धार भोजशाला की सुनवाई टली, शुक्रवार की नमाज पर विवाद अब भी बरकरार
समझें क्या है पूरा मामला...
- ऐतिहासिक भोजशाला मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में अब 29 अक्टूबर को होगी।
- गुरुवार को तय सुनवाई नहीं हो पाई।
- 5 अगस्त से यह सुनवाई लगातार टल रही है।
- परिसर में हर शुक्रवार होने वाली नमाज को लेकर विवाद अभी भी बना हुआ है।
- मंदिर पक्ष और मुस्लिम पक्ष, दोनों अब अगली तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। इस मामले की सुनवाई देश की सबसे बड़ी अदालत में चल रही है। गुरुवार 20 अगस्त को इस मामले में सुनवाई प्रस्तावित थी। लेकिन यह सुनवाई नहीं हो सकी।
अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तारीख तय की है। यानी करीब दो माह बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति साफ हो पाएगी। बता दें कि 5 अगस्त से ही इस केस की सुनवाई बार-बार टलती आ रही है।
नमाज को लेकर विवाद बरकरार
भोजशाला परिसर से जुड़े खसरा नंबर 612 में हर शुक्रवार नमाज होती है। यह विवाद पिछले काफी समय से चल रहा है। मंदिर पक्ष इस व्यवस्था का लगातार विरोध कर रहा है।
मंदिर पक्ष का कहना है कि यह जगह भोजशाला के पीछे 100 मीटर के दायरे में आती है। ऐसे में यहां नमाज की इजाजत नहीं होनी चाहिए। इसी बिंदु को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बना हुआ है।
हिंदू पक्ष की क्या मांग
हिंदू पक्ष की तरफ से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI – Archaeological Survey of India) से जुड़े नियमों का पालन कराने की मांग की जा रही है।
भोजशाला एक संरक्षित स्मारक है। इस वजह से यहां तय प्रावधानों को लागू करने की बात कही जा रही है।
इस मांग को लेकर पहले भी कई स्तरों पर ज्ञापन दिए जा चुके हैं। हिंदू पक्ष का कहना है कि नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।
मुस्लिम पक्ष का रुख
दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष खसरा नंबर 612 में नमाज की मौजूदा व्यवस्था को सही ठहराता रहा है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम हैं। अभी तक इस विवाद का कोई हल नहीं निकल सका है।
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