BEO ने अतिथि शिक्षक का वेतन रोका, फिर मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने किया अरेस्ट

Sandeep Kumar | Apr 25, 2026, 23:36 IST
beo Arrest
खरगोन जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक BEO को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोप है कि उन्होंने अतिथि शिक्षक का वेतन निकालने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

News in Short

  • मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति लागू की गई है।
  • लोकायुक्त पुलिस ने खरगोन में ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर को रिश्वत लेते पकड़ा।
  • शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सत्यापन किया और रिश्वत की मांग की पुष्टि की।
  • ट्रैप कार्रवाई में BEO ने 2000 रुपए रिश्वत ली, रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
  • मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद लोकायुक्त पुलिस ने लगातार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

News in Detail

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद लोकायुक्त पुलिस सक्रिय हुई। ताजा मामला खरगोन जिले का है। लोकायुक्त पुलिस ने एक ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर को रिश्वत लेते पकड़ा। यह कार्रवाई लोकायुक्त के सख्त निर्देशों के तहत की गई।



शिकायत के बाद एक्शन

भगवानपुरा तहसील के अनकवाड़ी गांव के सुभाष बर्डे ने शिकायत की थी। उनकी पत्नी सेवंती बर्डे शासकीय प्राथमिक विद्यालय भेड़िया फलिया में अतिथि शिक्षक हैं। उनका नवंबर 2025 का वेतन बिना कारण रोक लिया गया था। सुभाष बर्डे ने संकुल प्राचार्य प्रभात परमार्थी से संपर्क किया। वेतन जारी करने के बदले 2000 रुपए रिश्वत की मांग की गई।



रिश्वत की मांग का आरोप

सुभाष बर्डे ने आरोप लगाया कि वेतन जारी करवाने के बदले प्रभात परमार्थी ने रिश्वत की मांग की थी। दिसंबर 2025 में प्रभात परमार्थी को BEO झिरन्या के पद पर नियुक्त किया गया। फिर भी रिश्वत की मांग जारी रही। इस शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सत्यापन किया और रिश्वत की मांग की पुष्टि की।



लोकायुक्त पुलिस का एक्शन

जांच में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। इंदौर लोकायुक्त पुलिस की टीम खरगोन रवाना की गई। प्रभात परमार्थी ने सुभाष बर्डे को घर बुलाया। जैसे ही BEO ने 2000 रुपए रिश्वत ली, पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है।



मुख्यमंत्री के निर्देशों का असर

एमपी में भ्रष्टाचार को लेकर सीएम मोहन यादव ने जीरो टोलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस लगातार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि राज्य में भ्रष्टाचार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है और कानून सख्त है।



CM मोहन यादव का बड़ा फैसला : अब CCTV की नजर में होगी गेहूं खरीदी, किसानों से बदसलूकी पड़ेगी भारी



घोषणा से पहले नाम लीक ! एमपी में प्राधिकरण अध्यक्ष बनने वालों ने खुद खोल दी लिस्ट, संगठन पर बढ़ा दबाव



शिक्षा के गढ़ में बेटियां पीछे ; दुर्ग-भिलाई में हर साल कम हो रही हैं 1200 बेटियां



एमपी विधानसभा का विशेष सत्र 27 अप्रैल को : नारी शक्ति वंदन पर होगी चर्चा



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • सीएम मोहन यादव
  • रिश्वत
  • खरगोन
  • लोकायुक्त पुलिस