इंदौर में गंदे पानी से मौत की वजह भागीरथपुरा पुलिस चौकी, यहां के बाथरूम में चेंबर नहीं, सीधे मैन लाइन में मिल रहा

Sanjay Gupta | Dec 30, 2025, 19:13 IST
Photograph: (the sootr)
इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों का असली कारण पुलिस चौकी का बाथरूम निकला। जानिए कैसे सीवरेज का पानी पीने की पाइप लाइन में मिल गया।

indore.इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी के कारण हुए डायरिया व पेट संबंधी बीमारियों के बाद हुई चार मौतों के बाद इसका कारण खोजने के लिए पूरी निगम टीम लगी हुई थी। 'द सूत्र' को इस संबंध में एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है। यह पूरा कांड भागीरथपुरा पुलिस चौकी से हुए लीकेज के चलते हुआ है।



पुलिस चौकी के बाथरूम में चेंबर नहीं

नगर निगम द्वारा दो दिन से दिन-रात इस लीकेज को तलाशने में टीम लगाई हुई थी। निगमायुक्त दिलीप यादव के साथ ही अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और पूरी टीम एरिया के चप्पे-चप्पे की खाक छान रही थी। इसमें पानी की टंकी के पास ही भागीरथपुरा पुलिस चौकी मौजूद है।



यहां जांच में आया कि इस चौकी के बाथरूम का अलग से सीवरेज चेंबर नहीं है। यहां से पूरा गंदा पानी लीकेज होकर यहां की सप्लाय लाइन में मिल रहा था। इसके चलते यह गंदा पानी कई जगह पर सप्लाय हो गया और इसी के चलते मुख्य तौर पर यह घटना होने की बात सामने आ रही है।





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मौके पर काम शुरू किया गया

नगर निगम ने मौके पर खुदाई कर इस लीकेज को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। अपर आयुक्त सिसोनिया और उनकी पूरी टीम यहां पर लगी हुई है। वहीं सुबह नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ ही पार्षद कमल वाघेला, एमआईसी मेंबर बबलू शर्मा, निगमायुक्त यादव व अपर आयुक्त सहित पूरी टीम ने दौरे भी किए। घरों पर जाकर लोगों के हालचाल पूछे और सभी से अपील की कि वह पानी उबाल कर पिए। वहीं वाटर टैंकर भी भिजवाए जा रहे हैं।



मंत्री ने की दो-तीन मौत की पुष्टि

उधर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले में दो से तीन मौत की पुष्टि की है। साथ ही कहा है कि सभी का उपचार मुफ्त होगा और सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। दोषियों पर कार्रवाई की बात पर मंत्री ने साफ कहा कि यह अभी कोई मुद्दा नहीं है। अभी हमारी चिंता लोगों के स्वास्थ्य और उपचार की है। यह कोई जानबूझकर नहीं करता है, यह तकनीकी त्रुटि है मानवीय नहीं। यह जांच का विषय बाद में देखा जाएगा।



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उधर महापौर यह बोल रहे हैं

वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि 35 लोग डिस्चार्ज हो चुके इतने ही भर्ती है। तीन के दिवंगत की जानकारी मिल रही है। जो दिंवगत हुए उनके परिवार को भी राशि देने के लिए सीएम से मांग की है। इसमें लापरवाही दिखती है। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और निगम की नैतिक जिम्मेदारी भी है। यहां 40 फीसदी ड्रेनेज लाइन में देरी क्यों हुई इसमें क्या लापरवाही हुई इसे देखा जाएगा। सीएम को पूरी घटना बताकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।



वहीं एमआईसी मेंबर बबलू शर्मा ने कहा कि सोमवार से ज्यादा मरीज आने की शिकायत मिली तो सभी टीम ने घर-घर का सर्वे किया। कई कारण नजर आ रहे हैं। टेंडर के एक्जीक्यूशन में देरी हुई है। यह किन की लापरवाही से हुआ है यह जांच का विषय है।



भागीरथपुरा कांड



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