घटिया निर्माण की खुली पोल: उद्घाटन से पहले ही धंसा इंदौर-एदलाबाद हाईवे पुल

Manya Jain | Jun 15, 2026, 16:56 IST
bharatmala bridge collapsed khargone nhai
खरगोन में भारतमाला हाईवे का नया ब्रिज दो महीने में ही धंस गया। 4 इंच कंक्रीट और 10MM सरिये से बने ब्रिज की गुणवत्ता पर सवाल। ठेकेदार ने खामी मिट्टी से छिपाई।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • इंदौर से एदलाबाद के बीच भारतमाला नेशनल हाईवे पर एक नया ब्रिज धंस गया।
    • यह ब्रिज खरगोन जिले के बासवां गांव के पास बना था।
    • इसे बने सिर्फ दो महीने हुए थे और अभी यातायात शुरू नहीं हुआ था।
    • ब्रिज में 4 इंच कंक्रीट और 10MM सरिये का इस्तेमाल पाया गया।
    • खामी छिपाने के लिए धंसी जगह पर बारदान और मिट्टी डाल दी गई।

    मुश्ताक मंसूरी की रिपोर्ट



    दो महीने में धंस गया नया ब्रिज

    खरगोन जिले के बासवां गांव के पास खिरकिया नदी पर बना ब्रिज अचानक धंस गया। यह घटना उस वक्त सामने आई जब ब्रिज पर यातायात अभी शुरू भी नहीं हुआ था।



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    ब्रिज की स्लैब धंसने से एक बड़ा गड्ढा बन गया। कंक्रीट बाहर आ गया और अंदर से सरिये बाहर आ गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।



    घर की छत से भी कमजोर निकली स्लैब

    जानकारों के मुताबिक इस ब्रिज की स्लैब में सिर्फ 10MM (MM – Millimetre) मोटाई के सरिये लगाए गए। वह भी केवल दो लेयर में। कंक्रीट की मोटाई मात्र 4 इंच रखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि एक सामान्य घर की छत की स्लैब इससे बेहतर और मजबूत होती है। किसी हाईवे ब्रिज के लिए यह मानक बेहद निम्न है।



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    ठेकेदार ने मिट्टी से छिपाई पोल

    ब्रिज धंसने की खबर फैलते ही ठेकेदार के कर्मचारी सक्रिय हो गए। उन्होंने स्लैब गिरने वाली जगह पर पहले बारदान यानी बोरियां बिछाईं। फिर उस पर मिट्टी डाल दी और आसपास पत्थर लगाकर दोनों तरफ बैरिकेड खड़े कर दिए।



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    ग्रामीणों ने यह सब देखकर तुरंत वीडियो बनाए और निर्माण में हुई गड़बड़ी को सामने लाया। ग्रामीणों के इस कदम से मामला तेजी से फैला और प्रशासन की नींद खुली।



    3900 करोड़ की परियोजना, किसे मिला ठेका

    इंदौर से एदलाबाद तक का यह नेशनल हाईवे कुल 203 किलोमीटर लंबा है। इसकी कुल निर्माण लागत 3900 करोड़ रुपए है। यह परियोजना भारतमाला के तहत बन रही है।



    खरगोन के बलवाड़ा से खंडवा के धनगांव के बीच 39 किलोमीटर के हिस्से का ठेका जीएचवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (GHV India Private Limited) को मिला है। जीएचवी ने यह काम आगे पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया। नर्मदा नदी पर ब्रिज का काम मंगलम बिल्डकॉन कंपनी के पास है। बाकी सड़क और ब्रिज का निर्माण नागपुर की केदारेश्वर कंपनी कर रही है।



    केदारेश्वर कंपनी का ओंकारेश्वर से भी जुड़ाव

    यह केदारेश्वर कंपनी सिर्फ इसी हाईवे पर काम नहीं कर रही। यही कंपनी मध्यप्रदेश सरकार के PWD (Public Works Department) के तहत ओंकारेश्वर फोरलेन का निर्माण भी कर रही है। उस फोरलेन की कनेक्टिविटी इसी इंदौर हाईवे से होनी है। यह बात इस मामले को और संवेदनशील बनाती है। एक ही कंपनी दो बड़े सरकारी प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और दोनों का भविष्य आपस में जुड़ा है।



    NHAI की दो यूनिटें, जिम्मेदारी किसी की नहीं

    यह प्रोजेक्ट पहले NHAI (National Highways Authority of India) की इंदौर यूनिट के पास था। काम में देरी के कारण इसी साल यह हिस्सा खंडवा यूनिट को सौंपा गया।



    जो ब्रिज धंसा, वह इंदौर यूनिट के कार्यकाल में बना था। अब खंडवा यूनिट के अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। दोनों यूनिटें एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रही हैं।



    प्रोजेक्ट मैनेजर बोले, मुझे जानकारी नहीं

    जीएचवी इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर रुद्रा हजांगे पहले यह कहते रहे कि ऐसी कोई घटना उनके कार्यक्षेत्र में नहीं हुई और अगर हुई भी है तो यह सामान्य मामला है। मामला बढ़ता देख सफाई देने लगे कि एक ओवरलोड वाहन पुलिया पर चढ़ गया था और फंस गया था। उसे निकालने के दौरान छत के एक हिस्से को तोड़ना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हुआ है।



    अगर ट्रैफिक शुरू हो जाता तो क्या होता

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह हाईवे चालू हो जाता और कोई भारी वाहन इस पर से गुजरता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।



    यह ब्रिज खिरकिया नदी के ऊपर बना है। नदी पर बने इस ब्रिज का धंसना दुर्घटना की आशंका को और भी गंभीर बनाता है। NHAI और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही अब सवालों के घेरे में है।



    FAQ

    1. इंदौर-एदलाबाद भारतमाला ब्रिज में क्या हुआ?
      ब्रिज बनने के दो महीने बाद ही बासवां गांव के पास धंस गया।
    2. क्या इस घटना में कोई घायल हुआ है क्या?
      नहीं, ब्रिज पर अभी तक ट्रैफिक शुरू नहीं हुआ था। इस वजह से घटना के समय कोई घायल नहीं हुआ है।
    3. ब्रिज में किस तरह की निर्माण खामियां सामने आईं?
      रिपोर्ट के अनुसार 4 इंच कंक्रीट और 10MM सरिया इस्तेमाल हुआ और खामी छिपाई गई।

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