 483 का केस हुआ है। सभी तर्कों को सुनने के बाद दोनों की याचिका खारिज कर दी गई। अब इनके पास हाईकोर्ट ही जाने का रास्ता बचा है। सीबीआई दिल्ली यूनिट— 1 ने इन दोनों आरोपियों को इंदौर में 2 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया था और एक दिन की रिमांड के बाद सेंट्रल जेल इंदौर भेज दिया गया था। दोनों आरोपियों की तरफ से 4 अप्रैल को BAIL APPLICATION नंबर 18929/2025 इंदौर कोर्ट में लगाई गई थी।
ग्लैडविन की हालत देख भागे ASP, CSP
इस फर्जी एनकाउंटर में (क्योंकि बंशी गुर्जर जिंदा है और वह नीमच के पास अपने गांव में मौजूद है, द सूत्र ने उससे एक्सक्लूसिव बात कर पूरी घटना का खुलासा किया था) तत्कालीन नीमच एसपी वेदप्रकाश शर्मा सहित कई अधिकारी उलझ गए हैं। यह अधिकारी अपनी ड्यूटी से गायब है और सीनियर को बहाना बनाकर छुट्टी लेकर मोबाइल बंद कर भाग गए हैं।
यह सभी अग्रिम जमानत की जोड़-तोड़ में लगे हैं
- तत्कालीन एसपी वेदप्रकाश शर्मा- यह रिटायर हो चुके हैं, इन्होंने ही अधिकारियों को सात फरवरी 2009 को बताया था कि बंशी गुर्जर नलवा अपने घर की ओर आ रहा है, उसे पकड़ो।
- तत्कालीन एसडीओ मनासा अनिल पाटीदार- यह अभी बड़वानी में एएसपी है। एनकाउंटर की लिखी एफआईआर के अनुसार यह टीम में थे और उन्होंने भी एक गोली मारी थी।
- तत्कालीन टीआई विवेक गुप्ता- यह अभी पीथमपुर में सीएसपी है। इन्होंने भी एनकाउंटर में गोली मारी थी। इनके साथ रामपुरा के तत्कालीन टीआई और पन्ना के अभी एसडीओ ग्लैडविन ने गोली मारी थी। ग्लैडविन गिरफ्तार हो चुके हैं।
- तत्कालीन टीआई बघाना मुख्तार कुरैशी- यह एएसपी क्राइम भोपाल में पदस्थ है। यह गुर्जर गिरफ्तार के लिए बनी दूसरी टीम में शामिल थे।
यह अधिकारी अभी कहां पर गायब
- अनिल पाटीदार- एसपी बड़वानी जगदीश डाबर का कहना है कि उन्होंने मां की बीमारी का बोलकर छुट्टी ली है, उन्होंने तीन अप्रैल को वाट्सअप पर 12 दिन की छुट्टी का बोला था, ड्यूटी पर दो अप्रैल से नहीं है।
- विवेक गुप्ता- एसपी धार मनोज सिंह का कहना है कि वह मौखिक छुट्टी पर गए हैं, पिता बीमारी का बोलकर गए हैं, चार दिन की छुट्टी ली थी, अभी नहीं आए।
- मुख्तार कुरैशी- सीपी हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि भोपाल क्राइम ब्रांच में वह पदस्थ है और पारिवारिक कारण से 1 से 30 अप्रैल तक की छुट्टी ली है।
इनके साथ यह भी दल में शामिल आरक्षक मुश्किल में
इसके साथ ही टीआई कुकडेशवर पीएस परमार, प्रधान आरक्षक श्यामलाल सिंह, वेणीराम, आरक्षक अनोखीलाल, अनवर, मंगलसिंह, भगवानसिंह, फतेहसिंह, दुर्गाकर तिवारी, आरक्षक मनुरव्दीन, कमलेंद्र सहित 24 अधिकारी—कर्मचारी उक्त टीम में शामिल थे। सूत्रों के अनुसार 9 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए सीबीआई की टीम कई जगहों पर दबिश दे चुकी है। फिलहाल आरोपी गिरफ्तारी से बाहर है।
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