नहीं थम रहा मौतों का आंकड़ा, MP की जहरीली शराब से फिर तीन की मौत, 61 बीमार
समझें क्या है पूरा मामला...
- गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब से 22 अगस्त को तीन और मौतें हुईं।
- गैर-सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 15 बताई जा रही है।
- सर टी. अस्पताल में अविनाश परमार और हार्दिकभाई किलजी की इलाज के दौरान मौत हुई।
- शराब पीकर सूरत गए संजयसिंह डोडिया ने भी वहां दम तोड़ दिया।
- मुरैना के नरेंद्र यादव उर्फ डॉक्टर की भूमिका सामने आई है।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा
भावनगर में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 22 अगस्त को तीन और लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 12 हो गई है।
वहीं गैर-सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह संख्या 15 तक पहुंच चुकी है। प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन अभी भी हर मामले की अलग से पुष्टि कर रहे हैं। इससे आंकड़ों में अंतर देखने को मिल रहा है।
किन-किन की हुई मौत
सर टी. अस्पताल में दो लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। इनमें घोघा रोड निवासी अविनाश परमार और 35 वर्षीय हार्दिकभाई किलजी शामिल हैं। दोनों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था।
इसके अलावा संजयसिंह डोडिया की मौत सूरत में हुई। वे जहरीली शराब (जहरीली शराब MP) पीने के बाद इलाज के लिए सूरत गए थे। वहां भी डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके।
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61 से ज्यादा लोग बीमार
इस हादसे में अब तक 61 से ज्यादा लोगों को इलाज की जरूरत पड़ चुकी है। कई मरीजों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मुख्य आरोपी रईस गिरफ्तार
वहीं इस पूरे कांड के मुख्य आरोपी रईस को गुजरात पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। उसकी ससुराल भोपाल के करौंद इलाके में बताई जा रही है।
जांच में सामने आया कि रईस पिछले डेढ़ महीने से भावनगर में रहकर घटिया शराब बना रहा था। पुलिस अब उससे सप्लाई चेन को लेकर पूछताछ कर रही है। मामले में कुल 21 आरोपी बताए गए हैं, जिनमें से 13 पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
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मुरैना के डॉक्टर की भूमिका
जांच में मुरैना निवासी नरेंद्र यादव उर्फ डॉक्टर की भूमिका भी सामने आई है। नकली शराब बनाने में महारत के चलते उसे यह नाम मिला था।
पुलिस के मुताबिक रईस ने नरेंद्र को खासतौर पर गुजरात बुलाया था। दोनों मिलकर भावनगर के एक तस्कर के साथ शराब तैयार कर रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नरेंद्र ने खुद भी वही जहरीली शराब पी जिससे उसकी भी मौत हो गई।
कैसे शुरू हुआ मामला
दरअसल यह हादसा 16 अगस्त की रात शुरू हुआ था। घोघा के एक गांव में एक पार्टी रखी गई थी। पुलिस के अनुसार शराब एक स्थानीय तस्कर से ली गई थी और उसे मशहूर ब्रांड की बोतलों में परोसा गया।
पार्टी के कुछ घंटों बाद ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। इसके बाद अलग-अलग इलाकों से भी ऐसे मामले सामने आते गए।
पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज
लापरवाही के आरोप में अब तक 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इनमें दो पुलिस इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि तस्करी इतने बड़े स्तर पर कैसे चलती रही।
एफएसएल जांच में खुलासा
एफएसएल (FSL – Forensic Science Laboratory) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जब्त शराब के नमूने में सामान्य एथेनॉल की बजाय भारी मात्रा में मेथनॉल पाया गया। यही जहरीला तत्व कई लोगों की मौत की वजह बना।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में मेथनॉल कहां से और कैसे लाया गया। सप्लाई चेन में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश भी जारी है।
FAQ
- भावनगर शराबकांड में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 12 है। गैर-सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह संख्या 15 तक पहुंच चुकी है।
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