भागीरथपुरा कांड: नहीं थम रहीं मौतें, दूषित पानी से 18वीं जान गई

Rahul Dave | Jan 06, 2026, 23:40 IST
Photograph: (the sootr)
भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण हो रही मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 18वीं मौत हो चुकी है और इलाके में बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।

INDORE. इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन जहां हालात नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है, वहीं जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है। अब इस त्रासदी में 18वीं मौत सामने आई है। कुलकर्णी नगर निवासी 80 वर्षीय हरकुंवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का साफ आरोप है कि यह मौत भागीरथपुरा में सप्लाई हो रहे दूषित पानी की वजह से हुई है।

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बेटी के घर आई मां की चली गई जान

मृतका की बेटी निर्मला ने बताया कि उनकी मां हरकुंवर 20 दिसंबर से भागीरथपुरा स्थित उनके घर पर रह रही थीं। 30 दिसंबर को अचानक उन्हें उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत शुरू हुई। पहले स्थानीय निजी क्लीनिक में इलाज कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें कुलकर्णी नगर स्थित बेटे के घर ले जाया गया। एक जनवरी की रात उनकी मौत हो गई और 2 जनवरी को अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों का कहना है कि बीमारी के लक्षण वही थे, जो भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अन्य पीड़ितों में सामने आए हैं। बावजूद इसके, प्रशासन की कोई टीम अब तक उनके घर नहीं पहुंची। यह खबरें भी पढ़ें... भागीरथपुरा में पहुंचे कांग्रेसी नेता, पटवारी और उमंग सिंघार बोले-17 से ज्यादा मौत हुई, महापौर इस्तीफा दें इंदौर का भागीरथपुरा एपिडेमिक क्षेत्र घोषित नहीं हुआ, CMHO के एक आदेश से हुआ था असमंजस

एक ही परिवार के चार सदस्य अब भी बीमार

मृतका की बेटी निर्मला ने बताया कि मां की मौत के बाद भी परिवार पर संकट टला नहीं है। • भांजी पूजा सीएचएल अस्पताल में भर्ती है • 11 वर्षीय काव्या, • स्वयं निर्मला और • उनकी बेटी महक लगातार उल्टी-दस्त का प्रकोप देखा जा रहा हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि आज भी नलों से गंदा पानी आ रहा है, जिसके चलते लोग मजबूरी में पीने का पानी खरीदने को विवश हैं।

अस्पतालों में बढ़ती भीड़, 16 मरीज ICU में

भागीरथपुरा की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। वर्तमान में 99 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 16 मरीज आईसीयू में हैं। इनमें दो मरीजों की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। इंदौर प्रशासन मरीजों को एमवाय अस्पताल, अरविंदो अस्पताल और चाचा नेहरू अस्पताल में रेफर कर रहा है और नि:शुल्क इलाज का दावा कर रहा है। यह खबरें भी पढ़ें...



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