खाद चोरी का बड़ा मामला: बैतूल में 700 बोरी उर्वरक गायब, किसानों की बढ़ी परेशानी
पांच पाइंट में समझें पूरा मामला
- बैतूल के गोदाम से रविवार रात करीब 700 बोरी खाद चोरी हुई।
- चोरी में 668 यूरिया, 32 पोटाश और 5 जिंक शामिल थीं।
- गोदाम में रोशनी, सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड नहीं थे।
- किसानों की खरीफ बुवाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
- पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में किसानों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। खरीफ सीजन में खाद की भारी मांग के बीच आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जामठी के गोदाम से करीब 700 बोरी उर्वरक चोरी हो गए। चोरी की इस घटना ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, चोरी हुई खाद में 668 बोरी यूरिया, 32 बोरी पोटाश और 5 बोरी जिंक शामिल हैं। कुल मूल्य लगभग ढाई लाख रुपए बताया गया है।
गोदाम का ताला तोड़कर चोरी
घटना रविवार रात हुई। अज्ञात चोर ट्रक लेकर आए और सुनियोजित तरीके से गोदाम का ताला तोड़कर खाद की बोरियों को लादकर फरार हो गए।
सोमवार सुबह जब किसानों को खाद वितरण के लिए गोदाम खोला गया, तो ताले टूटे पाए गए और अधिकांश खाद गायब थी। इस पर प्रशासन और पुलिस दोनों सतर्क हो गए।
कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही
गोदाम में न तो पर्याप्त रोशनी थी, न सुरक्षा गार्ड तैनात थे और न ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। हाईवे के पास होने के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में चोरी होना प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करता है।
पुलिस ने बताया कि चोरी में शामिल लोगों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी गई है और आसपास के CCTV फुटेज की भी पड़ताल की जा रही है।
किसानों की खरीफ बुवाई होगी प्रभावित
खरीफ के सीजन में किसान खाद की उम्मीद लगाए बैठे थे। इतनी बड़ी चोरी से बुवाई पर सीधा असर पड़ेगा। प्रशासन और सहकारी समिति दोनों इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं।
किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से उनकी फसल प्रभावित हो सकती है और खरीफ की तैयारी में देरी होगी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
थाना प्रभारी ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। गोदाम के सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में फिर गठित होगा स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल: सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट
करोड़ों की कीमत मगर परफार्मेंस फीका, आईपीएल 2026 में ऐसे रहे एमपी के खिलाड़ियों के हाल
एमपी में स्वास्थ्य व्यवस्था ठप, 32 हजार संविदा स्वास्थ्यकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
बैतूल, गुना की तरह क्या इन 12 जिलों के आबकारी अधिकारी भी हटेंगे, यहां के शराब ठेके इनसे भी कम