शादी के नाम पर लड़कियों को ठगने वाला गिरफ्तार, कई राज्यों में नेटवर्क की आशंका
समझें क्या है पूरा मामला
- शादी डॉट कॉम के जरिए युवती से संपर्क कर शादी का झांसा दिया था।
- होटल में दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है।
- वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग करता था।
- 2022 के पुराने मामले से आरोपी के खिलाफ बड़ा सुराग मिला है।
- बेंगलुरु से गिरफ्तार आरोपी के कई फर्जी नाम और दस्तावेज सामने आए हैं।
जबलपुर पुलिस के हाथ एक ऐसे शातिर आरोपी तक पहुंचे हैं जिसने शादी के झांसे को अपना हथियार बना लिया था। आरोपी युवतियों को पहले अपने प्रेमजाल में फंसाया करता, फिर शादी का भरोसा देकर उनके करीब पहुंचता। इसके बाद ब्लैकमेलिंग व पैसों की उगाही का खेल शुरू कर देता था। पुलिस को आशंका है कि यह केवल एक मामला नहीं बल्कि कई राज्यों तक फैला हुआ एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है।
शादी डॉट कॉम से शुरू हुई पहचान
महिला थाना पुलिस के अनुसार मार्च 2026 में एक युवती की पहचान शादी डॉट कॉम के माध्यम से एक युवक से हुई थी। युवक ने अपना नाम आदित्य सिंह बताया और खुद को सफल व्यवसायी बताते हुए शादी की इच्छा जाहिर की थी। लगातार बातचीत और भरोसा जीतने के बाद वह जबलपुर पहुंचा और युवती को मिलने के लिए एक होटल में बुलाया। यहीं से कथित धोखाधड़ी और शोषण की कहानी शुरू हुई।
तीन दिन तक चलता रहा भरोसे का खेल
पीड़िता के मुताबिक आरोपी तीन दिनों तक उसे शहर के अलग-अलग होटलों में ले जाता रहा। इस दौरान वह जल्द शादी करने और परिवार से बात करने का भरोसा देता रहा। युवती भी उसके झूठे आश्वासनों पर विश्वास करती रही। लेकिन कुछ दिनों बाद आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और उसके असली इरादे सामने आ गए।
अश्लील फोटो-वीडियो के नाम पर धमकी
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने बाद में व्हाट्सएप कॉल कर दावा किया कि, उसके पास युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हैं। उसने सामग्री वायरल करने की धमकी देते हुए पैसों की मांग की। सामाजिक बदनामी और परिवार की चिंता के कारण युवती लंबे समय तक चुप रही और पुलिस को भी पूरी जानकारी नहीं दे सकी।
मथुरा घूमने का प्रस्ताव बना गिरफ्तारी का कारण
कुछ समय शांत रहने के बाद आरोपी ने फिर से युवती से संपर्क किया और मथुरा घूमने चलने का प्रस्ताव रखा। इसी दौरान युवती ने आरोपी की तस्वीर अपने परिवार को दिखाई और उसके द्वारा चुपके से फोटो लेने की बात भी बताई। परिवार को शक हुआ और उन्होंने आरोपी पर नजर रखने की योजना बनाई। यही सतर्कता आगे चलकर उसकी गिरफ्तारी का कारण बनी।
ट्रेन में बिछा जाल, कटनी स्टेशन पर गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार युवती महाकौशल एक्सप्रेस में सफर कर रही थी जबकि आरोपी दूसरे कोच में मौजूद था। सिहोरा के पास जैसे ही आरोपी युवती को अपने साथ ले जाने पहुंचा, उसी समय युवती का भाई, उसके साथी और जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंच गए। आरोपी को कटनी स्टेशन पर उतारकर जबलपुर लाया गया है। हालांकि उस समय उसने पुलिस को फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी देकर जांच को भटकाने की कोशिश की थी।
पुराने केस से खुली नई परतें
जांच के दौरान पुलिस को साल 2022 के एक पुराने मामले की जानकारी मिली। गोराबाजार थाना क्षेत्र में भी एक युवती ने इसी तरह शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और पैसों की मांग करने की शिकायत दर्ज कराई थी। उस मामले में आरोपी ने अपना नाम दिव्यांशु सिंह बताया था। पुलिस को दोनों मामलों के तरीके और आरोपी की तस्वीरों में समानता दिखाई दी, जिससे जांच को नई दिशा मिली है।
बेंगलुरु में छिपा था आरोपी
महिला थाना और साइबर सेल की टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को उसकी मौजूदगी बेंगलुरु में मिली है। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को उसे जबलपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।
हर दस्तावेज में अलग नाम, असली पहचान भी रहस्य
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी के आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस में अलग-अलग नाम दर्ज मिले हैं। कभी वह राज बनता था, कभी आदित्य सिंह और कभी दिव्यांशु सिंह। पूछताछ में उसने अपना वास्तविक नाम ओमप्रकाश गुप्ता बताया है और खुद को बिहार के आरा जिले का निवासी बताया है। पुलिस अब उसके सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
देशभर में और भी पीड़िताओं की तलाश
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी ने केवल जबलपुर ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी इसी तरह युवतियों को निशाना बनाया होगा। उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ आगे बढ़ने पर कई और पीड़िताओं तथा नए मामलों का खुलासा हो सकता है, जिससे इस पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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