6 अप्रैल से रोज होगी भोजशाला केस में सुनवाई, जल्द आएगा फैसला
News In Short
- भोजशाला केस फिर हाईकोर्ट में शुरू हुआ है।
- 6 अप्रैल से रोज सुनवाई होगी।
- सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं मिली।
- सभी याचिकाओं को साथ में सुना जाएगा।
- जल्द इस मामले में फैसला आ सकता है।
News In Detail
इंदौर हाईकोर्ट में भोजशाला केस ने फिर रफ्तार पकड़ी है। गुरुवार को इस केस पर अहम फैसला लिया गया। हाईकोर्ट इंदौर डबल बेंच ने तय किया कि अब सुनवाई ( Dhar Bhojshala case hearing) रोज होगी। यह मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। अब लोग इसके फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
कब से और कैसे होगी रोज सुनवाई
कोर्ट ने सुनवाई की नई तारीख तय की है। बता दें 6 अप्रैल, सोमवार से रोज सुनवाई होगी। हर दिन दोपहर ढाई बजे के बाद सुनवाई शुरू होगी। यह सुनवाई लगातार हर दिन चलेगी। इससे केस जल्दी खत्म होने की उम्मीद है।
सुनवाई का क्रम कैसे तय हुआ
कोर्ट ने सुनवाई का पूरा क्रम तय किया है। पहले रिट पिटीशन को सुना जाएगा। इसके बाद रिट अपील पर सुनवाई होगी। समय बचा तो अन्य पक्ष भी सुने जाएंगे। पहले याचिकाकर्ता अपनी बात रखेंगे। फिर दूसरे पक्ष को सुना जाएगा।
किन याचिकाओं को पहले सुना जाएगा
इस केस के साथ विविध रिट पिटीशन और रिट अपील लिंक है। इसमें पहले क्रम पर हिंदू फ्रंट फार जस्टिस प्रेसीडेंट आर. अग्निहोत्री है। फिर अंतर सिंह व अन्य की याचिका। इसके बाद मौलाना कमालउद्दीन वेलफेयर सोसायटी धार अब्दुल समद, इसके बाद कुलदीप तिवारी की याचिका। आखिर में काजी जकुलल्लाह की रिट अपील है। वहीं भोजशाला को जैन मंदिर बताने को लेकर लगी सलेक चंद जैन की याचिका भी है जो बाद में लगी है।
कौन कौन वकील इस केस में शामिल
इस केस में कई बड़े वकील जुड़े हैं। हिंदू पक्ष की (धार भोजशाला) ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन मौजूद रहे। उनके साथ अधिवक्ता विनय जोशी भी कोर्ट में रहे। याचिकाकर्ता आशीष गोयल भी पहुंचे। मुस्लिम पक्ष की ओर से सलमान खुर्शीद जुड़े। वे वीडियो कॉन्फ्रेंस से सुनवाई में शामिल हुए। जबलपुर से शोभा मेनन भी वीडियो से जुड़ीं थीं।
सुप्रीम कोर्ट के बाद क्यों तेज हुआ मामला
मुस्लिम पक्ष को (भोजशाला न्यूज) सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। इसके बाद केस फिर हाईकोर्ट में आया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी बातें वहीं रखें। हाईकोर्ट ही इस पर फैसला देगा। इसके बाद केस की सुनवाई अब तेज हुई है।
फैसले में कितना समय लग सकता है
माना जा रहा है कि रोज सुनवाई (धार की भोजशाला विवाद) में करीब सप्ताह भर का समय लगेगा। सभी पक्षों को पूरा मौका दिया जाएगा। इसके बाद कोर्ट फैसला सुना सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले समय सीमा तय की थी। 90 दिन में फैसला देने को कहा गया था। अब उसी दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
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