छात्र और कर्मचारियों के विरोध से घिरे बीयू कुलगुरु प्रो. एसके जैन की विदाई
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला....
- बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु का इस्तीफा मंजूर
- राज्यपाल को सौंपा था कुलगुरु प्रो.एसके जैन ने त्याग पत्र
- लंबे समय से छात्र और कर्मचारियों के साथ चल रहा था विवाद
- लड़खड़ा गई थी बीयू की प्रशासनिक और अकादमिक व्यवस्था
- एबीवीपी के प्रदर्शन के चलते भेजा गया था लंबी छुट्टी पर
भोपाल स्थित बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में कुलगुरु पद को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को इस्तीफे पर खत्म हुआ। राज्यपाल और कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने प्रो. सुरेश कुमार जैन का इस्तीफा मंजूर कर लिया। जैन ने गुरुवार को ही अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंप दिया था।
राज्यपाल ने मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए विश्वविद्यालय के प्रबंध संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. विवेक शर्मा को नए कुलगुरु की नियुक्ति होने तक कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। प्रो. शर्मा तत्काल प्रभाव से BU का कार्यभार संभालेंगे।
इस्तीफा और नया प्रभार
BU कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने गुरुवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल को अपना इस्तीफा भेजा था। शुक्रवार को राज्यपाल ने उसे स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के तहत प्रो. विवेक शर्मा को नए कुलगुरु की नियुक्ति तक अतिरिक्त प्रभार दिया गया। प्रो. शर्मा BU में प्रबंध संकाय के संकायाध्यक्ष हैं और अब यूनिवर्सिटी की कमान संभालेंगे।
विवादों में घिरे थे कुलगुरु
कुलगुरु जैन पिछले कई महीनों से प्रशासनिक और अकादमिक अव्यवस्था के आरोपों से घिरे थे। छात्रों की मुख्य नाराजगी परीक्षा में देरी और महीनों बाद भी रिजल्ट घोषित न होने को लेकर थी।
कर्मचारी भी वेतन, पदोन्नति और कार्यशैली को लेकर लगातार विरोध कर रहे थे। बीते माह कर्मचारियों का विरोध इतना बढ़ गया कि कुलगुरु को CM डॉ. मोहन यादव से मदद मांगनी पड़ी थी।
सरकार के सामने थी उलझन
कुलगरु को लेकर विवाद बीते सप्ताह चरम पर पहुंच गया था। ABVP ने BU कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। छात्र कुलगुरु के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे।
हालात बेकाबू होते देख उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को खुद कैंपस पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। मंत्री की सलाह पर कुलगुरु जैन को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया था। इसके बाद ही इस्तीफे के कयास तेज हो गए थे।
बीयू अब प्रभारी के भरोसे
राज्यपाल को मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुसार सर्च कमेटी बनाकर BU के लिए स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति करनी होगी। प्रो. विवेक शर्मा का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी व्यवस्था है।
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों की लंबित परीक्षाएं और रिजल्ट को समय पर घोषित करना है। देखना होगा कि नया प्रभारी कुलगुरु कितनी जल्दी व्यवस्था पटरी पर लाता है।
FAQ
- बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने इस्तीफा क्यों दिया?
छात्रों की परीक्षा-रिजल्ट में देरी, कर्मचारियों का लगातार विरोध और ABVP के अनिश्चितकालीन धरने के कारण प्रो. जैन प्रशासन संभालने में असफल रहे। दबाव बढ़ने पर उन्होंने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। - अब BU का कुलगुरु कौन है और कब तक रहेगा?
राज्यपाल ने प्रबंध संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. विवेक शर्मा को नए कुलगुरु की नियुक्ति होने तक अतिरिक्त प्रभार दिया है। स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी बनने के बाद प्रक्रिया शुरू होगी। - छात्रों की मुख्य शिकायत क्या थी जिसके कारण विवाद हुआ?
छात्रों की मुख्य शिकायत परीक्षा समय पर न होना और रिजल्ट महीनों तक घोषित न करना था। इसके अलावा कैंपस में प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर भी वे नाराज थे। इसी मुद्दे पर ABVP ने धरना शुरू किया था।
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