कर्मचारी बेकाबू...बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी कुलगुरु को सीएम मोहन से मांगनी पड़ी मदद, जानें मामला
News In Short
- भोपाल की BU (Barkatullah University) में प्रशासनिक अव्यवस्था चरम पर है।
- कुलगुरु अपने ही कर्मचारियों की मनमानी से तंग आ गए हैं।
- उन्होंने CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर मदद मांगी है।
- 11 उच्च अधिकारियों को शिकायत की प्रति भेजी गई है।
- MP में किसी विश्वविद्यालय में यह पहली बार हुआ है।
कुलगुरु को CM तक क्यों जाना पड़ा ?
भोपाल की बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि खुद कुलगुरु को राहत के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव का दरवाजा खटखटाना पड़ा। प्रो. सुरेश कुमार जैन ने अपने ही संस्थान के कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी शिकायत तंत्र का सहारा लिया है।
मध्यप्रदेश में किसी भी विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहला मामला माना जा रहा है, जब किसी कुलगुरु ने अपनी ही यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों के खिलाफ इस तरह कदम उठाया हो।
11 जगह भेजी शिकायत की प्रति
कुलगुरु ने CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ इसकी प्रति 11 बड़े अधिकारियों को भेजी है। इनमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव और आयुक्त शामिल हैं। यह कदम बताता है कि विश्वविद्यालय के अंदर की स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक कुलगुरु की शिकायत के बाद उच्च शिक्षा मंत्री दीपक जोशी परमार ने संबंधित मामले को लेकर अपर मुख्य सचिव के साथ रजिस्ट्रार को बैठक में बुलाया। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने भी पत्र की भाषा और स्थिति की गंभीरता पर ध्यान दिया है।
कर्मचारी नहीं दे रहे जानकारी
चौंकाने वाली बात यह है कि, बरकतुल्ला विश्वविद्यालयके विभिन्न वर्गों के स्वीकृत और रिक्त पदों की जानकारी तक कुलगुरु को नहीं दी जा रही है। उन्होंने कई बार जानकारी मांगी लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें अनदेखा कर दिया।
कुलगुरु ने कर्मचारी संघ से भी कह दिया है कि यदि कोई भी आदेश उपलब्ध न हो तो लिखित में स्पष्ट करें। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि ईसी (EC - Executive Council) की बैठक के दौरान कर्मचारियों ने अनुचित विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही बैठक को बाधित करने की कोशिश की।
गोपनीय रिपोर्ट बनी विवाद की जड़
यह मामला तब और उलझा जब 19 फरवरी को विवि में एक गोपनीय रिपोर्ट को लेकर कर्मचारियों ने नारेबाजी और हुड़दंग किया। कुलगुरु का आरोप है कि कर्मचारी प्रशासनिक कामों में सहयोग नहीं कर रहे हैं। कर्मचारी संघ के रजिस्ट्रार फर्म और संस्थाएं विवि में पंजीकृत नहीं हैं। संघ लेटरहेड का उपयोग कर गतिविधियां चला रहा है जो नियमों के खिलाफ है।
BU कर्मचारी बनाम कुलगुरु, कौन सही?
यह मामला महज एक शिकायत तक सीमित नहीं है। यह एक पूरे विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था के चरमराने की कहानी है। जब संस्था का सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति खुद सरकार से मदद मांगने पर मजबूर हो जाए, तो इसका मतलब है कि अंदर की हालत बहुत खराब है।
सरकार और उच्च अधिकारियों की नजर अब इस मामले पर है। देखना यह होगा कि इस अनूठे और अभूतपूर्व मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
FAQ
- बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के कुलगुरु ने CM हेल्पलाइन में शिकायत क्यों की?
कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की मनमानी से परेशान थे। कर्मचारी उन्हें रिक्त और स्वीकृत पदों की जानकारी नहीं दे रहे थे। EC की बैठक में अनुचित विरोध हुआ और प्रशासनिक कामकाज में सहयोग नहीं मिल रहा था। इसीलिए उन्होंने CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज की और 11 उच्च अधिकारियों को प्रति भेजी।
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